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रायपुर बजट 2026: वर्किंग वूमन के लिए हॉस्टल, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट और अन्य अहम घोषणाएं

रायपुर  शहर की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। मेयर मीनल चौबे ने  रायपुर नगर निगम का करीब 2130 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस दौरान शहर के विकास को लेकर मेयर ने कई बड़ी घोषणा की। मेयर ने पंडरी और नरैया तालाब में वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही शहर के 268 स्थानों पर सीसीटीवी लगवाने की घोषणा की गई है। बजट पेश होने से पहले कांग्रेस के पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस पार्षदों ने मेयर मीनल चौबे का विरोध किया और हाथों में तख्तियां लेकर खड़े थे। इन तख्तियों अलग-अलग स्लोगन लिखे थे। कई पार्षद हाथ में पोस्टर लेकर 'वादा तेरा वादा' गाना गाते हुए पहुंचे। कौन सी बड़ी घोषणाएं हुईं     नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी और यूथ हॉस्टल बनाया जाएगा।     शंकर नगर और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट बनेगा।     निगम 100 करोड़ का म्यूनिसिपल बांड जारी करेगा।     नगर निगम मुख्यालय और पंडरी में ऑटोमैटिक पार्किंग बनेगी।     5 करोड़ रुपए की लगत से महिला शांति गृह की होगी स्थापना।     शहर में खारुन महोत्सव का होगा शुभारंभ।     बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर महिलाओं के लिए बनाया जाएगा वेंडिंग जोन।     शहीद स्मारक परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए लगाई जाएगी लिफ्ट।     साफ सफाई के लिए 1 करोड़ 50 लाख की लगत से रोबोटिक सक्शन मशीन क्रय किया जाएगा।     राजधानी के सभी जोन में दो उद्यानों का होगा सौंदर्यीकरण।     हर वार्ड में होगी बर्तन बैंक की स्थापना। पिछले साल कितने का था बजट पिछले वित्तीय साल नगर निगम का बजट 1529.53 करोड़ रुपये था। इसमें 1528.73 करोड़ रुपए खर्च और करीब 79 लाख रुपए अधिशेष का अनुमान रखा गया था। किस मद में कितना खर्च होगा     जल कार्य विभाग के लिए लगभग 104.88 करोड़ रुपये।     स्वास्थ्य, सफाई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 76.97 करोड़ रुपये।     बिजली और यांत्रिकी विभाग के लिए करीब 89.99 करोड़ रुपये। सभापति के साथ हुई बहस मेयर के बजट पेश करने के दौरान कांग्रेस के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद सभापति और एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा के बीच तीखी बहस भी हुई। वहीं, विपक्ष के बार-बार टोकने से मेयर भी नाराज हुईं। पवन तिवारी

जगदलपुर निगम का 2.40 अरब रुपये का बजट: सड़कों, नालियों, पानी और सफाई पर होगा खर्च

