samacharsecretary.com

कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई: फर्जी रजिस्ट्री मामले में पांच सर्विस प्रोवाइडर के लाइसेंस रद्द

शहडोल

शहडोल। संभागीय मुख्यालय के सुहागपुर उप पंजीयन के द्वारा अपनी सेवानिवृत्ति की आखिरी दिन 28 अगस्त को गलत तरीके से की गई रजिस्ट्री की जांच मामले में पांच सर्विस प्रोवाइडर के लाइसेंस निलंबित किए गए। जांच के दौरान 250 से अधिक ऐसी रजिस्ट्री मिली है जो बिना अनुमति या गलत तरीके से कराई गई हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कार्रवाई की है और अभी मामले की आगे जांच भीचल रही है।

28 अगस्त को ही इस मामले की कलेक्टर की यहां शिकायत की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उप पंजीयक ने पैसे लेकर गलत तरीके से बिना अनुमति रजिस्ट्री की है। उसके बाद कलेक्टर ने एक जांच टीम का गठन किया था और उसकी पहली रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की शुरुआत की गई है।जिले में भू माफियाओं और अवैध रजिस्ट्री कराने वाले सर्विस प्रोवाइडरों पर जिला प्रशासन ने पहली बार कार्रवाई की है।
सर्विस प्रोवाइडर्स की मिलीभगत उजागर

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. केदार सिंह ने ज़मीन की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा, प्रतिबंधित भूमि की खरीद-बिक्री और मृत व्यक्तियों की जगह दूसरे लोगों को खड़ा कर रजिस्ट्री कराने जैसे घोटालों में संलिप्त पाए गए ई-पंजीयन सर्विस प्रोवाइडरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 10 सितंबर को देर शाम को की गई है।

जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जिले में राजस्व प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने, पावर आफ अटार्नी निरस्त होने, प्रतिबंधित भूमि या मृतक की जमीन बेचने जैसी अवैधानिक रजिस्ट्रियों के गंभीर प्रमाण सामने आए हैं। इन घोटालों में कई बार ग्राम पंचायतों, दलालों और सर्विस प्रोवाइडरों की मिलीभगत भी उजागर हुई है।
इन सर्विस प्रोवाइडरों पर कार्रवाई

मोहम्मद सैफ अंसारी पर कार्रवाई की गई है। इसके ऊपर आरोप है कि मृतक भोलानाथ अहिरवार की जगह समान शक्ल के व्यक्ति को खड़ा कर दस्तावेज तैयार कराकर रजिस्ट्री कराई है। अभिषेक कुमार गुप्ता ने ग्राम हड़हा, तहसील बुढ़ार की खसरा नंबर 42 से 58 तक की रजिस्ट्री उच्च न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद रजिस्ट्री करा दिया।

साथ ही, ग्राम बुढ़ार और ग्राम कंचनपुर की जमीनों की रजिस्ट्री कलेक्टर की अनुमति और पावर ऑफ निरस्त होने के बावजूद रजिस्ट्री कराया। गंगा सागर सिंह ने ग्राम बुढ़ार और ग्राम कंचनपुर की प्रतिबंधित भूमि का अवैध पंजीयन कराया। प्रीति शुक्ला ने ग्राम सोहागपुर वार्ड नं. 17 में मुख्तियारनामा न होने के बावजूद विक्रय पत्र तैयार कर रजिस्ट्री करा दिया। स्वरूप सरकार ने ग्राम वासिन वीरान पचगांव (विशिष्ट ग्राम) की भूमि का अवैधानिक पंजीयन कराया है।
जमीन हड़पने की साजिश

कलेक्टर डॉ. सिंह ने इन पांचो पर कार्रवाई करते हुए अपने आदेश में कहा है कि इस तरह की घटनाएं न केवल मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 और अन्य कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन हैं, बल्कि ये किसानों और भोली-भाली जनता की जमीन हड़पने की साजिश का हिस्सा हैं। इसलिए लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले सभी सर्विस प्रोवाइडर निलंबित किए जाते हैं और इनके विरुद्ध आगे कड़ी कार्रवाई भी प्रस्तावित है।

शहडोल जिले में लगातार ऐसे आवेदन प्राप्त हो रहे थे, जिनमें विक्रेताओं की सहमति के बिना जमीन बेचे जाने, प्रतिबंधित भूमि के पंजीयन और मृतक के नाम पर रजिस्ट्री होने की शिकायतें दर्ज की गई। जांच में इनकी पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने फर्जीवाड़े पर काला कदम उठाया है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here