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भारत–अफगानिस्तान स्वास्थ्य सहयोग को मिलेगी नई दिशा, दिल्ली में होगी उच्चस्तरीय बैठक

नई दिल्ली
अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री मौलवी नूर जलाल जलाली मंगलवार को भारत पहुंचे। यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए चर्चा करना है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री की भारत यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के पब्लिक हेल्थ मंत्री मौलवी नूर जलाल जलाली का भारत की पहली आधिकारिक यात्रा पर हार्दिक स्वागत है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा अफगानिस्तान के हेल्थकेयर सिस्टम के लिए भारत के लगातार समर्थन को दिखाती है, और हम उपयोगी बातचीत की उम्मीद करते हैं।

भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे में योगदान दिया है, जो अफगान लोगों के प्रति उसके अटूट समर्थन की पुष्टि करता है। इस महीने की शुरुआत में भारत ने काबुल को इन्फ्लूएंजा और मेनिन्जाइटिस के टीकों की 63,734 खुराकें भेजीं। 28 नवंबर, भारत ने अफगानिस्तान को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए 73 टन जीवन रक्षक दवाएं, टीके और आवश्यक पूरक सामग्री भेजीं। विदेश मंत्रालय ने 'एक्स' पोस्ट कर कहा, "अफगानिस्तान के स्वास्थ्य सेवा प्रयासों को बढ़ावा देते हुए भारत ने तत्काल चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए काबुल को 73 टन जीवन रक्षक दवाएं, टीके और आवश्यक पूरक सामग्री भेजी हैं। अफगान जनता के प्रति भारत का अटूट समर्थन जारी है।"

अफगानिस्तान से भारत की यह तीसरी मंत्रिस्तरीय यात्रा है। अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी 20 नवंबर को नई दिल्ली आए थे और उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापार, संपर्क और जन-संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने अफगानिस्तान के लोगों के विकास और कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

इसे लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था, "नई दिल्ली में अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी से मुलाकात करके मुझे खुशी हुई। हमने अपने व्यापार, संपर्क और जन-संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हमने अफगानिस्तान के लोगों के विकास और कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।"

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