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कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस में फर्जी जमानतदार, महिला आरोपी दोबारा गिरफ्तार

इंदौर
 वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने 2018 में मुंबई के रहने वाली महिला सलोनी अरोड़ा से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया था, जिसको पिछले दिनों जमानत मिल गई है. जिस व्यक्ति ने उनकी जमानत दी थी, उसने पर पूर्व में कई लोगों को फर्जी तरीके से जमानत दिलवाई थी, जिसके चलते एक बार फिर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मुंबई से महिला और जमानत देने वाले इंदौर निवासी केदार को गिरफ्तार किया है.

नए केस में फंसी सलोनी अरोड़ा

वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की आत्महत्या मामले में आरोपी सलोनी अरोड़ा एक नए केस में फंस गईं. उन पर फर्जी कागजात पर जमानत लेने का मामला दर्ज हुआ है. सलोनी के साथ जमानतदार केदार डाबी को भी इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है और अब उनसे पूछताछ की जाएगी. इंदौर क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई नीरज याग्निक की शिकायत पर की थी. नीरज स्वर्गीय कल्पेश याग्निक के भाई हैं. उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.

आत्महत्या मामले में हुई थी गिरफ्तार

दरअसल मामला यह है कि साल 2018 में वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक जिस अखबार में काम करते थे, उसी दफ्तर में आत्महत्या कर ली थी. उस समय यह मामला काफी सुर्खियों में था. मृतक कल्पेश याग्निक के साथ काम कर चुकी मुंबई निवासी महिला सलोनी अरोड़ा पर ब्लैकमेल करने सहित अन्य आरोप लगे थे, जिसे पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. करीब 1 साल बाद साल 2019 में सलोनी को कोर्ट से जमानत मिल गई थी.

फर्जी कागज से कराई थी जमानत

सलोनी की जमानत उनकी भाभी डिंपल संजय अरोड़ा ने कराई थी. कोई विवाद सामने आया उसके चलते उनकी भाभी ने साल 2021 में कोर्ट में अर्जी डालकर जमानत वापस ले ली थी. उसके बाद उनकी जमानत केदार डाबी नामक व्यक्ति के द्वारा कराई गई थी. जिस केदार डाबी ने सलोनी की जमानत करवाई थी. उसे पुलिस ने फर्जी जमानत कांड के मामले में गिरफ्तार किया था. हाई कोर्ट ने केदार डाबी को सशर्त पर जमानत दी थी कि वह अब किसी भी व्यक्ति की जमानत नहीं करवाएगा. इसके बावजूद उसने सलोनी की जमानत करवा दी.

धोखाधड़ी सहित अन्य धाराएं लगी

जब इस मामले की जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस ने सलोनी की जमानत को खारिज करवा दिया. वहीं इस मामले में नीरज याग्निक की शिकायत पर सलोनी और उनकी जमानत करवाने वाले केदार डाबी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत लेने के मामले में प्रकरण दर्ज किया है. पुलिस ने केदार डाबी को तो पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. अब सलोनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे इंदौर लाया जा रहा है.

इन धाराओं में केस दर्ज

इंदौर पुलिस ने सलोनी के खिलाफ IPC की धारा 115, 120बी (षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 465, 466, 467, 470, 471, 474 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना और उपयोग करना) के तहत केस दर्ज किया है। सलोनी अरोरा के अलावा इस मामले में सिमरोल निवासी केदार डाबी और आनंद नगर निवासी मधु श्रीवास्तव को भी आरोपी बनाया है। केदार डाबी पेशेवर जमानतदार है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

    वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की आत्महत्या के बाद सलोनी अरोरा पर ने जुलाई 2018 को ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ था।

    सलोनी अरोरा ने पहले डिंपल अरोरा की जमानत दी, लेकिन बाद में बदलकर केदार डाबी को जमानतदार बनाया।

    जनवरी 2024 में केदार डाबी ने फर्जी ऋण पुस्तिका (लोन बुक) के आधार पर सलोनी के लिए ₹5 लाख की जमानत पेश की। मधु श्रीवास्तव ने केदार के शपथपत्र को सत्यापित करने वाली गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए। 

हाईकोर्ट का पुराना ऑब्ज़र्वेशन

नीरज याग्निक के अनुसार, केदार डाबी के खिलाफ पहले भी फर्जी जमानत से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। डाबी आदतन पेशेवर जमानतदार है, यह टिप्पणी भी कर चुका है।
कोर्ट में 3 साल से पेश नहीं हुई सलोनी

जनवरी 2024 में जमानत के समय को छोड़कर, सलोनी 3 वर्षों से कोर्ट में पेश नहीं हुई। नीरज याग्निक का कहना है कि यह पूरी योजना न्यायालय की प्रक्रिया को धोखा देने और देश छोड़कर भागने की तैयारी का हिस्सा हो सकती थी।
क्या है कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस?

14 जुलाई 2018 को वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने दैनिक भास्कर ऑफिस की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में सामने आया कि पूर्व सहकर्मी सलोनी अरोरा उन्हें लंबे समय से ब्लैकमेल कर रही थी। तब से यह मामला 28वें न्यायाधीश हेमंत रघुवंशी की कोर्ट में ट्रायल पर है। 

अग्रिम कार्रवाई में जुटी पुलिस

इंदौर डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया," आरोपी सलोनी अरोड़ा ने जमानतदार केदार डाबी के साथ मिलकर फर्जी कागज लगाकर जमानत ली थी. जिसकी शिकायत मिलने पर जांच की गई तो जमानत फर्जी पाई गई. इसी के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी सलोनी अरोड़ा और फर्जी जमानतदार को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस मामले की अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है." 

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