samacharsecretary.com

हरियाणा में समय से पहले सर्दी खत्म होने से चढ़ेगा पारा

हिसार.

प्रदेश में इस बार सर्दी तय समय से करीब एक माह पहले ही विदा ले ली है। बीते वर्षों में जहां 15 मार्च तक हल्की-मीठी ठंड बनी रहती थी, वहीं इस बार फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अगले एक सप्ताह में पारा 30 डिग्री के पार जा सकता है। पश्चिमी हवाओं के कारण हवा में नमी लगातार घट रही है।

यही वजह है कि आने वाले दिनों में धुंध और कोहरे की संभावना बेहद कम है। शुष्क हवाएं नमी को सोख लेती है, जिससे मौसम साफ और गर्म बना रहता है। मौसम विज्ञानी डा. चंद्रमोहन ने बताया कि एक मार्च और सात मार्च को प्रदेश में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, लेकिन इनका विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। इन प्रणालियों से तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन सागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करते हैं। चक्रवाती परिसंचरण बनने पर वर्षा की संभावना बनती है, लेकिन फिलहाल प्रदेश में किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के संकेत नहीं हैं। ऐसे में मार्च महीने में अधिकांश जिलों का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।

प्रदेश में रविवार को मौसम साफ और शुष्क रहा। दिन में तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सुबह हल्की ठंड महसूस हुई। हवा में नमी कम रहने से मौसम शुष्क बना रहा। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री के आसपास रहा। हिसार में न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक मेवात में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
    जिला – न्यूनतम – अधिकतम
    अंबाला – 13.6 – 26.4
    हिसार – 11.0 – 29.4
    महेंद्रगढ़ – 12.0 – 28.0
    रोहतक – 12.0 – 27.1
    भिवानी – 12.0 – 27.0
    गुरुग्राम – 12.0 – 28.3
    जींद – 10.4 – 27.7
    मेवात – 14.3 – 29.8
    सोनीपत – 13.6 – 29.7

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here