samacharsecretary.com

RSS की विस्तार रणनीति में बदलाव, भैयाजी जोशी बोले- गांव से जोड़ेंगे बड़ी कंपनियों को

इंदौर 

इंदौर में हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के एक दिवसीय प्रवास के बाद अब संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भैयाजी जोशी मध्यप्रदेश पहुंचे हैं। वे इंदौर में संघ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इसमें संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के दौरान प्रदेश के गांव-गांव में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

युवाओं और प्रोफेशनल्स को शाखाओं से जोड़ने पर जोर
भैयाजी जोशी ने इंदौर से पहले बैतूल में बैठक की थी। इस बैठक में पंच परिवर्तन, शाखाओं का विस्तार और सेवा कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, जोशी शाम तक इंदौर पहुंचेंगे और यहां संपर्क विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। संघ 2025-26 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। इसकी शुरुआत इंदौर से की गई है। शताब्दी वर्ष में विशेष रूप से युवाओं और प्रोफेशनल्स को शाखाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। शाखाओं की संख्या बढ़ाने के लिए समय-निर्धारण लचीला रखा जाएगा ताकि सुबह से शाम तक किसी भी समय शाखा लगाई जा सके। इसके साथ ही गोष्ठियों और पंच परिवर्तन कार्यक्रमों का कैलेंडर भी तैयार किया गया है।

प्रचारकों को गांवों में जिम्मेदारी
बैतूल बैठक में भैयाजी जोशी ने प्रचारकों को निर्देश दिए कि वे गांवों में शाखाओं की संख्या बढ़ाएं और कॉलेज, आईटी के छात्रों व प्रोफेशनल्स को संघ से जोड़ें। इसके अलावा शहरों में पथ संचलन, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संवाद और युवाओं को नगर, मंडल व बस्तियों में सक्रिय करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। विजयदशमी (2 अक्टूबर 2025) से संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू होंगे।

पंच परिवर्तन पर फोकस
मालवा प्रांत में वर्तमान में 3046 स्थानों पर 4636 शाखाएं संचालित हो रही हैं। बैतूल सम्मेलन में संघ के सामाजिक और सेवा कार्यों की भी समीक्षा की गई, जिनमें शिक्षा, चिकित्सा, स्वावलंबन और सामाजिक जागरूकता शामिल हैं। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि पंच परिवर्तन के तहत स्वदेशी, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नए लोगों को जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। रिटायर अधिकारियों-कर्मचारियों को भी संघ के कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए संपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here