samacharsecretary.com

डाकबंगला में रामनवमी का भव्य आयोजन, नीतीश कुमार की मौजूदगी में एक मंच पर दिखे पिता-पुत्र

पटना

आज देशभर में रामनवमी का पावन पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना में भी विभिन्न पूजा समितियों की तरफ से भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया गया है। ये सभी झांकियां धीरे-धीरे पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित श्रीराम चौक पर पहुंच रही हैं।

समारोह के लिए डाकबंगला चौराहे पर एक विशाल मंच तैयार किया गया है, जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके पुत्र निशांत कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और संजय सरावगी समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता उपस्थित हैं।

जय श्री राम के नारे से गूंजा क्षेत्र

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंच पर मौजूद सभी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नितिन नवीन द्वारा वहां पहुंच रही झांकियों को सम्मानित किया जा रहा है। नीतीश कुमार के मंच पर चढ़तेही जय श्री राम के नारे लगने लगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नितिन नवीन पहली बार इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनकर झांकियों का स्वागत कर रहे हैं।

मौसम ने ली करवट

इस साल रामनवमी पर पटना की 52 पूजा समितियां अपनी मनमोहक झांकियां निकाल रही हैं। सुबह के वक्त तेज धूप से लोग बेहाल थे, लेकिन शोभायात्रा शुरू होने से ठीक पहले मौसम ने अचानक करवट ली।

हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम मेहरबान होने की वजह से श्रीराम चौक पर भक्तों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। लगातार आ रहे श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यहां करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है।

इस बार का आयोजन कई मायनों में बेहद खास है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम का अमर किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता अरुण गोविल हैं, जो मंच पर मौजूद हैं।

उनके साथ-साथ दिग्गज भोजपुरी गायक और भाजपा नेता मनोज तिवारी भी इस समारोह में मौजूद हैं। इतनी बड़ी भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं और चप्पे-चप्पे पर करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here