samacharsecretary.com

मिडनाइट मैसेज के बाद IAS ट्रांसफर में बड़ा फेरबदल, मनीष सिंह और वर्णवाल की बढ़ी शक्ति, CM गंभीर

भोपाल 

मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए। इसमें 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परफॉर्मेंस और 2026 के रोडमैप को ध्यान में रखते हुए ये फैसले लिए। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से प्रमुख सचिव  संदीप सिंह और मंत्री राजेंद्र शुक्ला के बीच तालमेल ठीक नहीं बैठ रहा था, यही वजह है कि संदीप सिंह को ट्रांसफर किया गया। अब स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को दी गई है। संदीप सिंह को वन विभाग को प्रुख सचिव बनाया गया है।  

वहीं, जनसंपर्क विभाग के कामकाज से भी मुख्यमंत्री नाखुश थे। यहीं वजह है कि वर्तमान जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना को अब आबकारी आयुक्त बनाया गया है। वहीं, मनीष सिंह को फिर से जनसंपर्क आयुक्त नियुक्त किया गया है और उनके पास परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वहीं, आबकारी आयुक्त को लंबे समय से बदलने की अटकलें चल रही थी। अब करीब दो साल तक आबकारी आयुक्त रहे अभिजीत अग्रवाल अब प्रबंध संचालक, राज्य सहकारी विपणन संघ बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त बनाया गया है।   वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को कृषि वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसमें सरकार किसानों की आय बढ़ाने से लेकर उत्पादकता की आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। बताया जा रहा है कि कृषि विभाग के डायरेक्टर अजय सिंह के अब तक के कामकाज मुख्यमंत्री की उम्मीदों के अनुसार नहीं रहा। अब उनको हटा कर जबलपुर विद्युत कंपनी में प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। 

ट्रांसफर आदेश के अनुसार 2011 बैच के IAS उमाशंकर भार्गव को राजभवन से किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग का संचालक बनाया गया। जिला स्तर पर कई CEO और मुख्य कार्यपालन अधिकारी बदले गए। इनमें भिंड जिला पंचायत के CEO सुनील दुबे को राज्यपाल का उप सचिव बनाया गया।, संघमित्रा गौतम को आलीराजपुर जिला पंचायत CEO, नंदा भलावे कुशरे को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में अपर परियोजना संचालक और कमल सोलंकी को राससेन जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है।  

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here