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आज का राशिफल 11 मार्च 2026: इन राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी, पढ़ें अपना भविष्यफल

मेष राशि मेष राशि वालों को इस बात का खास ध्यान रखना है कि गुस्से पर काबू रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। इस समय बड़े फैसले आपको बाद में दिक्कत में डाल सकते हैं। इसिलए शांत रहकर काम करें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इसका सही इस्तेमाल करें। वृष राशि वृषभ राशि वालों के मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आपकी लवलाइफ में आज परेशानी रहेगी। आत्मविश्वास से काम लें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। कार्यभार भी बढ़ेगा। कर्क राशि कर्क राशि वालों का मन परेशान हो सकता है,लेकिन आपको अपना काम अच्छे से करना हैष नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, इसलिए अलर्ट रहें।। परिश्रम अधिक रहेगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में लाभ के मौके आपको मिल मिलेंगे। मिथुन राशि मिथुन वालों के लिए समय अच्छा है। आपको इस समय ऑफिस में और पर्सनल लाइफ में ईगो को बाहर रखना है। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग तो मिलेगा, परंतु नौकरी में बदलाव होगा। परिश्रम अधिक रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों को मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। सिंह राशि वालों के लिए हेल्थ से लेकर पर्सनल लाइफ में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। इस समय आर्थिक फैसले लेते समय खास ध्यान रखें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार के लिए विदेश यात्रा से आपको लाभ मिल सकता है। कन्या राशि कन्या वालों को अच्छी खबर मिल सकती है, लेकिन आपको आत्मसंयत रहें। बेकार के क्रोध से बचें। इस समय कारोबार में जो भी बदलाव हो रहे हैं, उन्हें आपको अपनाना होगा। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। आपको मन प्रसन्न रहेगा, लवलाइफ रोमांटिक रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। मित्रों का सहयोग भी मिल सकता है। धनु राशि धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इस समय चंद्रमा की स्थिति अच्छी रहेगी, मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। माता की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ आपको इस समय मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी, इसलिए अपना बजट बनाकर रखें वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय खास है, आपको ऑफिस में ऐसा मौका मिलेगा, जिसमें आप अपनी काबिलियत साबित कर सकते हैं। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार का विस्तार होगा। परिवार का साथ मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। मकर राशि मकर राशि वाले लोगों का यह समय आर्ट में अच्छा रहेगा, आपको नए काम मिल सकते हैं।रोमांस के सितारे मजबूत हैं। नौकरी में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता भी हो सकती है। कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों का दिन आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। घर में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, जिसके लिए आपको पैसा देना पड़ सकता है। भवन के रख-रखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। शैक्षिक कार्यों में आपको समस्याएं आ सकती हैं। मीन राशि मीन राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इस समय पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। आपकी लाइफ में एक के साथ एक कई समस्याएं आ सकती है, इसलिए थोड़ा सावधान रहें। बजट को रिव्यू करें।

बिहान योजना के स्वयं सहायता समूह से मिला सहारा, महतारी वंदन योजना से बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर सरकारी योजनाओं ने बदली शशि केशरवानी की तकदीर, छोटे व्यवसाय से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की निवासी शशि केशरवानी आज उन महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को नई दिशा दी है। कभी छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाली शशि आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शशि केशरवानी बिहान योजना के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। प्रारंभिक दिनों में उनका व्यवसाय बहुत छोटे स्तर पर चलता था, जिससे परिवार की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। व्यवसाय को आगे बढ़ाने की इच्छा तो थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। समूह से मिला आर्थिक सहयोग, बढ़ा व्यवसाय      स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद शशि केसरवानी को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से समय-समय पर ऋण लेकर अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार देना शुरू किया। शुरुआत में लिया गया छोटा लोन उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने अपने व्यवसाय को बढ़ाते हुए कई बार समूह से ऋण लिया। अब तक वे लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त कर चुकी हैं। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को मजबूत करने, सामग्री खरीदने और काम का दायरा बढ़ाने में किया। निरंतर मेहनत और सही दिशा में निवेश के कारण उनका व्यवसाय धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत होता गया। महतारी वंदन योजना बनी सहारा      शशि केसरवानी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी काफी सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ-साथ घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इस अतिरिक्त सहयोग से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और आर्थिक रूप से भी उन्हें मजबूती मिली। आज उनका व्यवसाय पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है। अब हर महीने हो रही 7-8 हजार रुपये की आय      लगातार मेहनत, समूह का सहयोग और सरकारी योजनाओं के लाभ से आज शशि केसरवानी की मासिक आय लगभग 7 से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। अपने व्यवसाय के माध्यम से वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश कर रही हैं। सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी      शशि केशरवानी का कहना है कि यदि उन्हें स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे अपने व्यवसाय को इस स्तर तक नहीं पहुंच पातीं। इन योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। वे इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। आज शशि केसरवानी की कहानी यह बताती है कि यदि इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो सरकारी योजनाएं वास्तव में आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

