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24 वैकल्पिक शालाओं से लगभग 800 बच्चों को जोड़ने की पहल

रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले व्यक्तियों और उनके परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान रही है। इसी दिशा में कोण्डागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र के ग्राम चांगेर निवासी  चीतुराम शोरी के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। कभी हिंसा के रास्ते पर चले गए चीतुराम ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आज शासन की पुनर्वास नीति और विशेष परियोजना के तहत मिले पक्के आवास ने उनके परिवार को एक सुरक्षित आशियाना प्रदान किया है।

पुनर्वास से मिली नई राह, परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना

चीतुराम शोरी पूर्व में हिंसा के रास्ते पर चले गए थे, लेकिन उन्होंने माओवाद के हिंसात्मक मार्ग को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। उनके इस निर्णय के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया के तहत शासन की योजनाओं से उन्हें लाभान्वित किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना आवास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का मकान स्वीकृत किया गया। योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने निर्धारित समय में अपने पक्के मकान का निर्माण पूरा किया। अब वे अपने परिवार के साथ इसी मकान में रह रहे हैं। पक्के घर की उपलब्धता से उनके परिवार को सुरक्षित आवास मिला है और भविष्य के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है।

आत्मसमर्पित परिवारों के जीवन में बदलाव की पहल

 छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव की पुनर्वास नीति केवल हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का अवसर ही नहीं देती, बल्कि आत्मसमर्पित व्यक्तियों और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने का भी प्रयास करती है। आवास सहित कई बुनियादी सुविधाएं एवं शासन की योजनाओं का लाभ मिलने से ऐसे परिवारों को स्थायित्व मिला है और वे अपने बच्चों के भविष्य, परिवार की जरूरतों तथा आजीविका के अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। 

परिवार को मिला सुरक्षित और स्थायी आशियाना

 माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की पहुंच सुनिश्चित करने और समाज की मुख्यधारा से दूर हुए परिवारों को जोड़ने के लिए पुनर्वास के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना महत्वपूर्ण है।  चीतुराम को मिला पक्का आवास इसी प्रयास का बेहतर उदाहरण है, जहां शासकीय सहायता ने उनके परिवार को सुरक्षित रहने की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई है। आज वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पक्का मकान उनके लिए केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि नए जीवन की स्वर्णिम शुरुआत और बेहतर भविष्य की उम्मीद का आधार भी है। इस सकारात्मक बदलाव के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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