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अमृत सरोवर से रिझोरा में लौटी हरियाली और खुशहाली

भोपाल ग्वालियर जिले की ग्राम पंचायत दौलतपुर के ग्राम रिझोरा ने जल संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। कभी पानी की कमी से जूझता ग्वालियर जिले का यह गांव आज “अमृत सरोवर” के कारण समृद्धि और खुशहाली की नई कहानी लिख रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बनकर तैयार हुए इस सरोवर ने न केवल गांव की तस्वीर बदली है, बल्कि भू-जल स्तर में अभूतपूर्व वृद्धि कर किसानों के जीवन में नई ऊर्जा भर दी है। ग्राम रिझोरा में पहले जल संचय के लिए कोई प्राकृतिक स्रोत नहीं था, जिससे भू-जल स्तर लगातार गिरता जा रहा था। खेती, पेयजल और पशुओं के लिए पानी की समस्या गंभीर होती जा रही थी। इस चुनौती से निपटने के लिए ग्राम सभा ने सामूहिक निर्णय लेकर तालाब निर्माण का संकल्प लिया। ग्रामीणों की दो वर्षों की मेहनत और सरकार की विभिन्न योजनाओं के संयोजन से लगभग 16.77 लाख रुपये की लागत से यह सरोवर बनकर तैयार हुआ है। पिछले साल की अच्छी बारिश में यह सरोवर लबालब भर गया। सरोवर के भरने के साथ ही गांव का भू-जल स्तर तेजी से बढ़ा। जो कुएं सूखने की कगार पर थे, वे फिर से जल से भर गए और बंद पड़े बोरवेल भी पुनः चालू हो गए। इससे सिंचाई के साधन मजबूत हुए और खेती को नई दिशा मिली। रिझोरा का यह अमृत सरोवर साबित करता है कि सामूहिक प्रयास, सही योजना और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता से किसी भी गांव की तस्वीर बदली जा सकती है। यह पहल अन्य गांवों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। खेती में आया बदलाव, बढ़ी किसानों की आय भू-जल स्तर में सुधार के बाद अब किसान परंपरागत फसलों के साथ-साथ सब्जियों की खेती भी करने लगे हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। मांगलिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना सरोवर अमृत सरोवर अब केवल जल स्रोत ही नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक-मांगलिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां पक्के घाट, सीढ़ियां और सुरक्षा के लिए रेलिंग का निर्माण किया गया है, जिससे लोग आसानी से पूजा-पाठ और आयोजन कर पा रहे हैं। सरोवर के किनारे लगने वाला मोरछट का मेला अब आसपास के गांवों के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं।  

वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने

रायपुर वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  देवांगन ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 61.82 लाख की लागत से निर्मित रैन बसेरा का किया लोकार्पण वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा आज कोरबा स्थित स्व.  बिसाहू दास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एसईसीएल के सीएसआर मद से 61.82 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त आश्रयालय का लोकार्पण किया।  वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  देवांगन ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 61.82 लाख की लागत से निर्मित रैन बसेरा का किया लोकार्पण  कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 4.50 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक जांच मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि 50 बिस्तर क्षमता वाला क्रिटिकल केयर यूनिट 16.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है, जो शीघ्र ही पूर्ण होगा। इसी प्रकार कैजुअल्टी भवन के ऊपरी तल पर 100 बिस्तरों वाले नए वार्ड का निर्माण लगभग 3 करोड़ रुपये में जारी है। गर्मी से मरीजों व परिजनों को राहत दिलाने के उद्देश्य से अस्पताल में 83 एयर कंडीशनर लगाए जा रहे हैं।      मंत्री ने कहा कि 40 बिस्तरों की क्षमता वाला आई वार्ड लगभग 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से जल्द प्रारंभ किया जाएगा। नवजात शिशुओं हेतु 6 बिस्तरों का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। साथ ही सीएसआर एवं डीएमएफ फंड से सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके बाद जिलेवासियों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने कहा कि नए आश्रयालय (रैन-बसेरा) के शुरू होने से मरीजों के परिजनों को ठहरने में अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों।      कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा कि सुशासन की सरकार एवं केबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। इस अवसर पर सभापति  नूतन ठाकुर तथा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन डॉ. के.के. सहारे उपस्थित रहे।

