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छिंदवाड़ा हादसे पर CM का कड़ा कदम: खांसी सिरप मामले में कई अफसरों पर गिरी गाज

 भोपाल 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खांसी की सिरप कोल्ड्रिफ (Coldrif) से जुड़ी घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए डिप्टी ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित करने के आदेश दिए हैं. सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार से इस सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है. वहीं, तमिलनाडु सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए कंपनी के सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

सीएम मोहन यादव ने कहा, 'मैं प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा हूं. कांग्रेस पार्टी के पास केवल आरोप लगाने के अलावा और कोई काम नहीं है.' उन्होंने साफ किया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद पुलिस ने वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत कर अपना पक्ष रखा था.

छिंदवाड़ा ड्रग्स इंस्पेक्टर गौरव शर्मा को सस्पेंड किया गया है. जबलपुर के ड्रग्स इंस्पेक्टर शरद जैन को भी सस्पेंड किया गया है. डिप्टी डायरेक्टर खाद्य और औषधि प्रशासन को भी निलंबित किया गया है. इतना ही नहीं, डायरेक्टर शोभित कोष्टा को भी सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं खबर है कि ड्रग्स कंट्रोलर को भी हटाया जा सकता है.

वहीं कफ सीरप से एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत और डॉक्टर की गिरफ्तारी पर मेडिकल टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राकेश मालवीय ने सोमवार को कहा कि अमानक, मिलावटी दवाओं के खिलाफ हम दो साल से आवाज उठा रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन ने हमारी नहीं सुनी. लैब और टेस्टिंग एजेंसी ने सीरप को पास किया था और अब डॉ प्रवीण सोनी को गलत ठहरा कर जेल भेज दिया है. इसमें डॉक्टर की कोई गलती नहीं है. उन्होंने प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज किया. डॉक्टर की सम्मान के साथ जल्द रिहाई हो. इस मामले में हम चुप नहीं बैठेंगे. आज बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी. घटना बहुत दुखद है. हम सबकी भावनाएं पीड़ित परिवारों से जुड़ी हुई हैं.

डॉ. सोनी ने क्या कहा?
डॉ. सोनी ने कहा कि वे कई सालों से इस कंपनी की दवाएं लिख रहे हैं और यह कहना गलत है कि डॉक्टर दवा की फॉर्मुलेशन तय करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा सील पैक और तैयार दवाएं मिलती हैं. उनका कहना था कि सिरप एक दिन की दवा नहीं है और उन्होंने दर्जनों बच्चों को इसका प्रिस्क्रिप्शन दिया था. स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने अपने निजी क्लिनिक में शिशुओं को देखना भी बंद कर दिया था.

16 बच्चों की मौत से सनसनी
छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद यह मामला सामने आया. अधिकारियों के अनुसार 11 बच्चों की मौत परासिया उपखंड में, 2 की छिंदवाड़ा शहर में, 1 की चौरई तहसील में और 2 की मौत बैतूल जिले में हुई. लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) पाया गया, जो बेहद जहरीला रसायन है और किडनी फेल होने के साथ मौत तक का कारण बन सकता है.

CM मोहन यादव ने की कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लेते हुए डॉ. सोनी को तत्काल निलंबित कर दिया. साथ ही पूरे प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी गई. पुलिस ने डॉ. सोनी और सिरप बनाने वाली कंपनी स्रेसुन फार्मास्यूटिकल्स के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज किया है.

डॉक्टरों की चेतावनी
इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की छिंदवाड़ा इकाई की अध्यक्ष कल्पना शुक्ला ने चेतावनी दी है कि यदि डॉ. सोनी को जल्द रिहा नहीं किया गया तो सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

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