जगदलपुर जगदलपुर नगर निगम के बजट सत्र में इस बार बजट पेश होने से पहले ही सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। वर्ष 2026-27 के लिए 2 अरब 40 करोड़ 92 लाख 84 हजार रुपए का बजट अंतत: नारेबाजी और विरोध के बीच पेश किया गया, लेकिन इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव बना रहा। इस बजट में जहां शहरवासियों को पेयजल संकट से दूर करने के लिए 100 करोड़ का बजट रखा गया है। वहीं लोगों को शहर में ज्यादा झटके न लगें आवागमन सामान्य हो इसके लिए 35 करोड़ रुपए सड$क पर खर्च होंगे। वही इस बजट की खास बात यह रही कि आम जन के उपर कोई नए टैक्स का भार नहीं लगाया गया है। विपक्ष के नारों के बीच महापौर ने पेश किया बजट स्थगन के कुछ देर बाद जब सत्तापक्ष के सदस्य और महापौर संजय पांडे वापस सदन में लौटे, तब भी विपक्ष गर्भगृह में मौजूद रहा और नारेबाजी के बीच ही महापौर ने बजट पेश किया। बाद में अध्यक्ष ने शहर विकास को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए सभी पार्षदों से बजट का समर्थन करने को कहा। इस पर विपक्ष ने नैतिक समर्थन देते हुए अपनी सीट पर वापसी की। जलसंकट से राहत, पेयजल आपूर्ति होगी मजबूत नगर निगम ने बजट में सबसे अधिक प्राथमिकता जलप्रदाय व्यवस्था को दी है। शहर के कई इलाकों में लंबे समय से बनी जल समस्या को देखते हुए नई योजनाएं तैयार की गई हैं। पाइपलाइन विस्तार, जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण और नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि नागरिकों को सालभर पानी मिल सके। अधोसंरचना विकास, सड़कों और नालियों पर जोर शहर के विकास के लिए सड़क, नाली और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण और मरम्मत कार्यों को बजट में शामिल किया गया है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि जलभराव और गंदगी की समस्या में भी कमी आएगी। नए विकास कार्यों से शहर की तस्वीर बदलने की तैयारी है। लाइटिंग और पार्किंग, सुविधा के साथ सुरक्षा भी नगर निगम ने शहर में स्ट्रीट लाइटिंग को और बेहतर करने का लक्ष्य रखा है। प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों में नई लाइटें लगाई जाएंगी। साथ ही पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी प्लान तैयार किया गया है, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और सुरक्षा में सुधार होगा। स्वच्छता पर फोकस, साफ-सुथरा शहर बनाने की पहल स्वच्छता को लेकर निगम ने अतिरिक्त संसाधन और बजट प्रावधान किए हैं। नियमित कचरा उठाव, सफाई व्यवस्था में सुधार और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे शहर को साफ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। कर्मचारियों को राहत, समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित नगर निगम ने अपने कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के समय पर भुगतान को प्राथमिकता दी है। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। नागरिक सुविधाओं का विस्तार, हर वार्ड तक पहुंचेगी सुविधा बजट में शहर के सभी वार्डों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पेयजल, सड़क, लाइटिंग और स्वच्छता जैसी सेवाओं का दायरा बढ़ाकर नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। निगम का दावा, विकास को मिलेगी नई रफ्तार नगर निगम के मेयर संजय पांडेय का दावा है कि इस बजट के जरिए शहर की प्रमुख समस्याओं का समाधान होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। आने वाले समय में जगदलपुर को एक अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा ने बताया विकास का रोडमैप महापौर ने कहा कि युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक नई 'चौपाटी' (फूड स्ट्रीट) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. पहली बार, नगर निगम के अंतर्गत एक विशेष 'फूड जोन' बनाया जाएगा. इस पहल के लिए 4 करोड़ का बजट भी आवंटित किया गया है. यह परियोजना निश्चित रूप से पूरी की जाएगी. पिछले बजट में बताए गए लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरे हो चुके हैं, और इसके लिए जरूरी धनराशि सरकार से प्राप्त कर ली गई है।  विपक्ष का आरोप  विपक्ष के नेता राजेश चौधरी ने आरोप लगाया कि BJP ने अपने बहुमत की ताकत पर भरोसा करते हुए बहस को दबा दिया और सीधे बजट पेश कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में कोई नई योजना शामिल नहीं है. इसके बजाय, उन्होंने इसे पूरी तरह से 'कॉपी-पेस्ट' दस्तावेज बताया, जिसमें केवल आंकड़ों में बदलाव किया गया है. कांग्रेस पार्टी ने आगे कहा कि जब बजट पर विस्तार से चर्चा करने का मौका आया, तो सत्ताधारी दल के सदस्य सदन से बाहर चले गए. इस कदम को उन्होंने जवाबदेही से बचने की कोशिश का संकेत बताया. उनका दावा है कि पिछले बजट में की गई घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कोई ठोस असर देखने को नहीं मिला है. आज भी शहर के निवासी सड़क, पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई जैसे बुनियादी मुद्दों से जूझ रहे हैं। 

स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा, छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ का प्रावधान

