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मध्य प्रदेश पराली जलाने में देश में पहले स्थान पर, किसानों की जागरूकता प्रयास विफल

ग्वालियर
 पराली जलाने के मामले में मध्य प्रदेश लगातार दूसरी बार पहले नंबर पर रहा है। यही स्थिति अंचल के श्योपुर जिले की है, यह जिला भी लगातार दूसरी बार देश में अव्वल रहा है। लेकिन इस बार अधिक पराली जलाने वाले जिलों की टॉप टेन सूची में प्रदेश के आठ जिले हैं।

जबकि पिछले साल चार ही जिले थे और 2023 में दो जिले व 2022 में एक भी जिला नहीं था। यानि पिछले तीन साल से प्रदेश में रोक के बाद भी किसान अधिक पराली जला रहे हैं। ग्वालियर जहां टॉप टेन सूची में कभी नहीं आता था और पूरी देश की सूची में काफी नीचे रहता था। तीसरे स्थान पर आया है।

बता दें कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की संस्था कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रोकोसिस्टम मॉनीटरिंग 15 सितंबर से 30 नवंबर तक पराली जलाने की घटनाओं की सैटेलाइट से निगरानी करता है। इस बार प्रदेशों की बात करें तो मध्य प्रदेश 17067 घटनाओं के साथ पहले नंबर, 7290 घटनाओं के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे, 5114 घटनाओं के साथ पंजाब तीसरे नंबर पर व 2890 घटनाओं के साथ राजस्थान चौथे नंबर पर रहा।

जबकि इस साल जिलों में 2643 घटनाओं के साथ श्योपुर पहले, 1973 घटनाओं के साथ जबलपुर दूसरे, 1930 घटनाओं के साथ ग्वालियर तीसरे, 1797 घटनाओं के साथ दतिया चौथे, 1580 घटनाओं के साथ होशंगाबाद पांचवें, 1142 घटनाओं के साथ सिवनी छठे, 1054 घटनाओं के साथ सतना आठवें व 719 घटनाओं के साथ रायसेन 10वें नंबर पर रहे।

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