राहत की खबर: बढ़ी LPG की सप्लाई, रिफाइनरियों ने उत्पादन में किया 10% इजाफा

ईरान ईरान युद्ध और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच तेल और गैस सप्लाई में आई बाधा के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी (रसोई गैस) की कोई कमी नहीं है और हाल के दिनों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर जो चिंताएं सामने आई थीं, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिए जाने के बाद एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कदम भी उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि देश की सभी तेल रिफाइनरियां फिलहाल 100 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि एलपीजी की आपूर्ति लगातार बनी रहे। इसके अलावा वितरण व्यवस्था पर निगरानी को और सख्त करने के लिए मॉनिटरिंग अवधि को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार ने जमाखोरी और काला बाजारी पर रोक लगाने के लिए Essential Commodities Act के प्रावधान लागू किए हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि Essential Services Maintenance Act (ESMA) लागू नहीं किया गया है। अफवाहों से बचने की अपील सरकार ने कहा कि कुछ समय के लिए बाजार में चिंता की स्थिति बनी थी, लेकिन अब आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की गई है, क्योंकि ऐसी अफवाहें अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ उद्योग संगठनों द्वारा व्यावसायिक एलपीजी की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन सरकार ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वैश्विक संकट के बीच भारत की तैयारी सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के बावजूद India ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई देशों से बेहतर स्थिति में है। ऊर्जा मंत्रालय और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए। सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और मांग को संभालने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। किसी प्रकार का संकट नहीं है।  

सब्जी उत्पादन से आरती की सालाना आय पहुँची 1.13 लाख

रायपुर सब्जी उत्पादन से आरती की सालाना आय पहुँची 1.13 लाख मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत भरतपुर के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुवांरी की निवासी  आरती सिंह ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। स्वयं सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का अवसर आरती सिंह मां महामाया स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया और इस राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन शुरू करने में किया। शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह प्रयास आज एक सफल आजीविका में बदल चुका है। विभिन्न सब्जियों की खेती से बढ़ी आय     आरती अपने खेत में गोभी, टमाटर, आलू, प्याज, बैंगन, लहसुन और मटर जैसी विभिन्न सब्जियों का उत्पादन करती हैं। इसके साथ ही वे गेहूं की खेती भी करती हैं। मौसम के अनुसार फसल परिवर्तन और मेहनत के कारण उनकी सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर रहती है, जिससे गांव के साथ-साथ आसपास के बाजारों में भी उनकी सब्जियों की अच्छी मांग बनी रहती है। आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा लगातार परिश्रम और खेती की बेहतर योजना के कारण आज सब्जी उत्पादन और कृषि से उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 13 हजार 10 रुपये तक पहुंच गई है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन में आत्मविश्वास व सम्मान भी बढ़ा है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी प्रयासरत हैं। अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा    आरती की यह सफलता कहानी केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता को देखकर कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं। इससे गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिल रही है।

बिहान से बदली ममता की जिंदगी सब्जी की खेती से ममता बनी आत्मनिर्भर

रायपुर महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिश्रम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और समाज में एक नई पहचान बना सकती हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की निवासी ममता विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ से मिली सहायता के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। ममता विश्वास एकता महिला स्वंय सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन के महत्व को समझा तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया। बिहान योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए ममता ने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की। आज ममता विश्वास सब्जी उत्पादन और बिक्री से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख से 3 लाख 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। ममता का कहना है कि ‘बिहान योजना और समूह से मिली सहायता ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।‘ आज ममता विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्व-रोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