  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, जगरगुंडा और ओरछा में नए आईटीआई 145 शासकीय आईटीआई में आधुनिक मशीन और उपकरणों के लिए 25 करोड़ रुपये 35 आईटीआई में भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान लाईवलीहुड कॉलेज योजना के लिए 33 करोड़, युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण नवा रायपुर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण को 38 करोड़ का बजट रायपुर,   छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभागीय बजट प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, शिक्षा, सेवाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी शिक्षा के विस्तार और अधोसंरचना विकास पर जोर   मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में वर्तमान में 4 छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 1 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई) तथा 20 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं पॉलीटेक्निक क्षेत्र में 3 सीजीआईटी (पॉलीटेक्निक), 35 शासकीय पॉलीटेक्निक, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तथा 14 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में 11 हजार 528 तथा पॉलीटेक्निक संस्थानों में 8,408 सीटें उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कबीरधाम, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये तथा मशीन और उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सीजीआईटी रायगढ़ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ऑडिटोरियम जीर्णाेद्धार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।           नया रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए स्थापना अनुदान के रूप में 15 करोड़ रुपये तथा 18 नए पदों के सृजन के लिए 50 लाख  रुपये का प्रावधान किया गया है। गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के अधोसंरचना विकास हेतु 41.90 करोड़ रुपये की परियोजना में से वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन एवं उपकरण क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये तथा स्थापना अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान रायपुर (कन्या), दुर्ग, रायगढ़ और धमतरी में मशीन एवं उपकरणों की खरीद के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर में 150 सीटर छात्रावास और वाहन स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए योजनाएं और नवाचार          मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे छात्रों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के स्थापना अनुदान एवं परीक्षा प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों का विस्तार          राज्य में वर्तमान में 201 शासकीय तथा 113 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें लगभग 61 हजार प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध हैं। वर्ष 2025-26 में आईटीआई में प्रवेश के लिए लगभग 76 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे युवाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है। नक्सल प्रभावित ओरछा विकासखंड में नवीन आईटीआई की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के सभी विकासखंडों में आईटीआई संचालित हो रहे हैं। आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन तथा ड्रोन टेक्नीशियन जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।              जगरगुंडा (सुकमा) और ओरछा (नारायणपुर) में एजुकेशन सिटी के अंतर्गत नवीन आईटीआई स्थापना, पद सृजन, छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 145 शासकीय आईटीआई में मशीन, औजार और उपकरणों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 35 आईटीआई में भवन निर्माण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।             मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 372 प्लेसमेंट कैम्प आयोजित कर 9 हजार 756 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। वर्ष 2026-27 में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कौशल विकास को मिलेगा नया प्रोत्साहन           छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के लिए वर्ष 2026-27 में 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 91 हजार 543 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 72 हजार 754 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 366 संस्थाएं कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिनमें 212 लघु अवधि के कोर्स संचालित हैं। युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी, नांदी फाउंडेशन, द लॉन्ड्री बैग तथा सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।          राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए वर्ष 2026-27 में 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तक 67 हजार 118 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास … Read more

