samacharsecretary.com

Haryana RTE News: 1107 निजी स्कूल हुए ब्लैकलिस्ट, नियमों के उल्लंघन पर सरकार का बड़ा एक्शन

हिसार.

शिक्षा निदेशालय की बार-बार चेतावनी देने के बावजूद आखिरकार 22 जिलों के 1107 निजी स्कूलों पर गाज गिर चुकी है। मुख्यमंत्री के आदेश पर उपरोक्त स्कूलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही दाखिले करने की पावर भी छीन ली गई है।

खास बात है कि मुख्यमंत्री ने उपरोक्त ब्लैक लिस्ट में शामिल निजी स्कूलों पर ताला जड़ने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। कारण यह है कि प्रदेश के 1107 निजी स्कूल मान्यता से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। निदेशालय की बार-बार चेतावनी के बावजूद आरटीई के तहत नियमों को पालन नहीं किया, जिस पर निदेशालय ने उपरोक्त कार्रवाई कर दी है।

कैथल, गुरुग्राम व हिसार में सर्वाधिक अवैध स्कूल होंगे बंद
शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी रिपोर्ट में सर्वाधिक कैथल में 162, गुरुग्राम में 99 व हिसार में 98 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। सबसे कम फतेहाबाद में है जहां 10 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री के गृह जिला पानीपत में 92 निजी स्कूल अवैध चल रहे हैं, जिसे बंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं।

ब्लैक लिस्ट होने वाले निजी स्कूलों का ब्योरा
जिला     ब्लैक लिस्ट संख्या
कैथल     162
गुरुग्राम     99
हिसार     98
पानीपत     92
भिवानी     76
फरीदाबाद     70
जींद     67
रोहतक     63
करनाल     57
यमुनानगर     51
सोनीपत     45
महेंद्रगढ़     33
पलवल     30
झज्जर     28
चरखी दादरी     23
कुरुक्षेत्र     22
अंबाला     20
रेवाड़ी     16
सिरसा     16
नूंह मेवात     15
पंचकूला     14
फतेहाबाद     10
कुल योग     1107
413 निजी स्कूलों को दिया था मौका, मानक अधूरे मिले
प्रदेश में 413 निजी स्कूलों को मर्सी चांस दिया गया था, जो मानकों को पूरा करने का दावा कर रहे थे। लेकिन मान्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन स्कूलों पर भी कार्रवाई की गई है। तीन साल से अवैध स्कूल शिक्षा निदेशालय की आंखों में धूल झोंक कर रहे हैं। मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक ने कहा कि हमने प्रदेश के 1107 निजी स्कूलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। सर्वाधिक कैथल में 162, गुरुग्राम में 99 व हिसार में 98 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। अब अगली प्रक्रिया में इन स्कूलों पर ताला जड़ा जाएगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here