33/11 केवी उपकेन्द्र निर्माण की रखी गई आधारशिला, 12 गांव होंगे लाभान्वित

रायपुर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5.20 लाख रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की रामनवमी के शुभ अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम जैतपुरी में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी सौगात देते हुए 2 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 के.व्ही., 5 एम.वी.ए. क्षमता के नवीन विद्युत उपकेन्द्र का विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस उपकेन्द्र के स्थापित होने से जैतपुरी सहित आसपास के 12 गांवों के करीब 1 हजार 750 से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण, नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। वर्षों से लो वोल्टेज, बार-बार बिजली बाधित होने और लंबी फीडर लाइन की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5 लाख 20 हजार रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5.20 लाख रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की           उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव और वनांचल क्षेत्रों के विकास पर भी पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि यह नया बिजली उपकेन्द्र बनने से क्षेत्र में बिजली की समस्या दूर होगी और विकास तेजी से बढ़ेगा। अब लोगों को लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिजली व्यवस्था स्थायी रूप से बेहतर हो जाएगी।          उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बताया कि इस उपकेन्द्र में 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा यहां से 3 अलग-अलग 11 केवी फीडर निकाले जाएंगे, जिससे आसपास के 12 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस व्यवस्था से क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या दूर होगी, जिससे किसानों को विशेष रूप से राहत मिलेगी और कृषि कार्य के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस दौरान उन्होंने  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य  भगत पटेल,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष  नंद वास,  लोकचंद साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। 2.98 करोड़ रुपए की लागत से होगा निर्माण, विकास को मिलेगी नई दिशा         विकासखंड कवर्धा के ग्राम जैतपुरी में नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्रवासियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करेगी। ग्राम जैतपुरी में लगभग 2 करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से उपकेन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इसमें 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी। 12 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ            ग्राम जैतपुरी में स्थापित होने वाला यह नया विद्युत सबस्टेशन क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करेगा। इसके माध्यम से जैतपुरी, सिंघनपुरी, लालपुर, तारो, खैरबना, धनडबरा, बटालियन, मंडलाकोना, हाथीडोब सहित कुल 12 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, जहां लंबे समय से लो वोल्टेज और अनियमित बिजली की समस्या बनी हुई थी। इस उपकेन्द्र से उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और क्षेत्र में नियमित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। 1750 से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली          नए सब स्टेशन के निर्माण से लगभग 1750 से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। वर्तमान में 8 गांवों की बिजली आपूर्ति जोरताल सबस्टेशन से संचालित 11 केवी खैरबना फीडर के माध्यम से होती है। खैरबना फीडर की लंबाई लगभग 40 किलोमीटर है, जिस पर पीक सीजन में 120 एम्पियर तक लोड रहता है। इसके कारण अंतिम छोर के गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिससे विशेषकर कृषि पंप उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, लंबी लाइन होने के कारण बार-बार फाल्ट और बिजली बाधित होने की समस्या भी सामने आती है। इस समस्या से अब निजात मिलेगा और गांव के लोगों को राहत मिलेगी।

