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राजस्थान में दिल दहला देने वाली घटना, कुएं में गिरने के बावजूद नवजात को नहीं आई खरोंच

तिजारा

कहते हैं कि जिसकी रक्षा खुद ईश्वर करे, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. राजस्थान के खैरथल तिजारा  जिले के तिजारा कस्बे में मंगलवार सुबह कुछ ऐसा ही कुछ देखने को मिला. यहां एक कलयुगी मां ने अपनी ही चंद घंटों की मासूम बच्ची को पालपुर रोड स्थित एक 60 फीट गहरे कुएं में मरने के लिए फेंक दिया. लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद मासूम बच्ची को एक खरोंच तक नहीं आई.

रस्सी के सहारे नीचे उतरकर युवक ने किया रेस्क्यू
सुबह जब कुएं के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने अंदर से किसी के रोने की आवाज सुनी, तो वे ठिठक गए. जब कुएं में झांका गया तो नीचे एक नवजात बच्ची सुरक्षित नजर आई. किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि इतने गहरे और अंधेरे कुएं में गिरने के बाद भी बच्ची सही-सलामत है. ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और गांव का एक जांबाज युवक रस्सी के सहारे नीचे उतरा. उसने बच्ची को अपनी गोद में लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लाया. बाहर आते ही जब बच्ची का शरीर देखा गया, तो वह पूरी तरह सुरक्षित थी.

डॉक्टर भी हैरान, अब अलवर में हो रही देखभाल
बच्ची को तुरंत तिजारा के उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की. बीसीएमओ डॉ. मनोज यादव ने बताया कि बच्ची का जन्म करीब 24 घंटे पहले हुआ लग रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि प्राथमिक जांच में बच्ची के शरीर पर कोई बाहरी चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले. हालांकि, एहतियात के तौर पर और बेहतर निगरानी के लिए उसे अलवर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है.

पुलिस कर रही 'कलयुगी मां' की तलाश
इस घटना ने जहां एक तरफ लोगों को हैरान कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ लोगों में इस कृत्य को लेकर भारी गुस्सा है. तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की टीमें इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और स्वास्थ्य केंद्रों से हाल ही में हुए प्रसव का डेटा जुटाया जा रहा है ताकि इस मासूम को मौत के मुंह में धकेलने वालों तक पहुंचा जा सके.

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