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सुपौल में सीएम नीतीश बोले- ‘लालू-राबड़ी शासनकाल में शाम के बाद बाहर नहीं निकलते थे लोग’

सुपौल.

मंगलवार से सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा की शुरुआत हुई. सुपौल जिले में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले 5 साल के विजन को बताया. सीएम नीतीश ने कहा कि 2025 से 2030 के लिए काम शुरू हो गया है. अगले 5 सालों में उद्योग को बढ़ावा, 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और महिलाओं को 2-2 लाख रुपए भी दिए जायेंगे.

7 प्वाइंट में बताया पूरा विजन

  • दोगुना रोजगार, दोगुनी आय- प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना किया जाएगा. महिलाओं को दो-दो लाख रुपए और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी दिया जाएगा.
  •     समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार- अगले 5 सालों में उद्योग लगाने पर पूरा जोर दिया जाएगा. सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जा रही है. पुरानी बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा.
  •     कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि- इसके लिए पहले से ही काम किया गया है. इसमें और तेजी लाने के लिए अब नए बिहार विपणन प्रोत्साहक निगम की स्थापना की गई है. मखाना के उत्पादन को और बढ़ावा दिया जा रहा है. डेयरी और मछली पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
  •     उन्नत शिक्षा, उज्जवल भविष्य- राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं. एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण कराया जा रहा है.
  •     सुलभ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन- स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए जिला और प्रखंड के अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाया जा रहा है. राज्य में प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा. सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी.
  •     मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार- आधारभूत संरचनाओं को बेहतर किया जाएगा. शहरों का विकास किया जाएगा. 5 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. ग्रामीण सड़कों को टू लेन बनाया जाएगा. इच्छुक लोगों के घर की छतों पर सोलर पैनल लगाए जायेंगे. टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा.
  •     सबका सम्मान और जीवन आसान- आधुनिक तकनीक और अच्छे प्रशासन के माध्यम से राज्य के लोगों के जीवन को आसान बनाया जाएगा.

लालू-राबड़ी शासनकाल पर भी बोले
लोगों को संबोधित करते हुए लालू-राबड़ी शासनकाल पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा, 2005 के पहले की जो सरकार बनी थी, लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे. शाम से ही घर में बंद हो जाते थे. पहले समाज में कितना विवाद होता था और हिंदू मुसलमान का झगड़ा भी होता था. पढ़ाई का भी हाल बुरा था. बहुत कम बच्चे ही पढ़ पाते थे. पहले इलाज का भी इंतजाम नहीं था और सड़कें भी बहुत कम थी. हम लोगों ने बिहार में सारा काम किया. बिहार में किसी प्रकार के डर-भय का वातावरण नहीं है.

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