कर्नाटक बजट में अल्पसंख्यकों पर खास ध्यान, शिक्षा-कल्याण के लिए खोला खजाना

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई नई योजनाओं की घोषणा की। इन योजनाओं का उद्देश्य अल्पसंख्यक छात्रों के लिए शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए छात्रावास सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिक मांग वाले जिलों में 150 क्षमता वाले 25 नए पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास शुरू किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि मौजूदा 25 छात्रावासों की क्षमता में 50 और छात्रों की बढ़ोतरी की जाएगी। बजट पेश करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार माइनॉरिटी स्टूडेंट्स और कम्युनिटीज़ के लिए एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल सपोर्ट सिस्टम को बढ़ाएगी, साथ ही एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगी। स्कूलों का उन्नयन और उच्च शिक्षा की तैयारी उन्होंने कहा कि 2026-27 में 25 नए संत शिशुनाला शरीफ रेजिडेंशियल स्कूल शुरू किए जाएंगे। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि 117 मौलाना आज़ाद मॉडल स्कूलों और उर्दू स्कूलों को 600 करोड़ रुपये की लागत से कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के तौर पर अपग्रेड करने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल, 400 करोड़ रुपये की लागत से इसी मॉडल के तहत और 100 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। लर्निंग सेंटर्स और सिटीज़न सर्विस सेंटर्स का ऐलान सिद्धारमैया ने कहा कि 25 मोरारजी देसाई रेजिडेंशियल स्कूलों में PUC साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम शुरू की जाएंगी। इसके अलावा 18 APJ अब्दुल कलाम रेजिडेंशियल स्कूलों में कॉमर्स स्ट्रीम शुरू की जाएगी। सिद्धारमैया ने कहा कि इसके अलावा, माइनॉरिटी रेजिडेंशियल स्कूलों के चुने हुए काबिल PUC स्टूडेंट्स को K-CET, JEE और NEET एग्जाम के लिए अच्छी कोचिंग देने के लिए सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस के तौर पर चार रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बीच लगातार सीखने को बढ़ावा देने के लिए लर्निंग सेंटर्स और सिटीज़न सर्विस सेंटर्स भी बनाए जाएंगे। चार नए वर्किंग विमेन हॉस्टल्स बनेंगे उन्होंने कहा कि वर्किंग विमेन हॉस्टल्स की डिमांड ज़्यादा है, इसलिए बेंगलुरु में 100 लोगों की कैपेसिटी वाले चार नए वर्किंग विमेन हॉस्टल्स शुरू किए जाएंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार ने जैन, बुद्धिस्ट और सिख कम्युनिटीज़ के बड़े डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ रुपये भी रखे हैं। उन्होंने बुद्धिस्ट कम्युनिटी के धम्मचारियों को 6,000 रुपये महीने का मानदेय देने की घोषणा की। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी अल्पसंख्यक छात्रों में से 5,000 छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 50,000 रुपये देने का भी उन्होंने ऐलान किया। आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए सरकार फास्ट फूड ट्रक या मोबाइल किचन कियोस्क उपलब्ध कराएगी। इसके तहत परियोजना लागत का 75% या अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक महिला सहकारी समितियां भी स्थापित की जाएंगी। अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं जैन, बौद्ध और सिख समुदायों के समग्र विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान। बौद्ध समुदाय के धम्माचारियों को प्रति माह 6,000 रुपये मानदेय। हुब्बली और कलबुर्गी में नए हज भवनों का निर्माण। वक्फ संस्थानों के 31 महिला पीयू कॉलेजों को डिग्री कॉलेज में अपग्रेड किया जाएगा। सवनूर में एक नया महिला पीयू कॉलेज शुरू होगा। व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित वक्फ संपत्तियों का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकास किया जाएगा। बीजेपी ने किया विरोध इन घोषणाओं पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक इकाई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार “तुष्टिकरण की राजनीति” कर रही है और राज्य के खजाने का बड़ा हिस्सा अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए खर्च कर रही है।  

राय जगदलपुर में बजट 2026-27 की योजना, नगर निगम ने सड़क, नाली-पानी और सफाई पर मांगी जनता की राय

