samacharsecretary.com

इंजन फेल होने के बावजूद Starship ने रचा इतिहास, 26 सैटेलाइट किए लॉन्च

वाशिंगटन
स्पेसएक्स के अगली पीढ़ी के रॉकेट स्टारशिप ने सोमवार को पहली बार पृथ्वी की कक्षा तक पहुंचने में सफलता हासिल की। उड़ान के दौरान एक इंजन अचानक बंद हो गया था, जिससे मिशन को बीच में ही छोटा करना पड़ा। इसके बावजूद स्टारशिप ने 26 नई पीढ़ी के स्टारलिंक सैटेलाइट कक्षा में सफलतापूर्वक तैनात किए। इसके बाद मिशन को तय समय से करीब 7 घंटे पहले खत्म कर दिया गया और स्टारशिप ने प्रशांत महासागर में नियंत्रित तरीके से उतरते हुए समुद्र में तेज आग के साथ टचडाउन किया। यह उड़ान टेक्सास के स्टारबेस परिसर से हुई थी और 2023 के बाद स्टारशिप की 14वीं उड़ान थी।

यह मिशन 10 घंटे चलने वाला था, लेकिन इंजन में आई दिक्कत के बाद इसे करीब तीन घंटे में ही खत्म कर दिया गया। स्टारशिप का ऊपरी हिस्सा अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद उसके तीन मुख्य इंजनों में से एक समय से पहले बंद हो गया। स्पेसएक्स के प्रवक्ता डैन हुओट ने पहले कहा कि इस स्थिति में यान को कक्षा तक भेजने का फैसला नहीं किया जाएगा। हालांकि, इंजीनियरों से मिले अपडेट के बाद उन्होंने कुछ मिनट में बताया कि स्टारशिप अभी भी इंजन फायरिंग के जरिए कक्षा तक पहुंच सकता है। इसके बाद यान ने सफलतापूर्वक यह प्रक्रिया पूरी की।

करीब 40 मंजिल ऊंचा यान है स्टारशिप
करीब 269 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्टारशिप ने एक-एक करके 26 नई पीढ़ी के स्टारलिंक सैटेलाइट छोड़े। एलन मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सभी 26 सैटेलाइट सफलतापूर्वक तैनात हो गए और सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। स्टारशिप करीब 40 मंजिल ऊंचा यान है, जिसमें सुपर हेवी बूस्टर के ऊपर मुख्य स्टारशिप यान लगा होता है। उड़ान के दौरान सुपर हेवी ने स्टारशिप को अंतरिक्ष तक पहुंचाया और फिर खुद समुद्र में नियंत्रित तरीके से उतरा। हालांकि, उसके कुछ इंजन नीचे आते समय काम करना बंद कर गए।

कितना मुश्किल रहा अब तक का सफर
स्टारशिप का प्रशांत महासागर में उतरना भी योजना के मुताबिक नियंत्रित था। यान ने समुद्र की सतह से टकराने से पहले अपने थ्रस्टर की मदद से खुद को सीधा किया और समुद्र में पहुंचा। इसके बाद उसके निचले हिस्से में आग लग गई और यान एक तरफ झुक गया। स्पेसएक्स ने इस मिशन के बाद स्टारशिप को समुद्र से वापस निकालने की योजना नहीं बनाई थी। कंपनी के लिए यह सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले 2023 से हुई स्टारशिप की सभी 13 परीक्षण उड़ानें सिर्फ सबऑर्बिटल चरण तक सीमित रही थीं। स्टारशिप को भविष्य में स्टारलिंक सैटेलाइट तेजी से लॉन्च करने और नासा के चंद्र मिशनों में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here