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8 अप्रैल 2026 राशिफल: मेष राशि में बढ़ेगी भागदौड़, सिंह और मकर राशि वालों को मिलेगा मेहनत का इनाम

मेष 8 अप्रैल के दिन आज आपका प्रेम जीवन सुखद रहेगा। अपने करियर में सफल होने के लिए फोकस बनाए रखें। आज के दिन नए आइडिया को शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। बिजनेस कर रहे जातक अधिक धन कमाएंगे। वृषभ 8 अप्रैल के दिन हेल्थ और धन दोनों अच्छी स्थिति में हैं। लव अफेयर में आने वाली दिक्कतों से सावधान रहें और उन्हें सावधानी के साथ संभालें। आज के दिन नौकरी में आपका रवैया बहुत जरूरी है। मिथुन 8 अप्रैल के दिन आपका स्वास्थ्य अच्छा हो, तो फाइनेंशियल मामलों को समझदारी से संभालें। आज के दिन लव के मामले में मतभेदों को सुलझाएं। आपको अपने प्रोफेशनल जीवन में सकारात्मक परिणाम देखकर खुशी महसूस होगी। कर्क 8 अप्रैल के दिन आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन मजबूत बनी रहेगी। आज आपकी हेल्थ अच्छा रहेगी। एक शानदार लव लाइफ का आज के दिन आनंद लें, जहां आप पिछली सभी प्रॉब्लम्स को सुलझा सकते हैं। सेहत और धन दोनों ही आपके लिए पॉजिटिव रहेंगे। सिंह 8 अप्रैल के दिन आप अपनी काबिलियत साबित करने के लिए हर प्रोफेशनल मौके का इस्तेमाल करेंगे। अपने रिलेशनशिप को रोमांचक और प्रोडक्टिव बनाए रखें। आज के दिन पॉजिटिव सोच के साथ काम के तनाव को दूर करें। कन्या 8 अप्रैल के दिन एक खुशहाल पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ का आनंद लें। ऑफिस में अपने सीनियर्स को अपनी परफॉर्मेंस से खुश रखें। आज के दिन आपकी सेहत सामान्य है, लेकिन अपने खान-पान का ध्यान रखें। तुला 8 अप्रैल के दिन अपने रिलेशन में पार्टनर के साथ असहमति को सुलझाएं और बेहतरीन प्रोफेशनल नतीजे देते रहें। आज के दिन पैसे को समझदारी से इन्वेस्ट करें। कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या भी आपको परेशान नहीं करेगी। वृश्चिक 8 अप्रैल के दिन नौकरी में जरूरी काम हाथ में लें। रिलेशनशिप में अपने पार्टनर के साथ समय बिताना जारी रखें। सही लाइफस्टाइल से हेल्दी रहें। आज धन लाभ होगा। रिलेशन में अहंकार के लिए आज के दिन कोई जगह नहीं रहेगी। धनु 8 अप्रैल के दिन रोमांस से जुड़े मामलों को संभालें। ऑफिस में आज के दिन नई जिम्मेदारियां लें। फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट के मामले में सावधान रहें। आज सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। मकर 8 अप्रैल के दिन ऑफिस में आपका रवैया बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज के दिन धन की कमी नहीं रहेगी। आपको ज्यादा से ज्यादा सेविंग्स करने के ऑप्शन दिखेंगे। आज के दिन सेहत से भी समझौता न करें। कुंभ 8 अप्रैल के दिन रोमांस से जुड़े मामलों को संभालें। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट में सावधान रहें। आज सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम संबंध सफल रहेगा। पार्टनर के लिए अपने जुनून को साबित करने के मौके मिलेंगे। मीन 8 अप्रैल के दिन आपकी ईमानदारी का आपके रोमांटिक रिश्ते पर गहरा असर पड़ेगा। काम की जगह पर चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। आज सुरक्षित पैसों के निवेश को प्राथमिकता दें।

