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प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन ने प्रज्ज्वलित किया आशीर्वाद का दीया

भोपाल 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर आशीर्वाद दीया जलाकर सेवा संकल्प अभियान का पूरे प्रदेश में भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के सभी जिलों और 845 आईकॉनिक प्लेस में 3 करोड़ 55 लाख दीये एकसाथ जलाये गये। सिर्फ उज्जैन में ही 33 लाख 27 हजार दीये एक साथ प्रज्ज्वलित कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया गया। उज्जैन के शिप्रा के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश प्रभारी  महेंद्र सिंघी ने उज्जैनवासियों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित किये। उज्जैन में शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों सहित महाकाल लोक में सायं 7 बजे सायरन बजने के साथ सभी लोगों ने मिलकर दीप जलाये और प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  

शिप्रा आरती में हुए शामिल 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष  नबीन एवं प्रदेश अध्यक्ष  खंडेलवाल, प्रदेश  प्रभारी  महेंद्र सिंघी शिप्रा आरती में शामिल हुए और मां   शिप्रा  की  आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

रोशनी में  नहा उठे शिप्रा के तट

उज्जैन के शिप्रा घाटों पर सायरन की आवाज के साथ ही आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित हुआ वैसे ही कार्यक्रम के अतिथि, 25 हजार से अधिक वॉलिंटियर्स, श्रद्धालु और नागरिकों ने एक साथ दीयों का प्रज्ज्वलन प्रारंभ किया। लाखों दीप प्रज्ज्वलन के साथ घाट घाट जगमग हो उठे। प्रज्ज्वलित हुए लाखों दीप मानों प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस पर उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र भक्ति की सेवा के लिए किये गए 25 वर्षों के कार्यों के प्रति आदर और स्नेह  की रोशनी फैला रहे थे। उज्जैन में शिप्रा तट के रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, भूखी माता घाट के साथ महाकाल महालोक में भी दीपोत्सव कार्यक्रम में 33 लाख 27 हजार दीपों का प्रज्जवलन किया गया। 

प्रदेश के आईकॉनिक प्लेस में हुआ दीप प्रज्ज्वलन

प्रदेश के प्रमुख आईकॉनिक जगहों पर भी दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसमें ग्वालियर जिले के 11, शिवपुरी के 11, गुना के 10, अशोकनगर के 11, दतिया के 14, भिण्ड के 10, मुरैना के 18, श्योपुर कला के 80, इंदौर के 32, बड़वानी के 27, धार के 32, झाबुआ के 11, आलीराजपुर के 4, खरगोन के 10, खण्डवा के 27, बुरहानपुर के 15, उज्जैन के 10, नीमच के 15, देवास के 17, शाजापुर के 16, आगर के 7, रतलाम के 17, मंदसौर के 15, भोपाल के 21, सीहोर के 10, रायसेन के 18, विदिशा के 18, राजगढ़ के 11, नर्मदापुरम के 10, बैतूल के 144, हरदा के 10, सागर के 10, दमोह के 11, पन्ना के 10, छतरपुर के 10, टीकमगढ़ के 13, निवाड़ी के 10, रीवा के 11, मऊगंज के 10, सीधी के 15, सिंगरौली के 10, सतना के 17, मैहर के 11, शहडोल के 10, अनूपपुर के 10, उमरिया के 27, डिण्डौरी के 10, जबलपुर के 12, कटनी के 13, बालाघाट के 22, छिंदवाड़ा के 11, पाण्डुर्ना के 10, नरसिंहपुर के 10, सिवनी के 16 और मण्डला के 17 के आईकॉनिक जगहों पर बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किये गये। 

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