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बालों के लिए चावल के पानी का इस्तेमाल: फायदे, नुकसान और सही विधि

आजकल हर कोई चाहता है कि उसके बाल लंबे, घने और चमकदार हों. लेकिन, प्रदूषण, तनाव, गलत खानपान और केमिकल वाले प्रोडक्ट्स के कारण बालों की हालत बिगड़ती जा रही है. ऐसे में लोग घरेलू नुस्खों की ओर लौट रहे हैं और एक ऐसा ही चमत्कारी उपाय है चावल का पानी. जी हां, वही चावल जिसे हम रोज पकाते हैं, उसका बचा हुआ पानी बालों के लिए वरदान साबित हो सकता है. चावल का पानी सदियों से बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल होता आया है. जापान, चीन और कोरिया की महिलाएं अपने लंबे और मजबूत बालों का श्रेय इसी घरेलू नुस्खे को देती हैं. इसमें विटामिन B, C, E, अमीनो एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बालों को गहराई से पोषण देते हैं. चावल के पानी से बाल धोने के फायदे बालों की ग्रोथ बढ़ाता है चावल का पानी स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है और बालों की जड़ों को पोषण देता है. इससे बाल की ग्रोथ में सुधार होता है और बाल तेजी से बढ़ते हैं. बालों को बनाता है मुलायम चावल का पानी बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करता है. इसमें मौजूद इनोजिटोल बालों की बाहरी परत को स्मूथ करता है, जिससे बाल सिल्की और शाइनी दिखते हैं. डैंड्रफ और खुजली से राहत चावल के पानी में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प को साफ करके डैंड्रफ और खुजली को दूर करने में बेहद मददगार हैं. टूटना और दोमुंहे बाल चावल का पानी बालों की टूट-फूट और दोमुंहापन कम करता है अमीनो एसिड्स बालों को मजबूत बनाते हैं और दोमुंहे बालों की समस्या को धीरे-धीरे कम करते हैं. स्कैल्प का pH बैलेंस करता है चावल का पानी स्कैल्प को डीटॉक्स करता है और pH लेवल को संतुलित रखता है, जिससे बाल और स्कैल्प दोनों स्वस्थ रहते हैं. चावल पानी के नुकसान     सेंसिटिव स्कैल्प पर जलन कुछ लोगों को इससे एलर्जी या जलन हो सकती है, खासकर अगर पानी को ज्यादा देर तक रखा गया हो.     बालों में चिपचिपाहट अगर बालों में ठीक से न धोया जाए तो चावल का पानी बालों को चिपचिपा बना सकता है.     फर्मेंटेड पानी से बदबू अगर पानी को ज्यादा दिन तक रखा जाए तो उसमें बदबू आ सकती है, जिससे बालों में दुर्गंध हो सकती है.