खौफनाक मंजर: यूपी में अचानक गिरने लगे गिद्ध, 28 की दर्दनाक मौत से मचा हड़कंप

 बिजुआ (लखीमपुर) भीरा वन रेंज के पड़रिया बीट क्षेत्र में लापरवाही और जहरखुरानी ने प्रकृति के संतुलन पर सीधा हमला कर दिया। सेमरिया गांव के पास एक किसान के खेत में जहर देकर मारे गए कुत्ते के शव को खाने से करीब 40 गिद्धों के झुंड में से 28 की तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जो गिद्ध पर्यावरण को साफ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, वही इंसानी लापरवाही का शिकार हो गए। सुबह जब खेत में गिद्धों का झुंड मरे कुत्ते को नोचता दिखा तो लोगों में उत्साह था, कई प्रकृति प्रेमी उन्हें कैमरे में कैद कर रहे थे, लेकिन कुछ ही देर में यह दृश्य भयावह हो गया। एक-एक कर गिद्ध बेहोश होकर गिरने लगे और देखते ही देखते पूरा झुंड मौत के मुंह में समाने लगा, जिसने भी यह मंजर देखा वह सन्न रह गया। जांच में सामने आया कि पास के गांव में आवारा कुत्तों को जहर दिया गया था, उन्हीं में से एक कुत्ता खेत के पास आकर मर गया, जिसे खाने पहुंचे गिद्ध जहर की चपेट में आ गए, नतीजा ये हुआ कि एक साथ 28 गिद्धों की मौत हो गई जबकि कई अन्य खेतों और पेड़ों के नीचे तड़पते मिले। गिद्ध, जिन्हें ‘प्रकृति के सफाईकर्मी’ कहा जाता है, पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन उनकी इस तरह हो रही मौतें वन्यजीव संरक्षण पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं, स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों ने वन विभाग की सुस्ती पर भी नाराजगी जताई, उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो कई गिद्धों की जान बचाई जा सकती थी। घटना की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृत गिद्धों को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है, कि आखिर कब तक जहरखुरानी से वन्यजीवों की यूं ही मौत होती रहेगी, और जिम्मेदार महकमे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे?  

एमपी टूरिज्म क्विज के लिए बच्चों को दी जाएगी पर्यटन और संस्कृति पर आधारित पुस्तकें

भोपाल  संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने आज मंत्रालय में पर्यटन बोर्ड की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर लाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। फिल्म पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण के लिए एक उभरते हुए केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में फिल्म पर्यटन पर केंद्रित राज्य स्तरीय आयोजन की कार्ययोजना तैयार की जाए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में फिल्मांकन करने वाले फिल्म निर्माताओं, स्थानीय फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को मंच प्रदान करना तथा उन्हें प्रोत्साहित करना होगा। बैठक में 'मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2025' की समीक्षा के साथ ही फिल्मों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर भी चर्चा की गई। पर्यटन क्विज से बढ़ेगा बच्चों का ज्ञान भावी पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य लोधी ने कहा कि 'एमपी टूरिज्म क्विज' के माध्यम से बच्चों को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और पर्यटन स्थलों से परिचित कराया जाए। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता की तैयारी के लिए बच्चों को प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन पर आधारित ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे न केवल उनका सामान्य ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि वे अपनी माटी की गौरव गाथा को भी जान सकेंगे। गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर मंत्री लोधी ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन, होटल एवं रिजॉर्ट के लिए कैपिटल सब्सिडी, ग्रामीण पर्यटन और महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजनाओं की प्रगति का भी बारीकी से विश्लेषण किया गया।  