विरासत अधिकार और शरीयत कानून पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, UCC पर संसद को दी सलाह

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर देश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। शरीयत कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में संसद को विचार करना चाहिए। कानूनी शून्य (Legal Vacuum) पैदा होने का खतरा चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि यदि अदालत सीधे शरीयत कानून को खत्म कर देती है, तो इससे एक 'कानूनी शून्य' पैदा हो जाएगा। पीठ के अनुसार, ऐसी स्थिति में मुस्लिम विरासत (Inheritance) को नियंत्रित करने के लिए कोई वैकल्पिक कानून मौजूद नहीं रहेगा। अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग को सकारात्मक बताते हुए इसे विधायिका (Legislature) के पाले में डाल दिया। हक और सुधारों के बीच संतुलन सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि सुधारों की प्रक्रिया में हमें यह ध्यान रखना होगा कि किसी समुदाय को उन अधिकारों से वंचित न कर दिया जाए जो उन्हें वर्तमान में मिल रहे हैं। वहीं, जस्तटिस बागची ने रेखांकित किया कि UCC लागू करने का अधिकार संसद के विवेक पर निर्भर है। उन्होंने कहा… "एक पुरुष के लिए एक पत्नी का नियम फिलहाल सभी समुदायों पर समान रूप से लागू नहीं है। इसका अर्थ यह नहीं कि कोर्ट सभी दूसरी शादियों को असंवैधानिक घोषित कर दे। हमें नीति निदेशक सिद्धांतों (Directive प्रिंसिपल्स) को प्रभावी बनाने के लिए विधायी शक्ति पर निर्भर रहना होगा।"  

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा पर गर्व करते हुए आगे बढ़ें : मंत्री परमार

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम 2026 का किया शुभारंभ भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत देश कभी गरीब नहीं था, बल्कि एक समृद्ध देश था। भारत को सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था। भारत का ज्ञान सर्वश्रेष्ठ था और यहां का किसान आत्मविश्वासी और सामर्थ्यवान था। भारत का समाज, शिक्षित समाज था। भारत की संस्कृति और परंपराएं मजबूत थी। वैज्ञानिक भारतीय समाज की विशेषता थी। भारत की इसी समृद्धि के कारण ही विदेशी लुटेरे, मुगल और अंग्रेज भारत आए तथा समृद्ध भारत को हर स्तर पर लूटने का प्रयास किया। संस्कृति, परंपराओं,वेदों , शिक्षा केंद्रों, खेल परिसरों आदि को नष्ट करने के कार्य के साथ भारतीय समाज के अशिक्षित होने, रूढ़िवादी होने, अंधविश्वासी होने का दुष्प्रचार भी किया। अब समय आ गया है जब हम भारत के महानतम ज्ञान एवं भारतीय समाज के बारे में भ्रांतियां को दूर करने के सशक्त उपाय करते हुए देश की स्वतंत्रता की 100वी वर्षगांठ वर्ष-2047 तक भारत को, विकसित भारत के महानतम लक्ष्य के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के वैशिष्ट्य को पूरी क्षमता से मनाए। मंत्री परमार ने कहा भारतीय समाज की अवधारणा को समझने और पुनः स्मरण करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एक उपयुक्त अवसर है कि जब हम वैज्ञानिक शोध करें और यदि हमें सामाजिक मान्यताओं में रूढ़िवाद, अंध विश्वास दिखे, तो हमें छोड़ना पड़ेगा। हम युगानुकल परिवर्तन के पक्षधर हैं। मंत्री परमार नेसोमवार को महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। इसके पहले मंत्री परमार ने एविएशन विंग का भ्रमण कर गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। मंत्री  परमार ने उड़ान अकादमी के अधिकारियों से विचार विमर्श कर कार्यक्रम के प्रगति की जानकारी भी ली। कार्यक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत सरकार, नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस. पी. गौतम एवं अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार कुडरिया, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ आर पी सिंह, पूर्व कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा, पूर्व कुलगुरु प्रो कपिल देव मिश्रा सहित शिक्षकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश पुलिस की डीजीपी इलेवन ने रचा इतिहास, चारों प्रमुख क्रिकेट टूर्नामेंट जीते