एक से बढ़कर एक स्मार्टफोन सितंबर में, जानिए शानदार फीचर्स

नई दिल्ली स्‍मार्टफोन्‍स की दुनिया का सबसे खास महीना आ गया है। सितंबर 2025 में एक से बढ़कर एक स्‍मार्टफोन लॉन्‍च होने के लिए तैयार हैं, जिनमें से कुछ की कन्‍फर्म लॉन्‍च डेट भी आ गई है। इन फोन्‍स में एक से बढ़कर एक फीचर्स मिलने की उम्‍मीद है, जिन्‍हें जानकर हर गैजेट लवर कह देगा, भई वाह! इस महीने सबसे बड़ा लॉन्‍च ऐपल की तरफ से होने जा रहा है, जब कंपनी अपनी लेटेस्‍ट आईफोन 17 सीरीज को अनवील करेगी। इसके अलावा टेक्‍नो की तरफ से दुनिया का सबसे पतला 3डी कर्व्‍ड डिस्‍प्‍ले स्‍मार्टफोन लॉन्‍च होने की रेडी है। सैमसंग भी अपनी गैलेक्‍सी एस सीरीज का सबसे सस्‍ता मॉडल लेकर आएगी और रियलमी की तरफ से उसकी नंबर सीरीज में फोन लॉन्‍च किए जाएंगे। Iphone 17 सीरीज के साथ सबसे पतला आईफोन इस साल का ऐपल इवेंट 9 सितंबर को होने जा रहा है। इसका नाम ऐपल ऑ ड्रॉपिंग इवेंट (Apple Awe Dropping event) है। कंपनी अपने लेटेस्‍ट आईफोन्‍स को इस इवेंट के जरिए पेश करेगी। हमेशा की तरह iphone 17, iphone 17 Pro और iphone 17 pro max मॉडल को लॉन्‍च किया जाएगा। लेकिन इवेंट का सबसे खास गैजेट होने वाला है iphone 17 Air, जो ऐपल का अबतक का सबसे पतला आईफोन होगा। कंपनी आईफोन 17 प्‍लस को स्‍कि‍प कर सकती है। इसके अलावा नई ऐपल वॉच और एयरपॉड्स को पेश किया जा सकता है। दुनिया का सबसे पतला 3डी कर्व्‍ड डिस्‍प्‍ले स्‍मार्टफोन टेक्‍नो की तरफ से इस महीने दुनिया का सबसे पतला 3डी कर्व्‍ड डिस्‍प्‍ले स्‍मार्टफोन- POVA Slim 5G लॉन्‍च होने जा रहा है। 4 सितंबर को यह फोन लॉन्‍च होगा, जिसे सिर्फ 5.95mm पतला बताया जा रहा है। इस स्‍लीकनेस के साथ फोन में 5200 एमएएच की बैटरी मिलने वाली है। फोन में 6.78 इंच का एमोलेड डिस्‍प्‍ले और 144 हर्त्‍ज रिफ्रेश दिया जाने वाला है। कहा जाता है कि फोन 80 हजार रुपये की प्राइस रेंज में आएगा। 4 सितंबर को सैमसंग का गैलेक्‍सी इवेंट साउथ कोरियाई दिग्‍गज सैमसंग 4 स‍ितंबर को एक और गैलेक्‍सी इवेंट करने जा रही है। इस इवेंट में गैलेक्‍सी एस सीरीज के नए मॉडल को लाया जाएगा। यह Galaxy S25 FE हो सकता है। इसके अलावा Samsung Galaxy Tab S11 सीरीज को पेश किया जा सकता है। S25 FE कंपनी की फ्लैगशिप सीरीज का सबसे सस्‍ता मॉडल होने वाला है। अगर यह 50 हजार रुपये की प्राइस रेंज में आता है तो मुकाबला गूगल पिक्‍सल 9ए, वनप्‍लस 13एस जैसे स्‍मार्टफोन्‍स से होने की उम्‍मीद है। realme 15T भी देगा दस्‍तक रियलमी की तरफ से realme 15T को इस महीने पेश किया जाएगा। यह फोन 2 सितंबर को लॉन्‍च होने जा रहा है। अपकमिंग रियलमी फोन में 7 हजार एमएएच की बैटरी दी जा सकती है साथ ही 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा इस फोन में मिलने वाला है। फोन में कई एआई फीचर्स भी ऑफर किए जाएंगे। बड़ी बैटरी के साथ यह फोन सिर्फ 181 ग्राम वजन में होने वाला है। इसके अलावा, कई और ब्रैंड इस महीने अपनी डिवाइसेज लॉन्‍च करेंगे। 1 सितंबर को मोटोरोला अपना लेटेस्‍ट फोन और ईयरबड्स लॉन्‍च कर रही है।

भारत के पड़ोसी ने बनाया 6G चिप, टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया कीर्तिमान

बीजिंग  चीन ने दुनिया का पहला 6G चिप डेवलप किया है, जो रिमोट एरिया में भी हाई स्पीड इंटरनेट प्रोवाइड कराएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा इंटरनेट स्पीड की तुलना में  6G चिप से 5 हजार गुना फास्ट इंटरनेट स्पीड मिलेगी. इससे ग्रामीण इलाकों को भी फायदा होगा, जहां अभी तक हाई स्पीड इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, चीनी रिसर्चर ने इस चिपसेट को बीजिंग के पेकिंग यूनिवर्सिटी और हांगकांग की सिटी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर के साथ मिलकर तैयार किया है. इसको ऑल फ्रीक्वेंसी 6G सॉल्यूशन बताया गया है, जो मोबाइल स्पीड को कई गुना बढ़ सकता है.   6G चिप का साइज  चीनी रिसर्चर ने जिस 6G चिपसेट को डेलवल किया है, उसका साइज 11mm X 1.7mm का है. यह चिपसेट लो फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकता है. इससे मोबाइल और अन्य डिवाइस को बेहतर स्पीड के साथ अच्छी कनेक्टिविटी भी मिलेगी. 6G चिपसेट की मदद से एक सेकंड में 100GB डेटा को ट्रांसफर कर सकते हैं. यह पूरी तरह से वायरलेस स्पेक्ट्रम पर काम करेगा. 1 सेकंड में ट्रांसफर होगी 50GB की मूवी उदाहरण के रूप में समझें तो यह 6G चिपसेट की मदद से 50GB की HD 8K मूवी को एक सेकंड के अंदर डाउनलोड किया जा सकेगा. यह स्पीड अर्बन और रूरल एरिया दोनों इलाकों में मिलेगी.  चिपसेट क्या होता है और यह कैसे काम करता है?   चिपसेटकंप्यूटर, मोबाइल या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए उतना ही जरूरी है, जितना इंसान के लिए ब्रेन जरूरी है. चिपसेट असल में मेमोरी, स्टोरेज, ग्राफिक्स और बाकी हार्डवेयर के बीच एक कम्युनिकेशन्स बनाता है.  6G की स्पीड के साथ चिताएं भी बढ़ेंगी  5G और 6G के बेनेफिट्स के बावजूद इन टेक्नोलॉजी को आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है. कई एक्सपर्ट का मानना है कि 6G में हाई फ्रीक्वेंसी बैंड्स का यूज करने की वजह से  इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन भी बढ़ सकता है. यह ह्यूमन हेल्थ को खतरे में डाल सकते हैं.  साइबर खतरे भी बढ़ सकते हैं  साथ ही जैसे-जैसे कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट होंगे, उसके साथ ही साइबर खतरे भी बढ़ सकते हैं. डेटा प्राइवेसी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं.  कॉम्पैक्ट चिप पर कई खूबियां जहां मौजूदा 5G वायरलेस टेक्नोलॉजी सीमित फ्रीक्वेंसी रेंज पर काम करती हैं. ये लेटेस्ट डेवलप 6G चिप पूरे स्पेक्ट्रम 0.5 GHz से लेकर 115 GHz तक को एक 11mm x 1.7mm के कॉम्पैक्ट चिप पर लेकर आता है. 