अभियान” जनभागीदारी से आकार ले रहीं संरचनायें पेश कर रही हैं जल संरक्षण की नई मिसाल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” ग्वालियर–चंबल संभाग में जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इस अभियान के तहत जहां एक ओर वर्षों पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नई जल संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। जनभागीदारी, श्रमदान और जागरूकता के माध्यम से यह अभियान जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन संवर्धन का भी माध्यम बन रहा है। ग्वालियर में ऐतिहासिक बावड़ियां बनीं जल संरक्षण का केंद्र ग्वालियर शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तीन ऐतिहासिक बावड़ियों का पुनर्जीवन किया गया है। इन बावड़ियों में प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख लीटर पानी सहेजने की क्षमता विकसित की गई है। सुरक्षा के लिए लोहे के जाल लगाए गए हैं तथा आरओ प्लांट की व्यवस्था भी की गई है, जिससे नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। ग्वालियर दुर्ग स्थित प्राचीन सूरज कुण्ड को स्वच्छ एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही जलालपुर कुण्ड और केआरजी कॉलेज की बावड़ी की साफ-सफाई भी कराई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान ने गति पकड़ी है। जिले में कुल 2300 जल संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य है, जिनसे लगभग 31.50 लाख घन मीटर जल संरक्षित होगा। अब तक 71 खेत तालाब और 249 कुओं के रिचार्ज कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शिवपुरी में 587 ग्राम पंचायतों में जनसहभागिता से कार्य शिवपुरी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में तालाबों की सफाई, गहरीकरण, गाद निकासी और पेयजल व्यवस्था जैसे कार्य जनसहयोग से किए जा रहे हैं। विभिन्न ग्राम पंचायतों में अभियान की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण स्तर पर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है। गुना में खेत तालाब और रिचार्ज कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति गुना जिले में 1547 खेत तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 547 पूर्ण हो चुके हैं। डगवेल रिचार्ज के 2206 कार्यों में से 1889 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1007 नई जल संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिनमें से 193 पूर्ण हो चुकी हैं। जिले में 57 सार्वजनिक प्याऊ भी शुरू की गई हैं। अशोकनगर में श्रमदान से दिया जल संरक्षण का संदेश अशोकनगर जिले में प्राचीन बावड़ियों, तालाबों और धार्मिक स्थलों पर श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। तुलसी सरोवर सहित कई जल स्रोतों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। गांव-गांव में कलश यात्रा, पूजन और श्रमदान के माध्यम से जनजागरण किया जा रहा है। दतिया में सीवरेज प्रबंधन से तालाब संरक्षण दतिया जिले में सीतासागर तालाब में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए नालों को सीवर पंपिंग स्टेशन से जोड़ा गया है। अब यह पानी एसटीपी प्लांट में शोधन के बाद पुनः उपयोग में लाया जा रहा है। आंगनबाड़ियों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल भी विकसित किए गए हैं। मुरैना और भिण्ड में लक्ष्य आधारित कार्यों की तेज प्रगति मुरैना जिले में 1000 खेत तालाब निर्माण का लक्ष्य है, जिनमें से 200 पूर्ण हो चुके हैं। साथ ही 2382 अन्य जल संरचनाओं में से 250 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। भिण्ड जिले में गौरी सरोवर सहित कई ऐतिहासिक जल स्रोतों की सफाई, गाद हटाने और संरक्षण का कार्य जनभागीदारी से किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब गहरीकरण और जल संरक्षण के प्रयास तेज हुए हैं। श्योपुर में भी गांव-गांव जल संरचनाओं का निर्माण श्योपुर जिले में भी जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। जल चौपाल और प्याऊ से बढ़ी जनभागीदारी अभियान के तहत जल चौपाल आयोजित कर लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही गर्मी के मौसम में राहगीरों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जगह-जगह सार्वजनिक प्याऊ स्थापित किये गये हैं। जल संरक्षण से जुड़ रहा जन-जन, बन रहा सतत विकास का आधार “जल गंगा संवर्धन अभियान” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन चुका है। जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और विकास के इन प्रयासों से न केवल जल संकट का समाधान संभव होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। 

‘ई-प्रशिक्षण’ पोर्टल पर 11 नए MOOCs कोर्सेस का हुआ शुभारंभ

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल के 62वें स्थापना दिवस समारोह में सहभागिता की। इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण की सुदृढ़ता और तकनीकी शिक्षा के समग्र उन्नयन के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का वास्तविक क्रियान्वयन शिक्षकों के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस नीति के मूल संवाहक हैं, जिनकी गुणवत्ता, दक्षता एवं दृष्टिकोण सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देते हैं। मंत्री परमार ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाने के लिए संस्थानों के बीच समन्वय, संसाधनों के साझा उपयोग और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्री परमार ने संस्थान के ‘ई-प्रशिक्षण’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 11 नए मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस (MOOCs) का शुभारंभ किया। ये कोर्सेस ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिजिटल CMOS, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर आधारित हैं, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान एवं कौशल से सुसज्जित करेंगे। इस अवसर पर मंत्री परमार ने संस्थान के वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर का भी लोकार्पण किया। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में NITTTR द्वारा विकसित MOOCs कोर्सेस को समाहित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक क्रेडिट का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने शिक्षकों के संप्रेषण कौशल के विकास, ई-कंटेंट निर्माण को प्रोत्साहन तथा संस्थान की उन्नत प्रयोगशालाओं का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचाने पर बल दिया। संस्थान की प्रगति रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि NITTTR भोपाल ने एक क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र से विकसित होकर डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। संस्थान द्वारा आउटकम बेस्ड एजुकेशन के अंतर्गत नए स्नातक कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। वर्ष के दौरान तीन हजार के लक्ष्य के विरुद्ध 9 हजार प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान कर संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। इसके अतिरिक्त, संस्थान द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड तथा नेपाल इंजीनियरिंग काउंसिल के साथ किए गए समझौतों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ किया गया है। इस अवसर पर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. खेम सिंह डेहरिया सहित अनेक शिक्षाविद, कुलगुरु, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे। 

