पटना
राजधानी के वीरचंद पटेल पथ स्थित जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को पूरे दिन उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ का माहौल रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के फैसले से पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते कार्यालय परिसर में हंगामा हो गया।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के साथ ही जदयू समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में दोपहर 12 से ही सैकड़ों कार्यकर्ता जमा हो गए और "नीतीश कुमार बिहार के हैं, उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे", "हम जान दे देंगे, लेकिन नीतीश को नहीं जाने देंगे" जैसे भावुक नारे लगाने लगे।
नारेबाजी के बीच कुछ आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के अंदर फर्नीचर उलट-पलट दिया, टेबल-कुर्सियां तोड़ीं, प्लेटें-बर्तन फेंके और पोस्टर-बैनर फाड़ दिए। यहां तक कि भोज के लिए तैयार बफे काउंटर को भी नुकसान पहुंचाया गया। भोज की व्यवस्था केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर की ओर से नामांकन के उपरांत कार्यकर्ताओं के लिए किया गया था।
कार्यकर्ताओं का मुख्य गुस्सा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर भी रहा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि ये नेता भाजपा के साथ मिलकर पार्टी को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने विधान पार्षद संजय कुमार उर्फ गांधी जी के साथ धक्का-मुककी की। उन्हें गाड़ी से उतरकर किसी तरह कार्यालय में प्रवेश मिला। हंगामें की सूचना पर पार्टी कार्यालय पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के साथ भी रही। कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे लेट गए। साथ में रहे सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें प्रदेश कार्यालय के अंदर प्रवेश कराया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने लाठीचार्ज सहकर नीतीश को मुख्यमंत्री बनाया था, अब वे उन्हें राज्यसभा भेजकर बिहार को अकेला नहीं छोड़ सकते। पार्टी कार्यालय के अंदर जाने के बाद उमेश कुशवाहा ने एकबार फिर कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। फिर भी कार्यकर्ता नहीं माने। वे नारेबाजी करते रहे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया है। आपलोग शांत रहें। प्रदेश कार्यालय में शाम तक रूक रूक कर पार्टी के बड़े नेताओं के खिलाफ नारेबाजी होती रही।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी होता रहा प्रदर्शन, गुस्से मे दिखे कार्यकर्ता
मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी इसी तरह का हंगामा देखा गया, जहां कार्यकर्ता रोते हुए विरोध जता रहे थे और आने-जाने वाले नेताओं की गाड़ियां रोकी जा रही थीं। सुबह 10 बजे से कार्यकर्ता यहां जुटे थे।
पटना, नालंदा, बेगूसराय से पहुंचे जदूय कार्यकर्ताओं को पुलिस बार-बार आवास के आगे से हटा रही थी। लेकिन जदयू कार्यकर्ता फिर वहां पहुंचकर नीतीश कुमार के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।
वहीं, अपने ही पार्टी के वरीय नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान जदयू कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेता व पशुपालन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता की गाड़ी को रोक दिया। गाड़ी पर कार्यकर्ता मुक्के मारे रहे थे। पुलिस ने किसी तरह आक्राेशितों को हटाकर मंत्री की गाड़ी को वहां से निकलवाया।