जगदलपुर जगदलपुर नगर निगम ने बजट वर्ष 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, युवाओं और मीडिया से सुझाव मांगे हैं। निगम का कहना है कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, उद्यान, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल सुरक्षा, पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे विषयों पर व्यवहारिक सुझाव दिए जा सकते हैं, ताकि शहर की जरूरतों के अनुसार बजट तैयार किया जा सके। विकास कामों से जुड़े सुझाव को देंगे प्राथमिकता नगर निगम के मेयर संजय पांडेय ने कहा कि बजट बनाने से पहले शहर के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत शहर के विकास से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। नागरिक अपने वार्ड और क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव भेज सकते हैं, जिससे बजट में जरूरी कार्यों को शामिल किया जा सके। महापौर ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि इससे शहर के विकास की दिशा तय होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं के आधार पर सुझाव जरूर दें, ताकि शहर के लिए बेहतर और जनहित से जुड़ा बजट तैयार किया जा सके। सुझाव पसंद आया तो बजट में लाएंगे निगम प्रशासन के अनुसार, प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण किया जाएगा और उपयोगी प्रस्तावों को बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके बाद बजट को सामान्य सभा में प्रस्तुत कर स्वीकृति के लिए रखा जाएगा और राशि के आबंटन के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राशि उपलब्ध होने के आधार पर शहर में विकास कार्य किए जाएंगे। नागरिक अपने सुझाव ई-मेल कर सकते हैं नागरिक अपने सुझाव jagdalpurnagarnigam@yahoo.com, व्हाट्सएप नंबर 8839522213 या सीधे महापौर कार्यालय, नगर निगम जगदलपुर में जमा कर सकते हैं। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से इस प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है, ताकि सामूहिक सुझावों के आधार पर शहर के विकास की योजना तैयार की जा सके। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने  भाजपा जिला कार्यालय में आहूत पत्र वार्ता में बजट के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते कहा कि हमारी सरकार का पहला बजट ज्ञान पर आधारित था और दूसरा गति पर, इस वर्ष का बजट संकल्प की थीम पर आधारित है, यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। श्री देव ने कहा कि बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए सरकार ने 5 विशेष मिशनों की घोषणा की है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं- सड़कों, पुलों और भवनों के आधुनिक निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, प्रदेश को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने हेतु मुख्यमंत्री एआई (AI) मिशन, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, युवाओं को 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाने हेतु मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिश और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन। श्री देव ने मजबूत अर्थव्यवस्था के प्रामाणिक आँकड़ों को रेखांकित कर कहा कि छत्तीसगढ़ की जीएसडीपी 12 प्रतिशत की दर से बढ़कर 7,09,553 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, पूंजीगत व्यय में 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाती है कि सरकार राज्य में संपत्ति निर्माण पर निवेश कर रही है। राज्य का स्वयं का कर राजस्व 14 प्रतिशत बढ़कर 52,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।  

पंजाब बजट सत्र: महिलाओं के लिए ₹1000 की घोषणा, गवर्नर ने AAP सरकार की उपलब्धियां साझा की, मान सरकार का आखिरी बजट 8 मार्च को