कर्नाटक का स्वर्णिम प्रदर्शन, तैराकी में पूर्ण वर्चस्व

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तीसरे दिन कर्नाटक ने अंतर्राष्ट्रीय स्विमिंग पूल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। कर्नाटक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला राज्य बन गया है। तीसरे दिन के अंत तक कर्नाटक को कुल 13 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक हो गए हैं, जिनमें सभी स्वर्ण पदक तैराकी स्पर्धाओं से प्राप्त हुए हैं। मणिकांता एल का जलवारू अकेले जीते आठ स्वर्ण          कर्नाटक के स्टार तैराक मणिकांता एल ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरे दिन दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। अब तक वे कुल आठ स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता के सबसे सफल खिलाड़ी बन चुके हैं और कर्नाटक की बढ़त को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पदक तालिका में प्रतिस्पर्धा तेज          पदक तालिका में ओडिशा 6 स्वर्ण, 2 रजत और 9 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि असम 2 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। मेजबान छत्तीसगढ़ 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ त्रिपुरा के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर बना हुआ है। मेजबान छत्तीसगढ़ का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन         मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के लिए एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। अनुष्का भगत ने महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना तीसरा रजत हासिल किया, जबकि निखिल जाल्को ने पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता। वहीं न्यासा पैकरा ने 100 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने खोला स्वर्ण खाता तीसरे दिन महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना स्वर्ण खाता खोला। महाराष्ट्र की तन्वी धुर्वे ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जबकि अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 58 किग्रा वर्ग में तथा रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। तैराकी स्पर्धाओं में रोमांचक मुकाबले तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में कर्नाटक की मेघांजलि ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुश्का भगत को रजत प्राप्त हुआ। पुरुष वर्ग में मणिकांता एल ने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 100 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं 50 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धूनीश एन ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वेटलिफ्टिंग में दमदार प्रदर्शन         वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 169 किलोग्राम वजन उठाकर 58 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा की बिदु स्मिता भोई ने 63 किग्रा वर्ग में 195 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में मिजोरम के एमएच सिलवान बेहरोथतलो ने 71 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि अरुणाचल प्रदेश के रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। देशभर से खिलाड़ियों की भागीदारी          खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रथम संस्करण में 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंभ एवं कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल हैं। आगे और रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद         तीन दिनों के बाद 14 राज्यों ने कम से कम एक पदक जीत लिया है, जबकि 6 राज्यों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। प्रतियोगिता के आगामी दिनों में और अधिक रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों की उम्मीद जताई जा रही है।

India-Russia Talks: ईरान युद्ध ने दिया भारत-रूस को मौका, US को भी होगी बड़ी डील की जानकारी

 नई दिल्ली युद्ध ने कई समीकरण बदल दिए हैं, अमेरिकी बैन के कारण भारत ने धीरे-धीरे रूस से तेल खरीदना कम कर दिया था. लेकिन अब युद्ध ने मिडिल-ईस्ट से तेल की सप्लाई को बाधित कर दिया है. जिसके बाद भारत अब अधिक से अधिक कच्चा तेल रूस से खरीदने पर विचार कर रहा है, ताकि देश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत न हो।  न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस संकट ने भारत को एक बार फिर रूस के साथ अपने पुराने और मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने का मौका दे दिया है और भारत ने अपना कदम बढ़ा दिया है।  दरअसल, मिडिल-ईस्ट में संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रूट बाधित हो गया है. यह मार्ग दुनिया के सबसे बड़े तेल परिवहन रास्तों में से एक है, और भारत जैसे देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इस संकट के चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे भारत के सामने भी ऊर्जा सुरक्षा की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।  LNG को लेकर रूस से बातचीत शुरू  बता दें, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा करता है. लेकिन फिलहाल सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं. ऐसे में भारत अब रूस को एक वैकल्पिक और भरोसेमंद सप्लायर के रूप में देख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और रूस के बीच लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) को लेकर एक बड़ी डील पर बातचीत शुरू हो चुकी है, जो यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार हो रही है. सूत्रों के मुताबिक भारत ने रूसी एलएनजी खरीदने के संदर्भ में अमेरिका को जानकारी दे दी है।  इतना ही नहीं, भारत अपने कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी को बढ़ाकर लगभग 40% तक ले जाने पर विचार कर रहा है. Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रूसी कच्चे तेल का आयात जनवरी 2026 के स्तर से दोगुना होकर कम से कम 40% तक पहुंच सकता है. रूस पहले से ही भारत को रियायती दरों पर तेल उपलब्ध कराता रहा है, जो मौजूदा महंगाई और ऊर्जा संकट के दौर में भारत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।  अमेरिका को चुभ सकता  है रूस-भारत का करीब आना गौरतलब है कि रूसी तेल खरीदने को लेकर  ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा था, जिसके बाद अमेरिका ने अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ थोप दिया था. यही नहीं, जब ट्रंप ने भारत पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया तो, उस समय उन्होंने कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, जिसके बाद टैरिफ में छूट दी गई।  लेकिन अब में मिडिल-ईस्ट में जिस तरह के हालात हैं, उसे देखते हुए भारत अब अमेरिका से विशेष छूट मांग रहा है, ताकि वह रूस से ऊर्जा खरीद जारी रख सके. इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा भू-राजनीतिक पहलू भी है. क्योंकि भारत और रूस फिर से करीब आने वाला है, जो कि अमेरिका को चुभ सकता है. रूस भी इस अवसर का फायदा उठाते हुए भारत के साथ अपने रिश्ते को और गहरा करने की कोशिश कर रहा है।  वैसे भी भारत और रूस एनर्जी के अलावा बिजली, एविएशन और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं. खास बात यह है कि दोनों देशों के बीच व्यापार अब रुपये और रूबल में भी किया जा रहा है, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश हो रही है। 

जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान

जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित : ऊर्जा मंत्री तोमर जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान जौरा सब स्टेशन में अब उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर, ऊर्जा मंत्री तोमर ने की पुष्टि भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा मुरैना जिले की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने के लिए 132 केवी जौरा सब स्टेशन की क्षमता में वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि सब स्टेशन में पूर्व स्थापित 20 एमवीए क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इससे मुरैना जिले की पारेषण प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा जौरा क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो सकेगी। मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिलेगा और भविष्य में बढ़ती विद्युत मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा। इन क्षेत्रों को होगा लाभ एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता राजीव तोतला ने जानकारी दी कि जौरा सब स्टेशन में नए पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से कुम्हेरी, जौरा, सुमावली, सांकरा, सिटी जौरा, चिनौनी, नवोदय तथा बगचिनी सहित आसपास के क्षेत्रों के लगभग 18 हजार विद्युत उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इनमें औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। जिले की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि अधीक्षण अभियंता राजीव ने जानकारी दी कि 20 एमवीए के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित होने से जौरा सब स्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 113 एमवीए हो गई है। एमपी ट्रांसको मुरैना जिले में 220 केवी के 2 सब स्टेशन (मुरैना एवं सबलगढ़) तथा 132 केवी के 7 सब स्टेशन (मुरैना, बामोर, अम्बाह, बड़ागांव डिमनी, कैलारस, जौरा एवं पोरसा) के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रही है। इस नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 1482 एमवीए हो गई है, जिससे विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता एवं स्थिरता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।  

मेगा इंजीनियरिंग अचीवमेंट: इंदौर में 400 टन का गर्डर 23 मीटर ऊंचाई पर सफलतापूर्वक लॉन्च