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की डीजीपी इलेवन क्रिकेट टीम ने वर्तमान खेल सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चार प्रमुख क्रिकेट प्रतियोगिताओं में विजेता बनकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस अवसर पर डीजीपी इलेवन टीम के खिलाड़ियों ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर डीजीपी  मकवाणा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके अनुशासन, टीम भावना और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं, जो संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि डीजीपी इलेवन टीम ने इस सत्र में आयोजित चार प्रमुख क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए सभी में विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। टीम ने हमीदिया कप टी-10 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में गिल्ट फ्री टीम को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। इस मैच में डीजीपी इलेवन की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विशाल भदौरिया को मैन ऑफ द फाइनल चुना गया। इसी प्रकार टीम ने 5वीं स्व.  हुकुम सिंह ठाकुर स्मृति डिपार्टमेंटल क्रिकेट प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम कमिश्नर एकादश को पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। इस मुकाबले में अरुण सिंह ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट प्राप्त किए और उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त महेश्वर खेल-कूद शिक्षण एवं सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित 18वीं चैलेंजर ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता के विभागीय फाइनल में डीजीपी इलेवन ने जिला पुलिस बल भोपाल को 121 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। नेहरू नगर पुलिस लाइन, भोपाल में खेले गए इस मुकाबले में डीजीपी इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 218 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिला पुलिस बल भोपाल की टीम डीजीपी इलेवन की सधी हुई गेंदबाजी के सामने 97 रन पर सिमट गई। डीजीपी इलेवन की ओर से राहुल रावत ने 4 विकेट, नरेंद्र रैकवार ने 3 विकेट तथा अरुण ने 1 विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिशांत खरे को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। टीम ने इसी सत्र में आयोजित 31वें इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया, जिसमें डीजीपी इलेवन की ओर से अंकुश सराठे ने 4 विकेट लेकर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीजीपी इलेवन की इस उपलब्धि ने यह भी प्रदर्शित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस में खेल गतिविधियाँ केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, शारीरिक फिटनेस, टीम भावना और सकारात्मक कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खिलाड़ियों का उत्साहपूर्ण एवं अनुशासित प्रदर्शन पुलिस बल में स्वस्थ कार्यसंस्कृति, आपसी सहयोग और कल्याण की भावना को भी सशक्त करता है।  

