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बस्तर में सुरक्षा को लेकर मंथन, DGP अरुण देव गौतम पहुंचे जगदलपुर

जगदलपुर.

जगदलपुर.
नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के बाद अब बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था के अगले चरण पर पुलिस का फोकस है. इसी सिलसिले में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम जगदलपुर पहुंचे. उन्होंने बस्तर संभाग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में नक्सल मुक्त हुए इलाकों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई.

मैदानी अधिकारियों से अभियान और जमीनी हालात को लेकर फीडबैक लिया गया. अब चुनौती नक्सल गतिविधियों की वापसी रोकने के साथ सामान्य व्यवस्था को मजबूत करना है. बैठक में आगामी सुरक्षा रणनीति और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की मौजूदगी और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया. साथ ही सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पुलिस की आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया गया. डीजीपी का यह दौरा नक्सल उन्मूलन के बाद बदले सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है.

गांवों तक पहुंचे पुलिस, विकास कार्यों पर भी नजर
डीजीपी ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को अंदरूनी इलाकों और गांवों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, जवान क्षेत्र में जाकर स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझें और वहां चल रहे विकास कार्यों का भी अवलोकन करें। शासन-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनता का विश्वास जीतने को पुलिसिंग की प्राथमिकता बताया।

सरेंडर करने वालों को पुनर्वास नीति का पूरा लाभ
बैठक में नक्सल पुनर्वास नीति के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने पात्र पुनर्वासितों को नीति के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम लाभ दिलाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए।

तकनीक के इस्तेमाल और पारदर्शिता पर जोर
सभी जिलों में तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया।

ये अफसर भी रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, आईजी बस्तर बीएन मीणा, आईजी सीआरपीएफ कबीब के, आईजी बीएसएफ संजय पंत, केंद्रीय सुरक्षा बलों के डीआईजी, बस्तर, कोंडागांव और सुकमा के एसपी समेत अन्य राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।

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