परिषद की गतिविधियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए करें समग्र पुस्तिका का प्रकाशन

भोपाल  मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने और स्थानीय बोलियों के साहित्य के संरक्षण और संवर्धित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की समृद्ध भाषाई विरासत जैसे बुंदेली, बघेली, मालवी और निमाड़ी के साहित्य को संरक्षित करने के लिए बोली विकास अकादमी के अंतर्गत 'सृजन पीठ' का गठन करें। राज्य मंत्रीलोधी संस्कृति परिषद भवन में आयोजित संस्कृति परिषद कार्यकारिणी समिति की 14वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य मंत्रीलोधी ने स्वराज संस्थान के माध्यम से पंजाबी सांस्कृतिक विरासत और स्वाधीनता संग्राम के बलिदानियों के शहादत स्थलों पर शोध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किये गये शोध पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया जाए जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकें। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश में एक सिख हेरिटेज मल्टी-मीडिया म्यूजियम की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के लिए निर्देशित किया। बैठक में जनजातीय एवं लोक कला संसाधन केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। राज्य मंत्रीलोधी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, परिषद के अंतर्गत कार्यरत अकादमियों के निदेशकों के मानदेय में वृद्धि के लिये वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजने और अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली के नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई। कार्यकारिणी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक के आय-व्यय और बजट का अनुमोदन किया। परिषद की गतिविधियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए डिजिटल और प्रिंट फॉर्मेट में एक समग्र पुस्तिका के प्रकाशन के निर्देश दिए गए। खजुराहो स्थित 'आदिवर्त' संग्रहालय के अंतर्गत संचालित गुरुकुल के नियमों और संस्कृति भवन के रख-रखाव के लिए केयर टेकर समिति के पुनर्गठन पर भी चर्चा की गई।  

हिन्दी ग्रंथ अकादमी प्रबंधक मंडल की बैठक हुई

भोपाल  हिन्दी ग्रंथ अकादमी की पुस्तकों के माध्यम से महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों तक भारतीय ज्ञान परंपरा का शाश्वत ज्ञान पहुंच रहा है। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित हिन्दी ग्रंथ अकादमी के प्रबंधक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यह बात कही। मंत्री परमार ने कहा कि इन पुस्तकों में निहित ज्ञान जहां एक ओर विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की नींव तैयार करेगा, वहीं दूसरी ओर उन्हें अच्छे नागरिक और बेहतर इंसान बनने की दिशा में भी अग्रसर करेगा। मंत्री परमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्नातक प्रथम वर्ष के लगभग सभी प्रमुख विषयों की पुस्तकों में नवीन पाठ्यक्रम के अनुसार भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश किया जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि द्वितीय वर्ष की पुस्तकों के लेखन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें प्राप्त हो सकें। बैठक में मंत्री परमार ने विद्यार्थियों में घटती अध्ययन रुचि पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल डिस्टर्बेंस के इस दौर में विद्यार्थी अपना अधिकतर समय मोबाइल और कंप्यूटर पर व्यतीत कर रहे हैं, जिससे अध्ययन में उनकी रुचि कम होती जा रही है। ऐसे में विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों में पुनः अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करें। मंत्री परमार ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर सचिव अनुपम राजन ने कहा कि विभाग के लाखों विद्यार्थियों तक हिन्दी ग्रंथ अकादमी की पुस्तकें पहुंचती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पुस्तकों के निर्माण में मानक प्रक्रिया का पालन किया जाए तथा विद्यार्थियों से फीडबैक प्राप्त करने के लिए एक व्यवस्थित प्रणाली भी विकसित की जानी चाहिए, जिससे उनकी अपेक्षाओं के अनुसार पुस्तकों में आवश्यक सुधार किए जा सकें। बैठक में अकादमी के संचालक डॉ. अशोक कड़ेल ने अकादमी के वार्षिक बजट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष की लगभग सभी प्रमुख विषयों की पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्हें महाविद्यालयों को प्रेषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अकादमी द्वारा द्वितीय वर्ष की पुस्तकों के लेखन की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही ये पुस्तकें विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में पुस्तकों के कागज की गुणवत्ता बढाने पर भी सहमति जताई गई। निर्णय लिया गया कि आगामी वर्ष से पुस्तकों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण कागज पर प्रकाशित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अकादमी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, मनोनीत सदस्य, उच्च शिक्षा मंत्री के ओएसडी डॉ. भरत व्यास,हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संयुक्त संचालक डॉ. उत्तम सिंह चौहान एवं सहायक संचालक रामविश्वास कुशवाहा सहित उच्च शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अकादमी की पुस्तकों का किया विमोचन उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित, स्नातक प्रथम वर्ष की निम्न पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें “व्यावसायिक संगठन एवं संचार” (लेखक: डॉ. राकेश खंड, डॉ. दिनेश दवे, डॉ. राजीव नयन, डॉ. प्रज्ञा यादव) “भारत का इतिहास (606 से 1205 ई. तक)” (लेखक: स्नेहा खरे)) “राजनीति सिद्धांत” (लेखक: डॉ. उत्तम सिंह चौहान, डॉ. पुनित प्रताप पाण्डेय, डॉ. मनीष दुबे, डॉ. मंगला गौरी) तथा “भारतीय समाज एवं संस्कृति” (लेखक: डॉ. आलोक कुमार निगम) पुस्तक शामिल रही।  

