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लोहड़ी 2026: इन वास्तु उपायों से दूर होंगी नकारात्मकता, घर में बनेगा सुख-शांति का माहौल

उत्तर भारत में विशेष रूप से मनाया जाने वाला पर्व लोहड़ी हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। वर्ष 2026 में लोहड़ी 13 जनवरी को मनाई जाएगी। यह पर्व नई फसल, ऋतु परिवर्तन और सूर्य देव की उपासना से जुड़ा हुआ है। लोहड़ी के दिन अग्नि पूजा, दान और वास्तु उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बढ़ती है।

घर की सफाई और शुद्धिकरण है पहला और सबसे जरूरी कदम
वास्तु शास्त्र के अनुसार लोहड़ी के दिन घर की पूरी सफाई करना अत्यंत शुभ माना गया है। स्वच्छ और व्यवस्थित घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है। वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि इस दिन घर में गंगाजल और गुलाब जल मिलाकर छिड़काव करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण शुद्ध बनता है। विशेष रूप से मुख्य द्वार, पूजा स्थल और उत्तर-पूर्व दिशा पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्य द्वार पर करें ये शुभ उपाय, खुलेगा सौभाग्य का द्वार
वास्तु शास्त्र में घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। लोहड़ी के दिन मुख्य दरवाजे पर सात गुलाब की अगरबत्तियां जलाना शुभ होता है। इसके साथ ही दरवाजे के ऊपर स्वास्तिक का चिन्ह लगाना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है।

स्वास्तिक यदि तांबे या पीतल से बना हो तो और भी शुभ फल देता है। वैकल्पिक रूप से इसे नागकेसर, शहद और रोली के मिश्रण से भी बनाया जा सकता है। यह उपाय घर में सौभाग्य, शांति और आर्थिक स्थिरता बढ़ाता है।

पानी के स्रोत से जुड़ा है धन और तरक्की का योग
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा को धन, ज्ञान और सकारात्मकता की दिशा माना जाता है। इस दिशा में फव्वारा, एक्वेरियम या पानी से भरा कलश रखना अत्यंत शुभ होता है। इसके साथ ही चांदी के कलश में चावल भरकर रखना भी धन वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।

शुभ सामग्री से बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति
लोहड़ी के दिन घर में मिश्री वाला धागा या थोड़ी मात्रा में मिश्री रखना शुभ फल देता है। इसके अलावा फूलों वाले पौधे घर में लगाने से न केवल घर की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है। खासतौर पर उत्तर या पूर्व दिशा में पौधे लगाना लाभकारी माना गया है।

पश्चिम दिशा के उपाय से बनेगा पारिवारिक संतुलन
वास्तु शास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा पारिवारिक स्थिरता और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी होती है। इस दिशा में परिवार की फोटो या किसी सुंदर प्राकृतिक अथवा ग्रामीण दृश्य की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है। बच्चों के अध्ययन क्षेत्र को इस दिशा में साफ और व्यवस्थित रखना उनकी एकाग्रता बढ़ाता है।

मंदिर और पूजा स्थल पर विशेष ध्यान दें
लोहड़ी के दिन घर के मंदिर और पूजा स्थल की सफाई करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। यदि संभव हो तो दक्षिण दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके साथ ही दक्षिण दिशा में लाल रंग का प्रकाश या लाल पर्दों का प्रयोग करने से नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है।

अन्य महत्वपूर्ण वास्तु उपाय
उत्तर दिशा में स्थित पानी के स्रोत की सफाई करें
वहां तुलसी या बैंबू का पौधा लगाएं
घर में टूटी-फूटी वस्तुएं न रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार लोहड़ी के दिन किए गए ये सरल उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली को बढ़ाते हैं। यह पर्व केवल परंपराओं से जुड़ा नहीं, बल्कि नई शुरुआत और शुभ अवसरों का प्रतीक भी माना जाता है।

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