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240 मीटर नाले के काम में भारी लोहे का उपयोग, भोपाल नगर निगम में खुला बड़ा घोटाला

भोपाल
 भोपाल नगर निगम में एक बार फिर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। इस बार आरोप नाले की ड्रेन कवरिंग के काम में भारी अनियमितताओं को लेकर हैं, जहां महज 240 मीटर लंबे नाले पर 16 हजार किलोग्राम से अधिक लोहे का इस्तेमाल किया गया है। इस संदिग्ध माप और बिलिंग के आधार पर करीब 13.34 लाख रुपये का पेमेंट हुआ, जिसने निगम के रिकॉर्ड और इंजीनियरिंग कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह मामला गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के जोन-13 अंतर्गत वार्ड 53 का है। कृष्णा आर्केड और वैष्णव कांप्लेक्स, भेल संगम कॉलोनी क्षेत्र में स्थित नाला लगभग तीन फीट चौड़ा और 240 मीटर लंबा है। इतनी सीमित संरचना के बावजूद माप पुस्तिका में 16 हजार किलोग्राम लोहे के उपयोग का उल्लेख किया गया है।

काम का वर्क ऑर्डर क्रमांक-2400032045 सिविल विभाग द्वारा 25 जून 2025 को जारी किया गया था और निर्माण कार्य हाल ही में पूरा बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार इस कार्य की माप और सामग्री का विवरण प्रभारी सहायक यंत्री निशांत तिवारी और उपयंत्री रूपांकन वर्मा द्वारा दर्ज किया गया, लेकिन दर्ज की गई लोहे की मात्रा को लेकर अब घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
कोर कटिंग से खुलेगा गायब लोहे का राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए निगमायुक्त संस्कृति जैन ने आरसीसी ढांचे की कोर कटिंग कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से यह जांचना है कि वास्तव में निर्माण में इतनी अधिक मात्रा में लोहा इस्तेमाल हुआ या नहीं। साथ ही जांच दल कथित गायब लोहे की भी पड़ताल कर रहा है।
ईई की भूमिका पर भी सवाल

प्रभारी कार्यपालन यंत्री (ईई) बृजेश कौशल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने निर्माण कार्य की न तो नियमित निगरानी की और न ही एक बार भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। 5 दिसंबर को नोटिस और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद कोर कटिंग रिपोर्ट दबाए रखने के आरोप हैं।
रिपोर्ट सौंप दी गई

कोर कटिंग रिपोर्ट समय पर तैयार कर ईई को सौंप दी गई थी। – निशांत तिवारी, सहायक यंत्री ननि
रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई

ईई ब्रजेश कौशल की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है और आयुक्त के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सुबोध जैन, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

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