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विद्यार्थियों से प्रेरणा संवाद, संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने बताए सफलता के मंत्र

समय के सदुपयोग एवं आत्म अनुशासन से आसान होती है जीवन की राह

संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने विद्यार्थियों से किया प्रेरणा संवाद

शहडोल
 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शहडोल में आयोजित प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने विद्यार्थियों को समय के सदुपयोग, निरंतर प्रयास, कड़ी मेहनत, आत्म अनुशासन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच का महत्व बताते हुए जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया।

यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जिसे कभी न कभी समस्याओं का सामना न करना पड़ा हो। समस्या आने पर उसके आकार को समझते हुए उससे कई गुना बड़े प्रयास के साथ समाधान के लिए तब तक प्रयास करते रहना चाहिए, जब तक समस्या का निराकरण न हो जाए। जो व्यक्ति समस्याओं के सामने डटे रहते हैं, वे सफल होते हैं, जबकि समस्या का आकार देखकर पीछे हटने वाले व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं।

उन्होंने कहा कि समय की चाल को कोई रोक नहीं पाया है, इसलिए समय की कद्र करना सीखना चाहिए। सही समय पर प्रयास नहीं करने से जीवन में कठिनाइयां बढ़ती हैं और बाद में पछताने से कोई लाभ नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कितनी भी बार असफलता मिले, हार नहीं माननी चाहिए। सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन निरंतर प्रयास से एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने “लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” कविता विद्यार्थियों के साथ गाकर उन्हें प्रेरित किया।

संभागीय उपायुक्त ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का महत्व बताते हुए कहा कि आज का काम कल पर टालने से कार्यों का बोझ बढ़ता जाता है। इसलिए प्रतिदिन का कार्य प्रतिदिन पूरा करने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में आत्म अनुशासन का बहुत महत्व है। आत्म अनुशासन के बिना जीवन बिना मांझी की पतवार के समान है। विद्यार्थियों को दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं से प्रतियोगिता कर निरंतर अपने को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

यादव ने कहा कि माता-पिता लगभग सभी के अच्छे होते हैं, लेकिन बच्चों का अच्छा बनना भी उतना ही आवश्यक है। माता-पिता के त्याग का प्रतिफल बच्चों की सफलता पर निर्भर करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता को खुश होने का अवसर देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि सभी को नौकरी मिले, लेकिन सकारात्मक प्रयास और मेहनत जारी रखने पर जीवन में कोई न कोई कार्य अवश्य मिलेगा। जीवन में निराश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हौसला बनाए रखने की जरूरत है।

उन्होंने प्रेरणा संवाद के दौरान उपस्थित शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखें। कमजोर विद्यार्थियों के प्रति सद्भाव रखते हुए उनका हौसला बढ़ाएं और उन्हें निरंतर प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बहुत पीछे रहने वाला बच्चा भी जीवन में बहुत बड़ी मंजिल हासिल कर लेता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। प्रेरणा संवाद से उत्साहित विद्यार्थियों ने इसे हौसला बढ़ाने वाला कार्यक्रम बताते हुए कहा कि वे आगे बढ़कर अपने जीवन को सफल बनाने का निरंतर प्रयास करेंगे।

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