samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ से ‘एकता मार्च’ की दी शुरुआत

जूनागढ़,

 गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जूनागढ़ में ‘एकता मार्च’ को हरी झंडी दिखाई।

जूनागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सरदार चौक स्थित सरदार साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री को सरदार पटेल की प्रतिमा भेंट की गई। इसके बाद सभी ने आत्मनिर्भर भारत की शपथ ली।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, राष्ट्र सरदार पटेल की विरासत का जश्न मना रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को जूनागढ़ मुक्ति दिवस की भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि इस मार्च में समाज के सभी वर्ग, महाविद्यालयीन विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस, माई भारत स्वयंसेवक, सहकारी संस्थाएं, विभिन्न राजनीतिक दल, धार्मिक संस्थाएं, स्थानीय संत, पूर्व सैनिक और उनके परिवार, खिलाड़ी, सामाजिक संगठन से जुड़े नागरिकों ने हिस्सा लिया और वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

वहीं, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘सरदार@150’ एकता मार्च के अंतर्गत आयोजित राज्यव्यापी पदयात्रा का शुभारंभ जूनागढ़ से पूज्य संतों और साथी मंत्रियों की उपस्थिति में हुआ।”

उन्होंने लिखा, “9 नवंबर 1947 को जूनागढ़ नवाबी शासन से स्वतंत्र होकर भारत में विलीन हो गया, जिसे जूनागढ़ मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह विशेष प्रसन्नता की बात है कि सरदार वल्लभभाई पटेल और आरजी सरकार के सैनिकों के महत्वपूर्ण योगदान के कारण जूनागढ़ के भारत में विलय के इस यादगार दिन पर यह पदयात्रा आयोजित की गई।”

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “सरदार साहब के अखंड भारत के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह अमित शाह ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के मंत्र के साथ और भी सुदृढ़ किया है। उनके मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा ‘एकता मार्च’ देशवासियों को एकता के सूत्र में पिरोकर सभी की भागीदारी से विकास के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।”

उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी इस ऐतिहासिक मार्च में शामिल हों और लौह पुरुष सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए एक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करें।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here