ट्रेड डील पर सियासी संग्राम: AAP और कांग्रेस साथ आए, सदन में कड़ा प्रस्ताव पास

चंडीगढ़ अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव को लेकर आम आदमी पार्टी का साथ कांग्रेस और शिअद ने भी दिया है। पंजाब विधानसभा में मंगलवार को अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव को आप के साथ-साथ कांग्रेस, शिअद व बसपा के विधायकों का भी समर्थन मिला। सीएम भगवंत मान, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत सभी मंत्रियों और विधायकों ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और पीएम को निशाने पर लेते हुए इस व्यापारिक समझौते में पंजाब के किसान और किसानी के हितों व अधिकारों को सुरक्षित रखने की अपील की।   कई विधायकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र ने अमेरिका के दबाव में घुटने टेके तो एक और बड़ा किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने सदन के समक्ष भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते से पंजाब की खेतीबाड़ी के साथ धोखा संबंधी निंदा प्रस्ताव रखा। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस पर चर्चा की अनुमति दे दी। इस दौरान आप समेत सभी दलों के विधायकों ने इस ट्रेड डील का असर पंजाब की खेतीबाड़ी पर कैसे पड़ सकता है, उस पर अपने विचार व्यक्त किए। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री ने कहा केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करे कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से पंजाब समेत देशभर के सभी किसानों के हित व बीज इस्तेमाल करने के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। कांग्रेसी विधायक परगट सिंह ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौता हो जाता है और हमें इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया से मालूम चलती है। यह ट्रेड डील नहीं एक तरह से सरेंडर है। विधायकों, मंत्रियों ने की केंद्र की घेराबंदी नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अपने कारोबारी मित्रों को बचाने और एपस्टीन फाइल के खुलासे के डर से केंद्र ने न चाहते हुए भी यह व्यापारिक समझौता किया है। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अमेरिका हमें व्यापारिक तरीके से अपना गुलाम बनाना चाहता है और केंद्र चुप है। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि अमेरिका की शर्तों पर तैयार इस डील को स्वीकार करना उसके सामने घुटने टेकने जैसा है। सरदूलगढ़ से विधायक गुरप्रीत सिंह बनावली ने कहा, इस डील से मंडियां खत्म हो जाएंगी और किसान व आढ़ती बर्बाद हो जाएंगे। बटाला से विधायक शैरी कलसी ने कहा कि इस व्यापारिक समझौते को न तो किसान बर्दाश्त करेंगे और न ही मजदूर और व्यापारी। क्या बोले विधायक? फाजिल्का से विधायक नरिंदरपाल सिंह ने कहा कि इस डील की आड़ में अमेरिका यहां भारत में अपना बड़ा व्यापार खोलना चाहती है। जलालाबाद से विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि यह समझौता डेयरी सेक्टर को बहुत ज्यादा नुकसान करेगा। रूपनगर के विधायक दिवेश कुमार चड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान से सीजफायर हो गया, इस एलान के बाद अब हमें यह बात भी अमेरिका से ही मालूम चली कि भारत के साथ उनका व्यापारिक समझौता भी हो गया है। यह केंद्र पर कैसा दबाव है। अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि हम पंजाब में समझौता लागू नहीं होने देंगे, भले ही बलिदान देना पड़े। कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत ने कहा, यह समझौता कॉरपोरेट फ्रेंडली है और किसानों के खिलाफ। मंत्री लालजीत भुल्लर और नकोदर से विधायक इंदरजीत कौर मान ने कहा कि किसानों को बचाने के लिए आप संघर्ष करेगी।

ट्रंप पर भड़का ईरान, दी सीधी चेतावनी: सावधान रहें, अंजाम खुद भुगतना पड़ सकता है

ईरान ईरान और अमेरिका के बीच जंग जारी है। गोला-बारूद के अलावा अब जुबानी हमले भी तेज हो गए हैं। बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि ट्रंप को अलर्ट रहना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि वह खुद ही खत्म हो जाएं। गौरतलब है कि यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों पर हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से कहा गया है कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस्लामी गणराज्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो लड़ाई और तेज हो सकती है। ट्रंप ने मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में रिपब्लिकन सांसदों से कहा कि हम कुछ शैतानी ताकतों को खत्म करने के इरादे से कुछ समय के लिए पश्चिम एशिया में थे और मुझे उम्मीद है कि यह सब जल्द खत्म हो जाएगा। इस बयान के कुछ घंटे बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव 'कड़वा' रहा है और अब उसके साथ नए सिरे से कूटनीतिक वार्ता की संभावना नहीं है। अराघची ने पीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका पर बार-बार विश्वासघात और सैन्य आक्रामकता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अमेरिकियों से बातचीत या उनके साथ बातचीत करने का सवाल अब एजेंडे में होगा। हमारे लिए यह अनुभव बहुत कड़वा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पिछले वर्ष जून में अमेरिका के साथ अच्छे इरादे से बातचीत शुरू की थी, लेकिन बातचीत के दौरान ही उस पर हमला कर दिया गया। अराघची के अनुसार इस वर्ष भी अमेरिका ने यह भरोसा दिलाया था कि वह हमला नहीं करेगा और ईरान के परमाणु मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। विदेश मंत्री ने कहा कि तीन दौर की बातचीत में प्रगति के बावजूद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वार्ता दल ने भी प्रगति को स्वीकार किया था, लेकिन इसके बावजूद हमला किया गया। अराघची ने फारस की खाड़ी के देशों को संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले आत्मरक्षा के अधिकार के तहत किये गये हैं। उन्होंने कहा कि यदि अन्य देश अपनी सुविधाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठा सकते हैं तो ईरान को भी अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध ईरान ने नहीं चुना बल्कि उस पर थोपा गया है और देश केवल अपनी रक्षा कर रहा है। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान जरूरत पड़ने तक मिसाइल हमले जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों के साथ संबंधों को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि ईरानी जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।