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IAS अंशुल का अलग अंदाज: पूर्णिया DM ने किसानों के साथ खेत में काटी फसल, लोगों ने कहा—पहली बार देखा

पूर्णिया पूर्व (पूर्णिया)

जिले में कृषि गतिविधियों की निगरानी और उत्पादन के सटीक आकलन को लेकर मंगलवार को पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार स्वयं खेत में उतरकर गेहूं की फसल की कटाई करते नजर आए। पूर्णिया पूर्व प्रखंड क्षेत्र के रजीगंज पंचायत अंतर्गत रानीपतरा के लोखड़ा गांव में आयोजित गेहूं क्रॉप कटिंग कार्यक्रम में उन्होंने विधिवत उद्घाटन करते हुए किसानों के साथ मिलकर फसल काटी।

इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी हरिहर प्रसाद चौरसिया, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अजित कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक पंजियार, नोडल कृषि समन्वयक श्याम कुमार, किसान सलाहकार संजीव कुमार, संजीव कुमार सिंह, पौरस कुमार सिंह, रविंद्र कुमार गुप्ता सहित कई अधिकारी एवं कृषि कर्मी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक तरीके से क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। किसान सलाहकार संजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 गुण 5 मीटर के प्लॉट में गेहूं की कटाई की गई, जिसमें कुल 12.5 किलोग्राम उत्पादन प्राप्त हुआ। इस आधार पर गणना करने पर प्रति हेक्टेयर लगभग 25 क्विंटल गेहूं उत्पादन का आकलन किया गया। यह उत्पादन क्षेत्र के किसानों के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।
डीएम ने किसानों से की बातचीत

डीएम अंशुल कुमार ने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत कर खेती के आधुनिक तरीकों, बीज की गुणवत्ता और उर्वरक उपयोग के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाने, समय पर बुआई करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी, ताकि उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाएं और उन्हें तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराएं। क्रॉप कटिंग कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने बीरपुर चौक पर लगे मखाना की खेती का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद किसानों से मखाना उत्पादन की प्रक्रिया, लागत और लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

किसानों ने बताया कि मखाना की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल है, जिससे उनकी आय में अच्छी बढ़ोतरी हो रही है। डीएम ने मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह क्षेत्र के लिए आय का बेहतर स्रोत बन सकता है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मखाना किसानों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए, ताकि इस फसल का विस्तार हो सके। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की सक्रियता और किसानों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि जिले में कृषि विकास को लेकर सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। डीएम का सादगी भरा अंदाज और जमीनी जुड़ाव ग्रामीणों के दिलों को छू गया।

हैरान रह गए किसान-मजदूर

मंगलवार को रजीगंज पंचायत के रानीपतरा मौजा स्थित लोखड़ा गांव में गेहूं की क्रॉप कटिंग के दौरान एक अनोखा और यादगार दृश्य देखने को मिला। खेत में कार्यरत मजदूर उस समय हैरान रह गए, जब एक साधारण व्यक्ति की तरह उनके बीच शामिल होकर पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार गेहूं काटने लगे।

शुरुआत में महिला मजदूर-मीरा देवी, रीना देवी, तेतरी देवी, अमीना खातून और कजली देवी-उन्हें पहचान नहीं सकीं, लेकिन जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि उनके साथ काम करने वाला व्यक्ति जिले का डीएम है, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

मजदूरों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी डीएम को इतने करीब से देखा और वह भी उनके साथ खेत में काम करते हुए। डीएम का यह सादगी भरा अंदाज और जमीनी जुड़ाव ग्रामीणों के दिलों को छू गया तथा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। वहीं किसान गयासुद्दीन ने भी कहा कि आप जिलाधिकारी मेरे खेत पर आए और मुझसे जानकारी ली, ये मेरे लिए काफी गर्व की बात है।

 

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