मंत्री गजेन्द्र यादव ने उचित मूल्य दुकान का किया औचक निरीक्षण

रायपुर दुर्ग विधानसभा अंतर्गत गयानगर वार्ड क्रमांक 04 में आज वार्ड भ्रमण के दौरान केबिनेट मंत्री  गजेन्द्र यादव ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित हितग्राहियों से सीधे संवाद कर राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा उन्हें मिलने वाली राशन सामग्री के संबंध में विस्तृत चर्चा की।  निरीक्षण के दौरान मंत्री  यादव ने स्वयं हितग्राही के चावल को मापकर दुकान में उपलब्ध माप यंत्र की सटीकता की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को निर्धारित मात्रा में पूर्ण एवं सही राशन प्राप्त हो। इस पहल के माध्यम से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने एवं आम नागरिकों का विश्वास सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। मंत्री  यादव ने हितग्राहियों को उनके अधिकारों एवं निर्धारित राशन की जानकारी देने के निर्देश भी दिए, ताकि वे स्वयं भी व्यवस्था की पारदर्शिता में सहभागी बन सकें। मंत्री  यादव ने वार्डवासियों से चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारु, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए सरकार एवं प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा जनता से संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

वन मंत्री ने जिले को दी 17.59 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान नारायणपुर को 17 करोड़ 59 लाख 57 हजार रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले के विकास को नई गति प्रदान की।          वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से जिले के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और अबूझमाड़ सहित नारायणपुर के बच्चे भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर इंजीनियर, डॉक्टर एवं शासकीय सेवाओं में स्थान प्राप्त कर सकेंगे। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस अवसर पर नेशनल हाईवे 130डी के मजबूतीकरण कार्य, नालंदा परिसर (सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन) सहित डीएमएफ और नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्वीकृत कुल 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।            कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि के 03 हितग्राहियों को 20-20 हजार रुपए का चेक, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 अंतर्गत 25 हितग्राहियों को अनुज्ञा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने गढ़बेंगाल चौक से बखरूपारा मार्ग के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग 130 डी के मजबूतीकरण कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह टीमवर्क के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प साकार हुआ है, जिससे अब नारायणपुर और अबूझमाड़ के विकास का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, बच्चों और युवाओं सहित सभी वर्गों के विकास एवं समृद्धि के लिए सतत प्रयासरत है।           कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, उपाध्यक्षजयप्रकाश शर्मा, संध्या पवार, गौतम एस. गोलछा, बृजमोहन देवांगन सहित पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत , वन मंडल अधिकारी, अपर कलेक्टर, एसडीएम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामचंद्र यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

02 आरोपियों से 10 पेटी (90 लीटर) अग्रेजी शराब सहित कुल कीमती 01 लाख 70 हजार रूपये का मशरूका किया बरामद ।

