samacharsecretary.com

2002 में अनुबंध पर लगे चालक अब नियुक्ति तिथि से ही किए जाएंगे पक्के

चंडीगढ़.

परिवहन विभाग में वर्ष 2002 में अनुबंध पर लगे चालकों को अब नियुक्ति तिथि से ही पक्का किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने 14 जनवरी का आदेश वापस ले लिया है, जिसमें सभी 347 चालकों को वर्ष 2006 से नियमित किया गया था। इन्हें पुरानी पैंशन योजना के साथ फैमिली पेंशन योजना का भी लाभ मिलेगा।

परिवहन निदेशालय की ओर से इस संबंध में सभी रोडवेज महाप्रबंधकों और वरिष्ठ यांत्रिक अभियंता मंत्री कार अनुभाग एवं राजकीय केंद्रीय कर्मशाला को निर्देश जारी कर दिया गया है। इससे पहले विगत जनवरी में हरियाणा राज्य परिवहन विभाग के विभिन्न आगारों में वर्ष 2002 से संविदा आधार पर नियुक्त कार्यरत चालकों को वर्ष 2006 से नियमित किया गया था। अब उन्हें वर्ष 2002 से उनकी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से ही नियमित किया जाएगा। इन चालकों की अर्हक सेवा (क्वालीफाइंग सर्विस) की गणना उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि वर्ष 2002 से की जाएगी तथा उन्हें इसके आधार पर ए.सी.पी. सहित सभी सेवा-लाभप्रदान किए जाएंगे।

इन चालकों की क्वालीफाइंग सर्विस की गणना उनकी प्रारंभिक नियुक्त्ति तिथि वर्ष 2002 से की जाएगी तथा उन्हें इसके आधार पर एसीपी सहित सभी सेवा-लाभ प्रदान किए जाएंगे। सभी संबंधित चालकों को पुरानी पेंशन योजना के साथ-साथ फैमिली पेंशन योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

इन चालकों के लिए सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) का नया खाता खोला जाएगा। यह सभी लाभ दिनांक 31 अगस्त 2024 तक कल्पित (नोशनल) रूप में तथा एक सितंबर 2024 से वास्तविक रूप में प्रदान किए जाएंगे।

परिवहन निदेशालय ने इस संबंध में सभी रोडवेज महाप्रबंधकों, वरिष्ठ यांत्रिक अभियंता (मंत्री कार अनुभाग) और राजकीय केंद्रीय कर्मशाला को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। पहले जनवरी में जारी आदेश के तहत वर्ष 2002 से संविदा पर कार्यरत चालकों को 2006 से नियमित किया गया था, जिससे उनकी सेवा अवधि और पेंशन लाभ सीमित हो रहे थे।

अब संशोधित निर्णय के अनुसार उनकी अर्हक सेवा (क्वालीफाइंग सर्विस) की गणना वर्ष 2002 की प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से की जाएगी। नए आदेश के तहत चालकों को एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) सहित सभी सेवा लाभ नियुक्ति तिथि से मिलेंगे।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here