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अमरनाथ यात्रा पर बारिश का असर: एक दिन के लिए स्थगित, 18 जुलाई से फिर शुरू होने की संभावना

श्रीनगर 

जम्मू और कश्मीर सूचना विभाग ने बताया है कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा गुरुवार को पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से रोक दी गई है। यात्रा मार्गों पर बारिश से हुए नुकसान की तुरंत मरम्मत का काम चल रहा है।

जम्मू और कश्मीर जनसंपर्क विभाग के एक बयान के अनुसार, "पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दोनों रास्तों पर ट्रैक्स की मरम्मत का काम बहुत ज़रूरी हो गया है।" सीमा सड़क संगठन ने 18.07.2025 को दोनों आधार शिविरों से यात्रा फिर से शुरू होने से पहले काम पूरा करने के लिए अपने कर्मचारियों और मशीनों को बड़ी संख्या में तैनात किया है।

कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने भी यात्रा के स्थगित होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौसम की स्थिति ठीक होने पर 18 जुलाई को तीर्थयात्रा फिर से शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण ट्रैक्स पर तुरंत मरम्मत और रखरखाव का काम करना ज़रूरी है। इसलिए, यह फैसला लिया गया है कि आज दोनों आधार शिविरों से पवित्र गुफा की ओर किसी भी यात्री को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"

बिधूड़ी ने आगे बताया कि जो यात्री पिछली रात पंजतरणी शिविर में रुके थे, उन्हें BRO और पर्वतीय बचाव दलों की मदद से बालटाल जाने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिन के मौसम को देखते हुए, कल यात्रा फिर से शुरू होने की पूरी संभावना है।

यात्रा के आंकड़े और आगे की जानकारी
2025 की अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 2.47 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री 3,880 मीटर ऊंची पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। इस साल यह पहला मौका है जब जम्मू से तीर्थयात्रा को एक दिन के लिए रोका गया है। आपको बता दें, 3 जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से, 2.35 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अब तक 4 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने इस तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। यह 38 दिनों तक चलने वाली तीर्थयात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।
 

 

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