samacharsecretary.com

केआईटीजी 2026: मिडफील्ड की कमान से लेकर गोलकीपिंग के शानदार प्रदर्शन तक

केआईटीजी 2026: मिडफील्ड की कमान से लेकर गोलकीपिंग के कमाल तक 

कप्तान किरण ने छत्तीसगढ़ को फुटबॉल फाइनल में पहुंचाया

मेजबान महिलाएँ हॉकी में कांस्य के लिए भिड़ेंगीं

रायपुर
 कप्तान किरण पिस्दा की शानदार दोहरी भूमिका से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है, जबकि राज्य की महिला हॉकी टीम ने भी कांस्य पदक मुकाबले में पहुंचकर अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं। भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण ने मंगलवार को स्वामी विवेकानंद कोटा स्टेडियम में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच की स्टार रहीं। उनके हरफनमौला खेल की बदौलत छत्तीसगढ़ ने निर्धारित समय के बाद 2-2 की बराबरी रहने पर पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से रोमांचक जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में अब तक करीब 20 गोल कर चुकीं किरण ने एक बार फिर आक्रामक भूमिका निभाते हुए 18वें मिनट में गोल कर मेजबान टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई। 

             हालांकि अरुणाचल प्रदेश ने 41वें और 86वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया और मैच को शूटआउट में पहुंचा दिया। इसके बाद किरण ने साहसिक फैसला लेते हुए नियमित गोलकीपर योगिता की जगह खुद दस्ताने पहनकर गोलपोस्ट संभालने का निर्णय लिया। उनका यह निर्णय कप्तानी की मिसाल बन गया, जब उन्होंने दो शानदार बचाव किए और खुद एक पेनल्टी भी सफलतापूर्वक गोल में बदली, जिससे टीम को फाइनल का टिकट मिला। अंतिम पेनल्टी के गोल के साथ ही मेजबान टीम ने मैदान पर जश्न मनाना शुरू कर दिया।

            अपने प्रदर्शन पर किरण ने साई मीडिया से कहा, “मैं अपनी टीम को हर हाल में फाइनल में पहुंचाना चाहती थी। मुझे गोलकीपर के रूप में अच्छा करने का भरोसा था। मैंने पहले भी अपनी राज्य टीम के लिए यह भूमिका निभाई है। मेरी मेहनत सफल रही और हम फाइनल में हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।” अब फाइनल में छत्तीसगढ़ का सामना झारखंड और गुजरात के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। उल्लेखनीय है कि ग्रुप चरण में मेजबान टीम गुजरात को 2-1 से हरा चुकी है, जिसमें किरण ने भी एक गोल किया था।

           वहीं, इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में चल रही प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला हॉकी टीम 1 अप्रैल को पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में उतरेगी। सेमीफाइनल में मेजबान टीम को ओडिशा से 1-5 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब कप्तान कुजूर अश्विन के मार्गदर्शन में टीम पदक जीतने के लिए तैयार है। हॉकी का फाइनल भी 1 अप्रैल को झारखंड और ओडिशा के बीच खेला जाएगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here