इंदौर लवकुश चौराहा पर बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर की सबसे लंबी 65 मीटर स्टील गर्डर को लंबे इंतजार के बाद लॉच कर दिया गया। 400 टन वजनी गर्डर को 23 मीटर ऊंचाई पर रखने की पूरी प्रक्रिया करीब 12 घंटे चली। तीन विंच मशीन की सहायता से बो स्ट्रिंग्स स्पान पर गर्डर को लाया गया। दो विंच मशीन से गर्डर को खींचा गया, जबकि एक विंच मशीन पीछे से रोकने के लिए लगाई गई थी। अब जेक पुश कर इसको दूसरी तरफ के बो स्ट्रिंग्स स्पान पर शिफ्ट किया जाएगा। इस कार्य के पूरा होने के बाद अब दूसरी स्टील गर्डर का निर्माण शुरू किया जाएगा। फ्लाईओवर की संरचना और तकनीकी बारीकियां इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा लवकुश चौराहा पर 1452 मीटर लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसमें 19 सेगमेंटल स्पान, चार कंपोजिट गर्डर स्पान एवं एक बो स्ट्रिंग्स स्पान है। बो स्ट्रिंग्स स्पान की लंबाई 65 मीटर है और यहां पर दो स्टील गर्डर रखी जानी हैं। पहली गर्डर का निर्माण पूरा होने के बाद बो स्ट्रिंग्स स्पान पर रख दिया गया। गुरुवार रात 11 बजे इसकी प्रक्रिया शुरू की गई, जो सुबह 11 बजे पूरी हुई। गर्डर को पुल करने में करीब पांच घंटे का समय लगा। पुल करने से पहले रीले पर गर्डर को चढ़ाने और बैलेंसिंग के कार्य किए गए। गर्डर को लॉच करने के लिए नीचे से यातायात पूरी तरह से बंद किया गया, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। 23 मीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर असेंबलिंग और क्रेन का उपयोग 400 टन वजनी गर्डर को फ्लाईओवर के जिस बो स्ट्रिंग्स पर रखा गया है उसकी ऊंचाई 23 मीटर है। यह शहर के सभी फ्लाईओवर में सबसे अधिक ऊंचाई है। फ्लाईओवर के नीचे से मेट्रो और फ्लाईओवर गुजरने के कारण गर्डर को ऊपर ही असेंबल किया गया था। वहीं खींचकर स्पान पर फिट किया जाएगा। स्टील गर्डर को ऊपर असेंबल करने के लिए 900 टन क्षमता की दो क्रेन का उपयोग किया गया। इसमें एक 600 टन और दूसरी 300 टन क्षमता की क्रेन थी। इन क्रेन की सहायता से गर्डर के एंगल और अन्य सामग्री ऊपर पहुंचाई गई। जिस कंपोजिट गर्डर स्पान में यह असेंबल की गई, उसका निर्माण दूसरी गर्डर के लांच होने के बाद होगा। सेगमेंटल स्पान और पियर पर रखे गए 247 सेगमेंट फ्लाईओवर के पियर तैयार होने के बाद स्पान पर सेगमेंट रखे गए। एक स्पान पर 13 सेगमेंट रखे गए हैं। एक सेगमेंट की चौड़ाई 25 मीटर और वजन 120 टन है। इसके अनुसार 13 स्पान की चौड़ाई 351 मीटर और वजन 1560 टन हुआ। सभी 24 स्पान पर सीमेंट और स्टील के 30 हजार टन वजन के 247 सेगमेंट रखे गए हैं। लवकुश चौराहा स्थित फ्लाईओवर की पहली गर्डर की लॉचिंग पूरी हो चुकी है। इसको खींचकर स्पान पर रखा गया। अब दूसरी गर्डर का निर्माण शुरू किया जाएगा।- डॉ. परीक्षित झाड़े, सीईओ आइडीए  