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा का बजट सेशन आज (6 मार्च) से शुरू हो गया है। पहले दिन गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने अभिभाषण दिया। उन्होंने सत श्री अकाल कहकर संबोधन शुरू किया। उनके अभिभाषण शुरू करते ही कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया।  गवर्नर के अभिभाषण के दाैरान कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के बजट अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। आये दिन हाल बिगड़ते जा रहे हैं और उस पर चर्चा करवाई जानी चाहिए। सभी कांग्रेस विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि राज्यपाल ने कहा कि आपको  अपनी बात रखने का उचित समय मिलेगा, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी जारी रखी। सत्र से पहले सीएम भगवंत मान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमान को पंजाब मंत्रिमंडल ने पारित कर दिया है। यह बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह बजट प्रत्येक पंजाबी की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा और पंजाब को एक बार फिर रंगला पंजाब बनाने में सहायक होगा। वुमन्स डे पर भगवंत मान सरकार दे सकती है 1000 रुपये का ‘गिफ्ट’ हर महिला के खाते में आएंगे 1000 रुपये AAP ने 2021 में 'मिशन पंजाब' रैली के दौरान घोषणा की थी कि अगर पार्टी सत्ता में आई तो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने खुद यह वादा दोहराया था। पंजाब में लगभग एक करोड़ महिला मतदाता हैं, और यदि योजना सभी वयस्क महिलाओं पर लागू हुई तो सालाना खर्च 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है, जैसे कि आय समूह के आधार पर लक्षित लाभार्थी या सभी के लिए वैकल्पिक योजना। वित्त विभाग फिस्कल प्रभाव का आकलन कर रहा है। पंजाब सरकार ने लागू की कई योजनाएं पंजाब सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कई प्रमुख योजनाएं लागू की हैं। 2022 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली शुरू की गई। कृषि ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली सब्सिडी जारी है, जिससे सब्सिडी बिल 22,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। आम आदमी क्लीनिक्स की शुरुआत हुई, जहां अब 881 क्लीनिक चल रहे हैं जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुफ्त परामर्श, दवाएं और 38 जांचें प्रदान करते हैं। बजट 8 मार्च को पेश होगा। जिसमें AAP सरकार 2022 में किए महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए के चुनावी वादे को पूरा करेगी। हालांकि महिलाओं को यह राशि देने का काम 18 मार्च से शुरू होगा। महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये देने की घोषणा के साथ-साथ कुछ महीने का बकाया देने पर भी विचार चल रहा क्योंकि विपक्ष सूबे की महिलाओं को सरकार से 48 महीने का बकाया मांगने के लिए उकसा रहा है। पंथक एजेंडे को मजबूती देने के लिए कुछ विशेष घोषणाएं भी की जा सकती हैं। ये घोषणाएं पंजाब में धार्मिक नगरियों व स्थानों के विकास से संबंधित हो सकती हैं। विधानसभा में 7 मार्च को शनिवार के दिन अवकाश रहेगा। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सरकार अपना पांचवां बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं की जा सकती हैं। 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी, जबकि 10 और 11 मार्च को विधायकों द्वारा बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को वैधानिक कार्य निपटाए जाएंगे। 13 से 15 मार्च तक प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 16 मार्च को सत्र के अंतिम दिन विभिन्न विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे। अधूरे वादों और कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रदर्शन विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक और नेता पंजाब भवन से विधानसभा तक रोष मार्च निकालेंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह सरकार को अधूरे चुनावी वादों, बढ़ते गैंगस्टरवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने जा रही है। खासतौर पर महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने के वादे को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। कांग्रेस का दावा है कि 2022 में किए गए इस वादे के आधार पर सरकार को प्रत्येक महिला को चार साल के 48 हजार रुपये देने चाहिए। विपक्ष कथित फर्जी मुठभेड़ों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। प्रताप बाजवा की टिप्पणी के विरोध में मंत्री ईटीओ ने बजवाया बैंड कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में बैंड बाजा बजवाकर प्रदर्शन किया। कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंत्री पर बैंड बाजे से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मंत्री ने एसएसपी अमृतसर को प्रताप बाजवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत भी दी है।  फरवरी में अजनाला रैली के दौरान बाजवा ने कहा था कि मंत्री हरभजन ईटीओ बैंड बजाते थे लेकिन अब वह पंजाब का बैंड बजा रहा हैं। इस पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग ने मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर अब मंत्री ईटीओ कहा कि यदि वे मेहनत के बूते जमीन से उठकर मंत्री पद तक पहुंचे हैं तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। दरअसल, ये बयान कांग्रेसियों की मानसिकता को दर्शाते हैं।  