सैमसंग-एप्पल नहीं, इस कंपनी ने बनाया सबसे स्लिम 3D कर्व्ड डिस्प्ले फोन

नई दिल्ली दुनिया का सबसे पतला 3D कर्व्‍ड डिस्‍प्‍ले स्‍मार्टफोन भारत में 4 सितंबर को लॉन्‍च किया जाएगा। POVA Slim 5G नाम के इस फोन को सैमसंग या ऐपल की तरफ से नहीं, बल्कि ट्रांस‍ियन होल्‍ड‍िंग के ब्रैंड टेक्‍नो की तरफ से लाया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इस फोन के जरिए यूजर्स को बेहद अल्‍ट्रा स्‍ल‍िम लुक की पेशकश की जाएगी। दावा किया गया है कि रोजाना के इस्‍तेमाल में इस फोन के साथ यूजर्स को अच्‍छा फील आने वाला है। कुछ दिन पहले यह बताया गया था कि फोन को 80 हजार रुपये की प्राइस रेंज में लाया जा सकता है। फोन के कुछ खास फीचर्स भी सामने आए हैं। POVA Slim 5G के अनुमानित फीचर्स POVA Slim 5G को लेकर कहा जाता है कि यह 5.95mm पतला होगा। इसमें 6.78 इंच का एमोलेड डिस्‍प्‍ले और 144 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट वाला डिस्‍प्‍ले मिलेगा। फोन में 50 मेगापिक्‍सल के रियर कैमरा मिलने वाले हैं और यह 5200 एमएएच बैटरी के साथ आएगा। कहा जाता है कि टेक्‍नो के स्‍ल‍िम स्‍मार्टफोन में स्‍टेनलेस स्‍टील फ्रेम मिलेग और यह कई सारे कलर ऑप्‍शंस में लॉन्‍च होगा। मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस में दिखी थी झलक टेक्‍नो ने इसी साल मार्च में मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस में भी एक फोन की झलक दिखाई थी। उसे दुनिया का सबसे पतला स्‍मार्टफोन कहा गया था। तब फोन का नाम TECNO Spark Slim कॉन्सेप्ट फोन बताया गया था। भारत में POVA Slim 5G को लेकर आया जा रहा है। ऐसे में थोड़ा कन्‍फ्यूजन इस बात को लेकर है कि यह वो ही फोन होने वाला है या कंपनी कुछ नया भारत में लेकर आ रही है। कंपन‍ियां लॉन्‍च कर रहीं स्‍ल‍िम स्‍मार्टफोन मोबाइल कंपनियां लगातार डिजाइन पर काम कर रही हैं। हाल के समय में हमने कई ऐसे स्‍मार्टफोन्‍स देखे, जिनका प्रोफाइल स्‍ल‍िम है। रियलमी ने 7 हजार एमएएच बैटरी के साथ स्‍ल‍िम और लाइटवेट स्‍मार्टफोन लॉन्‍च किए हैं, जिनका वजन 200 ग्राम से कम है। सैमसंग अपनी प्रीमियम एस सीरीज में ‘गैलेक्‍सी एस25 ऐज’ फोन को ला चुकी है। अब टेक्‍नो की तरफ से पोवा स्‍ल‍िम को लाया जा रहा है। खास बात है कि सितंबर में ही ऐपल की तरफ से भी उसका सबसे पतला स्‍मार्टफोन आईफाेन 17 एयर पेश किया जा सकता है।

