samacharsecretary.com

अंबिकापुर में 3 करोड़ से सुधरेंगे 150 किलोमीटर लंबे विभिन्न मार्गों के क्षतिग्रस्त हिस्से, दिसम्बर तक काम पूरा करने का लक्ष्य

रायपुर

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव के निर्देश के बाद अंबिकापुर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने की मुहिम तेज हो गई है। सरगुजा प्रवास के दौरान सड़कों की बदहाल स्थिति सुधारने और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के उनके निर्देशों पर लोक निर्माण विभाग ने अमल शुरू कर दिया है। शहर के महामाया चौक से लरंग साय चौक तक सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की बीटी पैच मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई है। विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 में वार्षिक संधारण मद से 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इस राशि से लोक निर्माण विभाग के अंबिकापुर संभाग के विभिन्न मार्गों के कुल 150 किलोमीटर हिस्सों का संधारण किया जाएगा। सभी निर्धारित मरम्मत कार्यों को दिसम्बर तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि सड़कों पर बने गड्ढों की शीघ्र मरम्मत की जाए, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने सड़क संधारण कार्यों में तेजी लाने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया था। उनके निर्देशों के अनुपालन में लोक निर्माण विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की मरम्मत के कार्य शुरू कर दिए हैं।

लोक निर्माण विभाग ने अंबिकापुर में महामाया चौक से लरंग साय चौक तक बीटी पैच मरम्मत का काम प्रारंभ किया है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों को दुरुस्त कर आवागमन सुगम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग स्वीकृत संधारण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तेजी से काम कर रहा है। मरम्मत पूरी होने से वाहन चालकों और आम नागरिकों को सड़क के गड्ढों से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा। विभाग द्वारा अन्य स्वीकृत संधारण कार्यों को भी तय समय-सीमा में पूरा करने आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here