छत्तीसगढ़ का 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट 2026-27 के लिए पेश, किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट 'संकल्प' (एसएएनकेएएलपी) विषयवस्तु पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास एवं अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। वर्ष 2023 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है। सरकार का पहला बजट 'ज्ञान' (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) विषयवस्तु पर आधारित था, जबकि पिछले साल यह 'गति' (सुशासन, अवसंरचना को तेज करना, प्रौद्योगिकी और आद्योगिक विकास) पर केंद्रित था। किसानों के लिए खास तोहफा राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आंकड़ा राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता और समर्थन मूल्य नीति की सफलता को भी दर्शाता है। सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए निशुल्क पंप योजना हेतु 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बिजली आधारित सिंचाई साधनों का लाभ मिलेगा और खेती की लागत में कमी आएगी। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाम ऑयल की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक धान आधारित खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों की आय के स्रोत बढ़ सकें। महिलाओं और स्वास्थ्य के लिए बड़े प्रावधान महिला सशक्तिकरण को मजबूती देते हुए सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 70 लाख महिलाओं को 14 हजार करोड़ रुपये वितरित किए जाने की जानकारी दी। नए बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना और महतारी सदन के लिए 275 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बालिकाओं के जन्म पर ‘दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में 5 नई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 42 करोड़, आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दवाओं की गुणवत्ता जांच हेतु 25 करोड़ रुपये की लागत से लैब स्थापित की जाएगी। रायपुर में नया होम्योपैथी कॉलेज भी खोला जाएगा। बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल का बजट 'संकल्प' – समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, जीवनयापन और नीति से परिणाम तक, पर केंद्रित है जिसका मकसद राज्य के विकास के सफर को तेज करना है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर इलाके के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में शिक्षा शहर बनाने के लिए एक सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चौधरी ने कहा कि राज्य में खेल एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर नेट परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर करके दूरदराज के इलाकों में डिजिटल संपर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं बस्तर में इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट में 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढञ में निवेश और रोजगार बढ़ाने, 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।   बस्तर-सरगुजा पर खास ध्यान बजट में बस्तर और सरगुजा अंचल के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इंटरनेट सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और 70 नई बस सेवाओं के संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे पॉलिसी हेतु 10 करोड़ और मैनपाट पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं। कृषि और रोजगार सृजन के लिए निवेशकों को 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए 50 करोड़ रुपये और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की भी घोषणा की गई है। आधारभूत संरचना में निवेश सड़क और नगरीय विकास कार्यों में भी उल्लेखनीय राशि आवंटित की गई है। नारायणपुर-जटलूर मार्ग के लिए 28 करोड़, दंतेवाड़ा के लिए 9 करोड़, सुकमा के लिए 7 करोड़, बलरामपुर के लिए 10 करोड़ तथा इंद्रावती क्षेत्र में 68 किलोमीटर नगर निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कांकेर बैराज परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। Chhattisgarh Budget 2026: सत्र की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई थी, जिसमें राज्य के विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया था। साय सरकार का यह तीसरा बजट ‘संकल्प’ थीम के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी क्षेत्रों के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित नजर आता है। बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़ बजट में विद्युत पंपों की बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ वहीं दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में गन्ना किसानों को बोनस हेतु 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में ये एलान भी किए गए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तो बैगा और पुजारी को … Read more

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 सत्र 23 फरवरी से, मंतातरण विरोधी कानून और 2 लाख करोड़ के बजट पर फोकस

 रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद गरमागरम रहने के आसार हैं। इस सत्र में साय सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाएगी। चर्चा है कि सरकार इस सत्र में बहुप्रतीक्षित मंतातरण विरोधी विधेयक पेश कर सकती है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज सत्र की तैयारियों और सदन में घेराबंदी की रणनीति बनाने के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने 23 फरवरी की शाम चार बजे राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। वहीं, सत्तापक्ष भाजपा ने भी सदन की कार्यवाही को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए उसी दिन अपने विधायक दल की बैठक आहूत की है। 24 फरवरी को वित्‍त मंत्री करेंगे पेश, विजन 2047 पर जोर 24 फरवरी 2026 को विधानसभा सत्र में अपना बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जानकारी दी कि यह बजट नई थीम और विजन के साथ आएगा, जैसा कि पिछले बजट में “ज्ञान” और “गति” पर जोर था. उन्होंने बताया कि इस बार बजट का दृष्टिकोण विजन 2047 के अनुरूप होगा, जिसमें दीर्घकालिक विकास और रणनीति को स्थान दिया जाएगा जबकि मुख्य वर्गों के लिए विशेष पहल बनाए जाने की बातें उठीं. बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें पहले दिन राज्यपाल अभिभाषण देंगे और अगले दिन यानि 24 फरवरी को बजट दस्तावेज पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री का कहना है कि बजट 2026-27 में महिलाओं, युवाओं और किसानों के साथ-साथ आधारभूत संरचना, खेल एवं स्वास्थ्य जैसी प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान होगा. बजट सत्र लगभग 20 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें शामिल होंगी. बजट की तैयारी और प्राथमिकताएँ में विजन 2047  छत्तीसगढ़ का यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए रोडमैप भी पेश करेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि बजट में नए विजन और दीर्घकालिक रोडमैप के साथ 2047 तक प्रदेश के विकास की दिशा दिखाई जाएगी और इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा. महिला, युवा और किसान केंद्रित योजनाएँ वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस बार बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष अनुदान और योजनाओं पर जोर दिया जाएगा. पिछले बजट के अनुभवों से सीख लेकर इस बार इन वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेट और रोजगार सृजन से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है. इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाएँ सूत्रों के मुताबिक इस बजट में राज्य के नगर पंचायतों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग ₹100 करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है. इसके अलावा नए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और नवीनीकरण योजनाएँ भी शामिल होने की संभावना है, जिससे युवा वर्ग के लिए खेल और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे. आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर फोकस इस बजट में आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि प्रोत्साहन के लिए मजबूत प्रावधान किए जाने की बात सामने आ रही है. बजट पेश होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों को कितना वित्तीय समर्थन मिलेगा और किस तरह की दीर्घकालिक योजनाएँ लागू होंगी.  विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक गति को बनाए रखने और सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. इसे विकास, रोजगार और आधारभूत सेवाओं को मजबूत करने वाले प्रावधानों के रूप में देखा जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप हो सकते हैं. दो लाख करोड़ का हो सकता है बजट सत्र के दूसरे दिन यानी 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगे। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार दो लाख करोड़ रुपये के आसपास होगा। इस बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष प्राविधान और बड़ी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। 1,000 से अधिक सवाल 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। अब तक विधानसभा सचिवालय में एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए जा चुके हैं। आधा दर्जन से अधिक विधेयकों के सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है, जिनमें से मंतातरण विरोधी कानून पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।  