स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं? आंखों की रोशनी बचाने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय

आज की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी और मोबाइल-लैपटॉप की लगातार स्क्रीन टाइम ने सबसे ज्‍यादा असर हमारी आंखों पर ही डाला है। आधे से ज्‍यादा लोगों को आंखों से जुड़ी कई समस्‍याएं हाेने लगी हैं। दरअसल, लगातार स्क्रीन पर देखने से आंखों में थकान, जलन, ड्राईनेस और धुंधलेपन की समस्‍या आम हो गई है। अगर इन पर ध्यान न दिया जाए तो समय के साथ नजर भी कमजोर हो सकती है। लेकिन अच्छी बात ये है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी आंखों को हेल्‍दी रख सकते हैं। इससे आपके आंखों की रोशनी भी तेज होगी। साथ ही आंखों पर पड़ने वाले तनाव से भी राहत म‍िलेगी। आज हम आपको अपने इस लेख में आंखों को हेल्‍दी रखने के आसान तरीके बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से – अगर आप कंप्यूटर या मोबाइल पर लगातार काम करते हैं, तो हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी चीज को कम से कम 20 सेकंड तक देखें। इससे आंखों की मसल्‍स को आराम मिलता है और आंखों की थकान भी कम होती है। स्क्रीन की ऊंचाई और दूरी सही रखें स्क्रीन हमेशा आंखों से एक हाथ की दूरी पर और हल्का नीचे ही होना चाहिए। इससे आंखों पर स्‍क्रीन का तेज रोशनी का असर कम होता है और आंखों में दर्द भी कम होता है। बार-बार पलकें झपकाएं लंबे समय तक स्क्रीन पर देखने से कई बार लोग पलकों को झपकाना भूल जाते हैं। इससे आंखें ड्राई होने लगती हैं और जलन या धुंधलेपन की समस्‍या महसूस होने लगती है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में पलक झपकाने की आदत डाल लें। इससे आंखें नम रहती हैं। डाइट पर ध्‍यान दें आपको बता दें क‍ि पालक, कॉर्न और पपीता जैसे फूड आइटम्‍स में ल्यूटिन और जीएक्सैंथिन नाम के तत्व पाए जाते हैं, जो आंखों को हानिकारक ब्लू लाइट से बचाते हैं और नजर को लंबे समय तक बनाए रखते हैं। आंखों को आराम दें नींद की कमी से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। रोजाना सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें, ताकि आंखों से जुड़ी दि‍क्‍कतें न होने पाएं। इससे आपका मूड भी अच्‍छा रहेगा।

ढलती उम्र के साथ ही लटकने लगी है स्किन, तो ये होममेड सीरम लौटाएंगे आपकी खोई हुई जवानी

बढ़ती उम्र, तनाव, प्रदूषण और खराब जीवनशैली के कारण त्वचा अपनी कसावट और चमक खोने लगती है। ऐसे में, ढीली और बेजान त्वचा को फिर से जवां बनाने के लिए केमिकल-युक्त प्रोडक्ट्स के बजाय घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना एक बेहतर विकल्प है। घर पर बने सीरम, प्राकृतिक सामग्रियों से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं और उसे कसने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान और असरदार होममेड सीरम के बारे में, जो आपकी ढलती हुई त्वचा में जान फूंक सकते हैं। 1. एलोवेरा और विटामिन-ई सीरम एलोवेरा जेल त्वचा को नमी देता है और विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है, जो मुक्त कणों (free radicals) से लड़कर त्वचा को जवां बनाए रखता है। बनाने का तरीका: दो चम्मच एलोवेरा जेल में दो विटामिन-ई कैप्सूल का तेल मिलाएं। इस्तेमाल: रात में सोने से पहले इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें। 2. ग्रीन टी और एलोवेरा सीरम ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को डिटॉक्स करते हैं और ढीली त्वचा में कसाव लाते हैं। बनाने का तरीका: एक ठंडी ग्रीन टी में एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं। इस्तेमाल: इस सीरम से चेहरे पर हल्की मालिश करें। 3. गुलाबजल और ग्लिसरीन सीरम गुलाबजल त्वचा को टोन करता है और ग्लिसरीन त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है। यह कॉम्बिनेशन त्वचा को नरम, चमकदार और कसा हुआ बनाता है। बनाने का तरीका: दो चम्मच गुलाबजल में एक चम्मच ग्लिसरीन मिलाएं। इस्तेमाल: इस सीरम को रात में चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। 4. हयालूरोनिक एसिड और गुलाबजल सीरम हयालूरोनिक एसिड त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है और उसकी लोच बनाए रखता है, जिससे झुर्रियां कम होती हैं। बनाने का तरीका: एक चम्मच हयालूरोनिक एसिड में दो चम्मच गुलाबजल मिलाएं। इस्तेमाल: इसे चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से थपकी दें ताकि यह त्वचा में समा जाए। 5. एलोवेरा और शहद सीरम शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स और मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं, जो एलोवेरा के साथ मिलकर त्वचा को पोषण देते हैं और उसे कसते हैं। बनाने का तरीका: एक चम्मच एलोवेरा जेल में एक चम्मच शहद मिलाएं। इस्तेमाल: इसे चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर धो लें। 6. चंदन और गुलाबजल सीरम चंदन में त्वचा को ठंडक और कसावट देने वाले गुण होते हैं, जो इसे गर्मियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं। बनाने का तरीका: एक चम्मच चंदन पाउडर में दो चम्मच गुलाबजल मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इस्तेमाल: इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें, फिर ठंडे पानी से धो लें। इन प्राकृतिक सीरम का नियमित उपयोग आपकी त्वचा को प्राकृतिक चमक और कसावट वापस लाने में मदद कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे, किसी भी नए नुस्खे का इस्तेमाल करने से पहले अपनी त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।  