भोपाल                नगरीय क्षेत्र भोपाल मे अवैध मादक पदार्थ एवं अवैध शराब तस्करों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार (भापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा लगातार निर्देश जारी किये गये है।             उक्त निर्देशों के तारतम्य में पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) एवं अति.पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के नित्य पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एमपीनगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने 02 शराब तस्करों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर आरोपियो के कब्जे से 10 पेटी (90 लीटर) अवैध अग्रेजी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन एक्टिवा सहित लगभग 1.70  लाख रुपये का मसरुका बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है ।  घटना का विवरण-  दिनाँक 06.04.2026 को डी सेक्टर दशहरा मैदान अयोध्यानगर में दिवार के किनारे एक काले रंग की एक्टिवा पर दो व्यक्ति एक थैले में अवैध शराब रखकर बेचने कि फिराक में खडे हैं कि सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियो के मार्गदर्शन मे तत्काल टीम का बनाकर घेराबंदी  रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा एवं मनीष साहू के कब्जे से कुल 10 पेटी अंग्रेजी शराब गोवा कम्पनी की विस्की कुल मात्रा 90 लीटर एवं अपराध में प्रयुक्त एक्टीवा गाड़ी कुल कीमती 01 लाख 70 हजार  रूपये के साथ घेराबंदी  रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा एवं मनीष साहू को गिरफ्तार किया गया ।  पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब ठेका चेंज होने के दौरान सस्ते रेट में रायसेन और विदिशा जिले से शराब लाकर भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से होम डिलेवरी कर शराब की अवैध तस्करी कर रहे थे। आरोपी का विवरणः-  01. रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा पिता घासीराम शर्मा उम्र 32 वर्ष पता म.न. 101 हथाईखेड़ा पठार आनंद नगर थाना पिपलानी जिला भोपाल हाल पता दुकान 21 राज बिजनिस पार्क-3 मिनाल गेट न.02 अयोध्या नगर भोपाल  शिक्षा- कक्षा 10वी तक पढ़ाई की हैं  व्यवसाय- चाय की दुकान चलाता हैं । आपराधिक रिकार्ड- 01. अप.क्र. 07/22 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना क्राईमब्रांच भोपाल  02. अप.क्र. 691/22 धारा 294,323,506,34 भादवि थाना पिपलानी भोपाल 03. अप.क्र. 812/22 धारा धारा 294,323,506,34 भादवि पिपलानी भोपाल 04. अप.क्र. 891/22 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना पिपलानी भोपाल  05. अप.क्र. 278/23 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना पिपलानी भोपाल 06. अप.क्र.14/24 धारा 34 आवकारी एक्ट. थाना अयोध्या नगर भोपाल 07. अप.क्र. 142/24 धारा धारा 294,323,506 भादवि अयोध्या नगर भोपाल 08. अप.क्र. 363/24 धारा धारा 294,323,506 भादवि अयोध्या नगर भोपाल 09. अप.क्र. 485/24 धारा 296,115(2),351(2),3(5),  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  10. अप.क्र. 142/25 धारा 296,115(2),351(2)  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  11. अप.क्र. 486/25 धारा 296,115(2),351(2),119(1), 3(5)  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  12. अप.क्र. 153/26 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना अयोध्या नगर भोपाल। 02. मनीष साहू पिता मदनलाल साहू उम्र 32 वर्ष पता म.न. 638 एन सेक्टर अयोध्या नगर जिला भोपाल हाल पता किराये का मकान पुष्पा नगर थाना अशोका गार्डन भोपाल । 01. अप. क्र. 142/2024धारा 294,323,327,427,506, 34 भादवि  थाना अयोध्या नगर भोपाल 02. अप. क्र. 485/2024धारा 296,115(2),351(2),3(5) बी.एन.एस. थाना अयोध्या नगर भोपाल  03. अप.क्र. 193/2025धारा 34(2) आबकारी एक्ट थाना अयोध्या नगर भोपाल  04. अप.क्र. 153/26 धारा 34(2) आबकारी एक्ट थाना अयोध्यानगर भोपाल  सराहनीय भूमिका –  थाना प्रभारी  महेश लिल्हारे, उनि.सुदील देशमुख,उनि. विजय कलचुरी, सउनि. मनोज कछवाह, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्र.आर.2233 रूपेश सिंह जादौन, प्रआर.3330 अतुल सिंह, म.प्रआर.1706 रोशनी जैन, आर.3040 अजय कुमार, आर.1055 प्रदीप दामले, एवं टेकनिकल सेल  आर3457 भूपेन्द्र उईके आर 4064जितेन्द्र सिह की सराहनीय भूमिका रही