शून्यकाल में वित्त मंत्री का बजट प्रस्तुतीकरण, छात्रों और रैयतों समेत कक्षपालों की समस्याएं उठीं

रांची झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6450 करोड़ रुपए का तृतीय अन्नपूर्णक बजट पेश किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सरकार से आग्रह किया कि जेपीएससी की कट ऑफ डेट पर तुरंत निर्णय लिया जाए, क्योंकि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि B.Ed की छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलने तक फीस जमा करने की बाध्यता से राहत दी जाए। लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने रैयतों के मुआवजे का भुगतान होने तक एनटीपीसी और अडानी के खनन पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि विवादित मामलों को रैयतों की सहमति से हल किया जाना चाहिए। विधायक अमित महतो ने कक्षपाल नियुक्ति में उम्र सीमा में छूट देने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले ही इस छूट का प्रावधान किया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।  

मध्य प्रदेश बजट 2026 में खेल और सुरक्षा पर जोर, हर विधानसभा को मिलेगा स्टेडियम

भोपाल  प्रदेश सरकार ने बजट 2026 युवाओं और महिलाओं के साथ ही मजदूरों पर फोकस नजर आया है। सीएम युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुलभ स्टेडियम विकसित करने की तैयारी है। ताकि ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएं मिल सकें। वहीं महिलाओं, श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा सहारा बनकर आया है। इसके साथ ही बजट में जन-धन योजना और बीमा योजनाओं को लेकर जमीनी विस्तार भी दिखा। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार का कहना है कि यह राशि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार में खर्च की जाएगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में लाड़ली लक्ष्मी योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका मकसद गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। ताकि उन्हें बीमा, पेंशन और अन्य सुविधाएं मिल सकें। प्रदेश में बढ़ी है केंद्र सरकार की भागीदारी बढ़ी केंद्र सरकार की योजनाओं में भी प्रदेश की भागीदारी बढ़ी है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत राज्य में अब तक 4 करोड़ 61 लाख से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिससे बड़ी आबादी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी है। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख का पंजीयन हो चुका है। दुर्घटना की स्थिति में यह योजना बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोग नामांकन करवा चुके हैं। इससे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा का आधार है। सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं के खेल, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ महिलाओं और श्रमिक वर्ग को सुरक्षा कवच देने की दिशा में अहम कदम है।