अस्पताल बनाम इंश्योरेंस कंपनियां: कैशलेस इलाज खतरे में, जिम्मेदारी किसकी?

नई दिल्ली सरकार हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे को बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों को इसके प्रीमियम में कटौती से लेकर इंश्योरेंस से जुड़े छोटे-छोटे प्रोडक्ट लाने के लिए कह रही है। दूसरी तरफ मुनाफे को लेकर निजी कंपनियां और निजी अस्पतालों की आपसी लड़ाई में पहले से हेल्थ इंश्योरेस लेने वालों के लिए भी खतरे की घंटी बजने लगी है। अस्पताल उन्हें कभी भी कैशलेस इलाज के लिए मना कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें पहले अपना पैसा लगाकर इलाज कराना होगा और फिर इंश्योरेंस कंपनियां उनके बिल का भुगतान करेंगी। जबकि अधिकतर उपभोक्ता हेल्थ इंश्योरेंस की खरीदारी यह सोचकर करते हैं कि जरूरत पड़ने पर वे अस्पताल में जाकर भर्ती हो जाएंगे और उनके इलाज का खर्चा उनके इंश्योरेंस की सीमा के मुताबिक कंपनी उठाएगी। लोग इत्मीनान से रहते हैं कि उनके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं रहने पर भी हेल्थ इंश्योरेंस रहने पर उनका इलाज हो जाएगा। एएचपीआई ने दिया था नोटिस भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) भी कैशलेस (बिना नकदी के) इलाज को बढ़ावा देता है। हाल ही में एसोसिएशन ऑफ हेल्थ प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) ने बजाज एल्यांज और केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों की कैशलेस सुविधा को सितंबर से खत्म करने का नोटिस दिया था। अस्पताल कभी भी कैशलेस इलाज के लिए कर सकते हैं मना एएचपीआई निजी अस्पतालों का एसोसिएशन है। हालांकि अब इंश्योरेंस कंपनियों की तरफ से कहा जा रहा है कि एएचपीआई से बातचीत हो गई है और ग्राहकों को सूचीबद्ध या पैनल में शामिल अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रहेगी। लेकिन जानकारों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से अस्पताल और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच जो झगड़ा चल रहा था उसे देखते हुए साफ है कि अस्पताल कभी भी कैशलेस इलाज के लिए मना कर सकता है। इंश्योरेंस कंपनियों का क्या कहना है? इंश्योरेंस कंपनियों की तरफ से इस बारे पूछने पर बताया गया कि निजी अस्पताल और उनके बीच कैशलेस इलाज को लेकर समझौता होता है जिसके तहत इलाज से जुड़े रूम किराया से लेकर डॉक्टर की फीस तक की राशि तय होती है। प्राइवेट अस्पतालों ने क्या कहा? निजी अस्पतालों का कहना है कि इलाज से जुड़ी महंगाई सालाना 14 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, लेकिन इंश्योरेंस कंपनियां उस हिसाब से उनकी दरों को नहीं बढ़ा रही है। इसलिए अस्पताल कैशलेस इलाज से इनकार करने के मूड में है। इंश्योरेंस कंपनियों का कहना है कि हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम लगातार बढ़ रहा है जिससे उन पर काफी वित्तीय दबाव है। निजी अस्पताल इलाज का खर्च भी बढ़ा-चढ़ा कर पेश करते हैं। हालांकि इस वित्तीय दबाव को कम करने के लिए हर साल हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम 10 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। कौन लेगा जिम्मेदारी? पिछले तीन सालों में हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम में 15-30 प्रतिशत तक का इजाफा देखा गया है। जानकारों का कहना है कि ग्राहकों को हेल्थ इंश्योरेंस बेचने के दौरान उन्हें कंपनी के पैनल में शामिल अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा का आश्वासन दिया जाता है और अचानक वे अस्पताल कैशलेस इलाज से मना कर दे तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इरडा की नजर अस्पताल और इंश्योरेंस कंपनियों की इस लड़ाई पर है और इसका स्थायी हल निकालने का प्रयास किया जा सकता है। जानकार यह भी कह रहे हैं कि अस्पताल और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच कैशलेस इलाज देने का सिर्फ समझौता होता है, कोई कानूनी बंदिश नहीं है। अस्पताल उधार के इलाज को कभी भी बंद कर सकता है।  

