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अतिथि शिक्षकों पर सरकार का यू-टर्न, खत्म हुआ सेवा समाप्ति का फैसला

भोपाल

प्रदेश के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। सात दिन तक लगातार अनुपस्थित रहने पर उनकी सेवाएं एजुकेशन पोर्टल 3.0 से हटाने संबंधी आदेश को स्कूल शिक्षा विभाग ने निरस्त कर दिया है। अतिथि शिक्षकों के विरोध के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने 20 फरवरी को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
डीपीआई संचालक ने जारी किए नए निर्देश

डीपीआई के संचालक केके द्विवेदी द्वारा गुरुवार को जारी निर्देश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूलों के संकुल प्राचार्यों और शाला प्रभारियों को स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। साथ ही बताया गया है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध कराने के बाद इस संबंध में अलग से नए निर्देश जारी किए जाएंगे।

अव्यवहारिक आदेश का हुआ था विरोध

बता दें कि 20 फरवरी को जारी आदेश में यह निर्देशित किया गया था कि यदि कोई अतिथि शिक्षक सात दिन तक लगातार अनुपस्थित रहता है तो उसकी सेवाएं पोर्टल से हटा दी जाएंगी। इस निर्णय का प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों ने विरोध किया था और इसे अव्यवहारिक बताया था।
मंत्री का बयान और समिति की प्रतिक्रिया

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बीते बुधवार को विधानसभा में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि अतिथि शिक्षकों के अवकाश के लिए निर्धारित नियम और शर्तें तय हैं। यदि कोई शिक्षक तय अवधि से अधिक समय तक अनुपस्थित रहता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस आदेश के बाद फिलहाल अतिथि शिक्षकों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट गई है।

 

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