samacharsecretary.com

‘अमेरिका के बिना यूरोप की सुरक्षा एक सपना है’: नाटो प्रमुख

वाशिंगटन.

अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच गहराते तनाव के बाद अब नाटो प्रमुख ने एक बड़ा बयान दिया है। नाटो के महासचिव मार्क रूट ने सोमवार को जारी अपने इस बयान में कहा है कि अमेरिका के बिना यूरोप कभी खुद को बचा नहीं सकता और यह महज सपने की तरह है। नाटो चीफ ने यह भी कहा कि अगर यूरोप को खुद की रक्षा खुद करनी है उसे मौजूदा सैन्य खर्च के लक्ष्यों को दोगुना से भी ज्यादा बढ़ाना होगा।

रूट ने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के सांसदों से कहा, "अगर यहां कोई सोचता है कि यूरोपीय संघ या पूरा यूरोप अमेरिका के बिना खुद का बचाव कर सकता है, तो सपने देखते रहो। तुम नहीं कर सकते।" उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका को एक-दूसरे की जरूरत है। नाटो चीफ ने आगे कहा, "अगर आप सच में अकेले चलना चाहते हैं, तो भूल जाइए कि आप 5 फीसदी रक्षा बजट के साथ कभी वहां पहुंच सकते हैं। आपको यह 10 फीसदी करना होगा। आपको अपनी खुद की परमाणु क्षमता बनानी होगी। इसमें अरबों यूरो खर्च होंगे।"

ट्रंप की धमकियों से बढ़ा तनाव
बता दें कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को लेकर नाटो के भीतर तनाव बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड को हासिल करना बहुत जरूरी है। वहीं नाटो सदस्यों द्वारा ट्रंप ने इस कदम का खुलकर विरोध किए जाने के बाद ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा भी कर दी थी। हालांकि बाद में ट्रंप ने अपना यह फैसला वापस ले लिया।

बजट को लेकर क्या विवाद?
इससे पहले ट्रंप यूरोपीय देशों के रक्षा बजट को लेकर भी हमलावर रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि ये देश रक्षा बजट को नहीं बढ़ा रहे हैं और अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर हैं। उन्होंने कई मौकों पर यह कहा है कि अमेरिका यूरोप के लिए बहुत पैसे खर्च करता है लेकिन बदले में अमेरिका को कुछ नहीं मिलता।

बीते जुलाई में द हेग में नाटो शिखर सम्मेलन में, यूरोपीय देशों और कनाडा ने ट्रंप की इस मांग पर सहमति व्यक्त की कि वे एक दशक के भीतर अपनी जीडीपी का उतना ही प्रतिशत रक्षा पर निवेश करेंगे जितना अमेरिका करता है। उन्होंने 2035 तक सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 फीसदी बजट रक्षा पर और अतिरिक्त 1.5% सुरक्षा-संबंधित बुनियादी ढांचे पर खर्च करने का वादा किया था।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here