50MP कैमरा और 6GB रैम से लैस Samsung Galaxy A17 5G, भारत में हुई एंट्री

नई दिल्ली Samsung Galaxy A17 5G लॉन्‍च कर दिया है। यह पिछले साल आए गैलेक्‍सी ए16 का सक्‍सेसर है। फोन में 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। 6 जीबी और 8 जीबी रैम मिलती है। 5 हजार एमएएच की बैटरी इस फोन में दी गई है। डिस्‍प्‍ले में गोरिल्‍ला ग्‍लास विक्‍टस का प्रोटेक्‍शन मिलता है। फोन को 18999 रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया है। यह फोन 25 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। Samsung Galaxy A17 5G के भारत में प्राइस, उपलब्‍धता Samsung Galaxy A17 5G के भारत में दाम 6 जीबी और 128 जीबी मॉडल के लिए 18999 रुपये हैं। 8 जीबी और 128 जीबी मॉडल की कीमत 20499 रुपये है, जबकि 8 जीबी और 256 जीबी मॉडल को 23499 रुपये में लिया जा सकेगा। यह फोन ब्‍लैक, ब्‍लू और ग्रे कलर में आया है। इसे सैमसंग के ई-स्‍टोर, एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के अलावा ऑफलाइन चैनलों से खरीदा जा सकेगा। Samsung Galaxy A17 5G के फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस सैमसंग गैलेक्‍सी ए17 5जी स्‍मार्टफोन को मिड रेंज में लाया गया है। फोन में 6.7 इंच का फुल एचडी प्‍लस इनफ‍िन‍िटी यू डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह सुपर एमोलेड डिस्‍प्‍ले है और 90 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट ऑफर करता है। डिस्‍प्‍ले में गोरिल्‍ला ग्‍लास विक्‍टस का प्रोटेक्‍शन है। इस फोन में ना तो मीडियाटेक ना ही क्‍वॉलकॉम का चिपसेट है। सैमसंग का खुद का एक्‍स‍िनॉस चिपसेट दिया है। यह Exynos 1330 प्रोसेसर है, जो 5nm प्रोसेस पर बना है। इसके साथ माली-G68 MP2 GPU जीपीयू मिल जाता है। फोन में कम से कम 6 जीबी और 8 जीबी रैम दी गई है। इंटरनल स्‍टोरेज 128 जीबी और 256 जीबी तक है। स्‍टोरेज को एसडी कार्ड के जरिए 2 टीबी तक बढ़ाया जा सकता है। Samsung Galaxy A17 5G में दो सिम लगाए जा सकते हैं। यह फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्‍ड One UI 7.0 पर चलता है। फोन के बैक साइड में 3 कैमरा नए सैमसंग फोन में तीन बैक कैमरा दिए गए हैं। मेन सेंसर 50 मेगापिक्‍सल का है। उसके साथ 5MP का अल्‍ट्रा वाइड कैमरा और 2MP का मैक्रो कैमरा दिया गया है। बैक साइड में ही एलईडी फ्लैश भी मिल जाता है। फ्रंट कैमरा 13 मेगापिक्‍सल का है। इसके अलावा, फोन में साइड माउंटेट फ‍िंगरप्रिंट स्‍कैनर दिया गया है। हालांकि इसकी बैटरी 5 हजार एमएएच है जो सपोर्ट करती है 25 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को। डिवाइस का वजन 192 ग्राम है। इसे आईपी54 रेटिंग मिली है, जो फोन को धूल और पानी से होने वाले नुकसान से प्रोटेक्‍ट रखती है।