नदी में तटबंध निर्माण से सुरक्षित होंगे घर– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर उपमुख्यमंत्री ने 4.08 करोड़ रूपए की लागत के सकरी नदी तटबंध निर्माण का किया भूमिपूजन सकरी नदी में कटाव को रोकने और ग्रामीणों को बाढ़ से सुरक्षा देने के उद्देश्य से आज ग्राम कोडार में 4.08 करोड़ रुपए की लागत से 250 मीटर लंबे तटबंध निर्माण कार्य का भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। इस महत्वपूर्ण परियोजना से ग्राम कोडार के नदी किनारे बसे मकान सुरक्षित होंगे, कटाव की समस्या पर नियंत्रण मिलेगा और ग्रामीणों को निस्तारी की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।  उपमुख्यमंत्री ने 4.08 करोड़ रूपए की लागत के सकरी नदी तटबंध निर्माण का किया भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्राम रेगाखार पंचायत के आश्रित ग्राम कोडार में आयोजित कार्यक्रम में विधिवत पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सकरी नदी के किनारे लगातार हो रहे कटाव से ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी हो रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए इस तटबंध निर्माण की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि 250 मीटर लंबा यह तटबंध न केवल नदी के कटाव को रोकेगा, बल्कि बाढ़ के दौरान पानी के दबाव से होने वाले नुकसान को भी कम करेगा। इससे नदी किनारे बसे घर सुरक्षित रहेंगे और लोगों को बार-बार होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। साथ ही, नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों के लिए निस्तारी की सुविधाएं भी बेहतर होंगी। उपमुख्यमंत्री ने 4.08 करोड़ रूपए की लागत के सकरी नदी तटबंध निर्माण का किया भूमिपूजन          उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम में 142 आवास स्वीकृत किए गए हैं और सर्वे सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। सरकार ने अपने वादे के अनुरूप गठन के साथ ही कैबिनेट की पहली बैठक में आवास योजना को स्वीकृति देकर इसे प्राथमिकता दी है।  उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ गांव में ही आसानी से मिल सके, इसके लिए ग्राम पंचायत भवन में डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सुविधा मिल रही है। साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किस्तों में 25 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके और गांवों का समग्र विकास हो सके।         कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी इस योजना को क्षेत्र के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे किसानों और आम ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने भी इस पहल पर खुशी जताते हुए शासन और उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। तटबंध निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सकरी नदी के किनारे बसे ग्राम कोडार के लोगों को कटाव और बाढ़ की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी,  संतोष पटेल,  विजय पटेल,  वीरसिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: महिला हॉकी में हुआ एकतरफा मुकाबला

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आज तीसरे दिन महिला हॉकी प्रतियोगिता के मुकाबले खेले गए। पूल ‘ए’ में खेले गए मैच में मध्य प्रदेश ने बिहार को 9-0 से पराजित किया। वहीं, पूल ‘बी’ के मुकाबलों में झारखंड ने गुजरात को 16-0 से और ओडिशा ने तमिलनाडु को 14-0 से हराया। आज खेले गए सभी मैच एकतरफा रहे, जिनमें विजेता टीमों ने पूरे समय खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा। गौरतलब है कि 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के इस प्रथम संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में लगभग 3,800 खिलाड़ी नौ विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती जैसे खेलों में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं। वहीं, मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।

सरकार के खिलाफ गेस्ट टीचर्स का मोर्चा, 30 मार्च को भोपाल में शक्ति प्रदर्शन का एलान

भोपाल  प्रदेश में अतिथि शिक्षक एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने के विरोध में 30 मार्च को राजधानी भोपाल के आंबेडकर पार्क में बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि इस आंदोलन में प्रदेशभर के सभी संगठन एकजुट होकर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। स्थायीकरण और वार्षिक अनुबंध की घोषणाओं पर अमल न होने से नाराजगी इन घोषणाओं में विभागीय परीक्षा के माध्यम से स्थायीकरण, वार्षिक अनुबंध लागू करना और सीधी भर्ती में बोनस अंक देने जैसे वादे शामिल थे, लेकिन अब तक इन वादों पर अमल नहीं हुआ है, जिससे अतिथि शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसी पवार ने भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा में स्पष्ट जवाब दिया गया है कि इन वादों को पूरा करना संभव नहीं है। इससे अतिथि शिक्षकों में आक्रोश और अधिक बढ़ गया है। समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी पीडी खैरवार, बीएम खान, उमाशंकर बैस और रविकांत गुप्ता ने सभी अतिथि शिक्षकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भोपाल पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं। पीएमश्री स्कूलों से कार्यमुक्त करने के आदेश का विरोध संगठन के पवन प्यासी और चंद्रशेखर राय ने कहा कि हर वर्ष 30 अप्रैल तक सेवा कार्यकाल बढ़ाना केवल दिखावा है। उन्होंने मांग की कि सरकार वार्षिक अनुबंध लागू करे। साथ ही पीएमश्री स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को 31 मार्च को कार्यमुक्त करने के आदेश को वापस लेकर स्थायी समाधान निकाला जाए। हजारों अतिथि शिक्षकों के जुटने की तैयारी के साथ इस आंदोलन में मुख्य रूप से स्थायीकरण और वार्षिक अनुबंध की मांग की जाएगी।