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‘ई-प्रशिक्षण’ पोर्टल पर 11 नए MOOCs कोर्सेस का हुआ शुभारंभ

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल के 62वें स्थापना दिवस समारोह में सहभागिता की। इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण की सुदृढ़ता और तकनीकी शिक्षा के समग्र उन्नयन के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का वास्तविक क्रियान्वयन शिक्षकों के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस नीति के मूल संवाहक हैं, जिनकी गुणवत्ता, दक्षता एवं दृष्टिकोण सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देते हैं। मंत्री परमार ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाने के लिए संस्थानों के बीच समन्वय, संसाधनों के साझा उपयोग और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्री परमार ने संस्थान के ‘ई-प्रशिक्षण’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 11 नए मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस (MOOCs) का शुभारंभ किया। ये कोर्सेस ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिजिटल CMOS, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर आधारित हैं, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान एवं कौशल से सुसज्जित करेंगे। इस अवसर पर मंत्री परमार ने संस्थान के वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर का भी लोकार्पण किया। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में NITTTR द्वारा विकसित MOOCs कोर्सेस को समाहित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक क्रेडिट का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने शिक्षकों के संप्रेषण कौशल के विकास, ई-कंटेंट निर्माण को प्रोत्साहन तथा संस्थान की उन्नत प्रयोगशालाओं का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचाने पर बल दिया। संस्थान की प्रगति रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि NITTTR भोपाल ने एक क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र से विकसित होकर डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। संस्थान द्वारा आउटकम बेस्ड एजुकेशन के अंतर्गत नए स्नातक कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। वर्ष के दौरान तीन हजार के लक्ष्य के विरुद्ध 9 हजार प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान कर संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। इसके अतिरिक्त, संस्थान द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड तथा नेपाल इंजीनियरिंग काउंसिल के साथ किए गए समझौतों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ किया गया है। इस अवसर पर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. खेम सिंह डेहरिया सहित अनेक शिक्षाविद, कुलगुरु, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे। 

स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा, छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ का प्रावधान

  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, जगरगुंडा और ओरछा में नए आईटीआई 145 शासकीय आईटीआई में आधुनिक मशीन और उपकरणों के लिए 25 करोड़ रुपये 35 आईटीआई में भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान लाईवलीहुड कॉलेज योजना के लिए 33 करोड़, युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण नवा रायपुर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण को 38 करोड़ का बजट रायपुर,   छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभागीय बजट प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, शिक्षा, सेवाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी शिक्षा के विस्तार और अधोसंरचना विकास पर जोर   मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में वर्तमान में 4 छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 1 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई) तथा 20 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं पॉलीटेक्निक क्षेत्र में 3 सीजीआईटी (पॉलीटेक्निक), 35 शासकीय पॉलीटेक्निक, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तथा 14 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में 11 हजार 528 तथा पॉलीटेक्निक संस्थानों में 8,408 सीटें उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कबीरधाम, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये तथा मशीन और उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सीजीआईटी रायगढ़ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ऑडिटोरियम जीर्णाेद्धार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।           नया रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए स्थापना अनुदान के रूप में 15 करोड़ रुपये तथा 18 नए पदों के सृजन के लिए 50 लाख  रुपये का प्रावधान किया गया है। गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के अधोसंरचना विकास हेतु 41.90 करोड़ रुपये की परियोजना में से वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन एवं उपकरण क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये तथा स्थापना अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान रायपुर (कन्या), दुर्ग, रायगढ़ और धमतरी में मशीन एवं उपकरणों की खरीद के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर में 150 सीटर छात्रावास और वाहन स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए योजनाएं और नवाचार          मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे छात्रों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के स्थापना अनुदान एवं परीक्षा प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों का विस्तार          राज्य में वर्तमान में 201 शासकीय तथा 113 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें लगभग 61 हजार प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध हैं। वर्ष 2025-26 में आईटीआई में प्रवेश के लिए लगभग 76 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे युवाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है। नक्सल प्रभावित ओरछा विकासखंड में नवीन आईटीआई की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के सभी विकासखंडों में आईटीआई संचालित हो रहे हैं। आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन तथा ड्रोन टेक्नीशियन जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।              जगरगुंडा (सुकमा) और ओरछा (नारायणपुर) में एजुकेशन सिटी के अंतर्गत नवीन आईटीआई स्थापना, पद सृजन, छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 145 शासकीय आईटीआई में मशीन, औजार और उपकरणों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 35 आईटीआई में भवन निर्माण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।             मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 372 प्लेसमेंट कैम्प आयोजित कर 9 हजार 756 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। वर्ष 2026-27 में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कौशल विकास को मिलेगा नया प्रोत्साहन           छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के लिए वर्ष 2026-27 में 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 91 हजार 543 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 72 हजार 754 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 366 संस्थाएं कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिनमें 212 लघु अवधि के कोर्स संचालित हैं। युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी, नांदी फाउंडेशन, द लॉन्ड्री बैग तथा सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।          राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए वर्ष 2026-27 में 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तक 67 हजार 118 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास … Read more