samacharsecretary.com

हाथी महोत्सव: हाथियों का होगा श्रृंगार, मिलेगा मनपसंद खाना

भोपाल 
मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों में हाथी महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हाथियों की पूजा कर उन्हें उनके पसंद का भोजन दिया जा रहा है। उन्हें सजाकर आसपास रहने वाले लोगों के सामने दर्शन के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही हाथियों के सामाजिक व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों की ट्रैकिंग, गश्त और रेस्क्यू में हाथियों की अहम भूमिका है। आयोजन का उद्देश्य बांधवगढ़ में जंगली हाथियों के लगातार निवास करने के कारण जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ाना तथा हाथियों की सेवा, देखभाल और संरक्षण की भावना बढ़ाना है।

शहडोल के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 25 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रामा हाथी कैम्प, ताला, बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हाथी महोत्सव के दौरान हाथियों को पूरी तरह से विश्राम दिये जाने के साथ ही उनके मन-पसंद व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पार्क प्रबंधन द्वारा इस बार हाथी महोत्सव को हाथियों के पुनर्जीवन के लिए समर्पित किया है। कैंप में कुल 15 हाथी हैं, जिनमें 9 नर तथा 6 मादा शामिल हैं। कैंप में गौतम नाम का हाथी सबसे बुजुर्ग है, जिसकी उम्र 79 वर्ष है, वह रिटायर हो चुका है, जबकि कैंप में सबसे छोटा हाथी गंगा है, जिसकी उम्र मात्र एक साल है।

हाथी महोत्सव के पहले दिन हाथियों को सुबह-सुबह चरण गंगा नदी में स्नान कराया गया। जहां पानी में हाथी मस्ती करते हैं। कैंप में वापस लाकर नीम एवं आरंडी के तेल से उनकी मालिश की जाती है। वन्य-जीव विशेषज्ञ डॉक्टर्स डीवार्मिंग, पैर एवं दाँतों की देखभाल करते हैं। इस दौरान हाथियों को चंदन लगाकर सजाया गया। उन्हें पसंदीदा भोजन गन्ना, नाशपाती, नारियल, गुड़, मक्का, केला, सेव, अमरूद तथा रोटी परोसी जाती है। डॉक्टर द्वारा उनकी डाइट तय की जाती है, जिसमें खनिज आहार, पारंपरिक भोजन और ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। भोजन के उपरांत दोपहर से शाम तक के लिए इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया जाता है। इस दौरान वे कीचड़ स्नान, तालाब में जल क्रीड़ा तथा वन भ्रमण का आनंद लेते हैं। हाथी महोत्सव में आम नागरिकों के लिए पार्क सीमा में आवाजाही की अनुमति रहती है। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोग इनकी पूजा एवं भोजन खिलाकर दर्शन करते है।

हाथी महोत्सव में कैंप में रहने वाले हाथियों को ही नहीं, बल्कि उनकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों को भी विशेष सम्मान मिलता है। हाथियों के महावत और उनके हेल्पर का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। हाथियों को लेकर आगे आने वाली चुनौतियों, वर्तमान और भविष्य के बदलाव को लेकर उन्हें विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है।

संजय टाइगर रिजर्व सीधी में हाथी रिजुवनेशन कैंप
हाथी महोत्सव-2025 का भव्य आयोजन सीधी में खैरीझील हाथी कैम्प परिसर में किया जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ विधायक कुंवर सिंह टेकाम द्वारा हाथियों की पूजा एवं फल अर्पित कर किया गया। उन्होंने महावतों और चारा कटरों को टॉर्च, मच्छरदानी और बैग वितरित किए।  हाथियों के स्वास्थ्य संवर्धन और देखभाल के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है।

आयोजन में हाथी बापू, भरत, चित्रा और शांभवी शामिल हैं। इस दौरान हाथियों को नियमित आहार के साथ केला, सेव, पपीता, गन्ना, नारियल आदि विशेष फल खिलाए जाएंगे। हाथियों की टस्क ट्रिमिंग, नाखून काटना, नीम तेल से पैरों की मालिश तथा स्वास्थ्य परीक्षण जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। महावतों एवं चारा कटरों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा परिचर्चा एवं खेल-कूद कार्यक्रम किये जा रहे हैं। कैंप में हाथियों को कार्य से पूर्णतः मुक्त रखा जा रहा है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here