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इको पर्यटन क्षेत्र गिदली घुघरा में अनुभूति कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रकृति से सीखा जीवन का पाठ

भोपाल
मध्यप्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड एवं मध्यप्रदेश वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में पश्चिम (सामा.) वनमंडल मंडला अंतर्गत वन परिक्षेत्र बम्हनी के इको-पर्यटन क्षेत्र गिदली घुघरा में अनुभूति कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसकी थीम "मैं भी बाघ", "हम हैं बदलाव" और "हम हैं धरती के दूत" रही। वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिये शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति, वन एवं जैव विविधता के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना रहा। कार्यक्रम में शासकीय सांदीपनि विद्यालय चिरईडोंगरी के कुल 135 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मास्टर ट्रेनर श्री सी.एम. शर्मा, प्रशिक्षु आईएफएस श्री आकाश साहू तथा वन परिक्षेत्र बम्हनी का समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा।

कार्यक्रम के दौरान प्रकृति पथ भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को वन क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न वृक्षों, वनस्पतियों एवं औषधीय महत्व की जड़ी-बूटियों की पहचान कराई गई तथा उनके उपयोग और महत्व की जानकारी भी दी गई। इसके साथ वनक्षेत्र में विचरण करने वाले वन्य-जीवों जैसे बाघ, तेंदुआ, सांभर और चीतल के अप्रत्यक्ष साक्ष्यों के माध्यम से वन्य-प्राणियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। विद्यार्थियों को मृदा अपरदन एवं मृदा संरक्षण, वन्य-जीवों और उनके प्राकृतिक पर्यावास के पारस्परिक सह-सम्बन्ध, वनों की पारिस्थितिकीय भूमिका एवं वनों में पाए जाने वाले लघु वनोपज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों ने प्रत्यक्ष रूप से प्रकृति को देखकर सीखने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया।

कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाने के लिये पर्यावरण आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री आशुतोष महादेव ठाकुर और प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर श्री संस्कार बावरिया उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिये प्रोत्साहित किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत डुंगरिया सरपंच श्री धूपसिंह मरकाम और अध्यक्ष वन सुरक्षा समिति झाँगुल श्री श्याम उइके भी उपस्थित रहे।

 

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