अब फोन से ऑफलाइन होगा डिजिटल लेन-देन, जानिए आसान तरीका

नई दिल्ली चाहे ऑनलाइन शॉपिंग हो या फिर ऑफलाइन, आजकल सभी जगह UPI पेमेंट का यूज होता है। एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करन के लिए भी UPI का सहारा लिया जाता है। यूपीआई पेमेंट के कारण ज्यादातर लोगों के कैश रखना बंद कर दिया है। UPI के जरिए चंद सेकंड में पेमेंट किया जा सकता है। हालांकि, UPI पेमेंट तब बेकरा हो जाता है, जब फोन में इंटरनेट न हो। कम नेटवर्क वाले इलाकों में इंटरनेट की समस्या आम है। ऐसे में यूपीआई पेमेंट करना मुश्किल हो जाता है। कई बार प्रोसेसिंग पर आकर पेमेंट रुक जाता है। इससे बचने के लिए आप ऑफलाइन यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं। जी हां, आपने सही सुना है। बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट किया जा सकता है। पूरा प्रोसेस जानने के लिए नीचे पढ़ें। ऑफलाइन भी कर सकते हैं UPI पेमेंट बिना इंटरनेट के ऑफलाइन भी UPI पेमेंट किया जा सकता है। इसके लिए आपको कोई थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड नहीं करना होगा। फोन के डायलर का यूज करके आप ऑफलाइन UPI पेमेंट कर सकते हैं। ऐसे करें ऑफलाइन यूपीआई पेमेंट     स्टेप 1- ऑफलाइन यूपीआई पेमेंट करने के लिए आपको अपने फोन को डायलर ओपन करना होगा। स्टेप 2- उसके बाद *99# डायल करें। ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। स्टेप 3- फिर आपके सामने कई सारे ऑप्शन आ जाएंगे। इसमें सेंड मनी, रिक्वेस्ट मनी, चेक बेलेंस. माई प्रोफाइल, पेंडिंग रिक्वेस्ट, ट्रांजेक्शन और UPI PIN शामिल हैं। स्टेप 4- अगर आप किसी को पेमेंट करना चाहते हैं तो स्क्रीन पर राइट साइड में आ रहे Reply बटन पर क्लिक करें और 1 लिख कर स्क्रीन पर सबसे ऊपर राइट साइड में Reply बटन पर क्लिक कर दें। स्टेप 5- इसके बाद आपको मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी, IFSC कोड या अकाउंट नंबर, बैक का ऑप्शन मिलेगा। आप मोबाइल नंबर या फिर UPI आईडी सिलेक्ट करके आगे बढ़ सकते हैं। स्टेप 6- अब मांगी जा रही डिटेल भरकर पेमेंट कर दें। इस तरह आप बिना इंटरनेट के भी पेमेंट कर सकते हैं।

नए दौर के ट्रेंडी वर्कआउट्स

स्वस्थ और फिट बने रहने के लिए नियमित एक्सरसाइज जरूरी है। लेकिन रुटीन फिटनेस रजीम मसलन ट्रेडमिल, साइकिलिंग, जिमिंग और अन्य फिजिकल एक्सरसाइजेज से आधुनिक युवा बोर हो जाते हैं। यही वजह है कि अकसर लोग सप्ताह या महीने भर एक्सरसाइज के बाद नियम से भटकने या व्यायाम न करने के बहाने बनाने लगते हैं। फिटनेस एक्सपर्ट्स की मानें तो एक्सरसाइज रुटीन को रुचिकर बनाया जाना चाहिए। इससे उसका तारतम्य टूटता नहीं है। साथ ही नियमित रूप से एक्सरसाइज करके स्वस्थ जीवन का आनंद भी लिया जा सकता है। यहां फिटनेस एक्सपर्ट एवं न्यूट्रिशनिस्ट नीरज मेहता बता रहे हैं नए वर्कआउट ट्रेंड्स के बारे में, ताकि आपका फिटनेस रेजीम रुचिकर हो जाए। फिटनेस के नए तरीके न सिर्फ बेहद प्रभावी और कम समय लेने वाले हैं, बल्कि ये बॉडी की टोनिंग करने के साथ-साथ तनाव भी दूर करते हैं। इसलिए अगर आप अपने पुराने वर्कआउट रुटीन से बोर हो गए हैं तो फिट रहने के लिए यहां दिए गए नए तरीके अपना सकते हैं… रन एंड फन जैसा कि नाम से जाहिर है, इस वर्कआउट में कंप्लीट फन और फिटनेस मिलती है। इसमें कुछ रुकावटों के साथ विभिन्न गति वाली लंबी दौड मसलन एनिमल वॉक, डक वॉक, वॉल क्लाइम्बिंग, क्रॉलिंग, कोऑर्डिनेटेड डांस स्टेप्स, लॉन्ग और हाइ जंप्स शामिल होती हैं। इस तरह के वर्कआउट घर या बाहर कहीं भी कर सकते हैं। इस वर्कआउट का मकसद एक्सरसाइज को दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बनाए रखना है। लेकिन साथ ही इसमें वर्कआउट के महत्वपूर्ण तत्वों जैसे गति, सामर्थ्य, लचीलापन और सहनशक्ति को भी कायम रखा जाता है। फ्यूजन फिटनेस अलग-अलग वर्कआउट के कॉम्बिनेशन को फ्यूजन फिटनेस कहते हैं। मसलन कोर स्ट्रेंथ, मस्कुलर स्ट्रेंथ, शरीर संतुलन, गति और सामर्थ्य। इसमें अलग-अलग तरह की क्रियाएं भी शामिल होती हैं जैसे- योग, एक्सट्रीम बॉडी स्ट्रेच, पिलातज, स्पिनिंग, सर्किट ट्रेनिंग, बूट कैंप, जुंबा, बॉडी वेट ट्रेनिंग, हाइ इंटेंसिटी कार्डियो, किक बॉक्सिंग, फन एंड रन, फ्लोर एरोबिक्स। इस तरह के वर्कआउट के परिणाम अच्छे होते हैं। खास तौर पर व्यस्त जीवनशैली वाले लोगों के लिए ऐसा वर्कआउट बेहतरीन होता है। हिट एंड फिट यह फिट रहने के लिए एक चुनौती भरा वर्कआउट है। लेकिन थोडा-बहुत बदलाव करके इसे कोई भी कर सकता है। यह एक फिटनेस प्रोग्राम है, जिसमें तमाम तरह की वेट रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और फंक्शनल मूवमेंट्स शामिल होते हैं। इनके साथ ही इसमें बॉडी वेट ट्रेनिंग, फ्री हैंड एक्सरसाइजज जैसे पुश-अप्स, स्कॉट्स, वेटलिफ्टिंग, हाइ जंप्स, जिमनास्टिक्स, रनिंग और रोइंग जैसे वर्कआउट्स आदि भी शामिल होते हैं। वॉक एंड टॉक यह खुली हवा में ग्रुप के साथ किया जाने वाला वर्कआउट है। यह आधुनिक जीवनशैली की दरकार भी है। यानी साथियों से बातचीत करते हुए टहलना भी हो जाता है। चाहें तो दो-तीन ग्रुप के साथ बात करते हुए तज चलने की प्रतियोगिता भी कर सकते हैं। इस तरह जोश में ब्रिस्क वॉक भी हो जाएगी। स्टील फ्लेक्स स्टील फ्लेक्स एक विशेष प्रकार का स्ट्रेचिंग रुटीन है, जो शरीर का लचीलापन बढाता है। यह डायनेमिक योग और स्टैटिक स्ट्रेचिंग का मिला-जुला रूप है, जिसमें डंबल्स और अन्य प्रॉप्स की मदद से किसी बॉडी पार्ट की अधिकतम स्तर तक स्ट्रेचिंगकी जाती है। ये फ्लेक्सिबिलिटी ट्रेनिंग की नई तकनीक है, जिसमें शरीर के जोडों और कनेक्टिंग टिश्यूज को फायदा पहुंचाने वाले मूवमेंट्स, पोश्चर्स और ब्रीदिंग पैटर्न पर विशेष बल दिया जाता है। इस वर्कआउट तकनीक की सबसे अच्छी बात यह है कि इससे सभी 4 तरह की मसल्स कॉन्सट्रैक्शन प्रक्रिया को लाभ पहुंचता है। एक्स्ट्रीम स्ट्रेच मसल्स को टोन-अप करने और लचीलापन बढाने के लिए यह स्ट्रेचिंग रुटीन फायदेमंद है। फ्लाइव्हील यह बेहद तीव्र गति की स्पिन बाइक ग्रुप क्लास होती है, जिसमें व्यक्ति को 45-50 मिनट तक जिम में बाइकनुमा मशीन चलानी होती है। इस दौरान पहाड पर चढने जैसा उपक्रम करना होता है और इस दौरान हाथों में डंबल्स लेकर मूवमेंट्स भी करने होते हैं। म्यूजिक इस वर्कआउट का अहम हिस्सा है और इसकी कोरियोग्राफी आमतौर पर पहले ही कर ली जाती है। इस वर्कआउट में जरूरत के हिसाब से बदलाव भी किए जा सकते हैं। इसमें व्यक्ति के कंफर्ट लेवल के हिसाब से फ्लाइव्हील पाजीशन तय की जाती है। जिम ट्रेनिंग में पहले जो इक्विपमेंट्स इस्तेमाल करते थे, वही आप नए जमाने के वर्कआउट ट्रेनिंग में भी कर सकते हैं। बस उनके मूवमेंट्स थोडे बदले होंगे।