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अमेरिका का बड़ा कदम: USS त्रिपोली पहुंचा मिडिल ईस्ट, क्या जंग की आहट तेज?

ईरान
ईरान युद्ध का आज 21वां दिन है। एक तरफ इजरायली और अमेरिकी सेना ईरान पर मिसाइलें और बंकर बस्टर बम गिरा रहीं हैं, वहीं ईरान भी इजरायल और अमेरिका को कड़ा जवाब दे रहा है। ईरान ने एक दिन पहले ही इजरायल की हाइफा रिफायनरी पर बड़ा हमला किया है और अमेरिकी फाइटर जेट F-35 को भी मिसाइल से निशाना बनाया है। 20 दिनों की जंग में अब तक अमेरिका के तीन F-35 फाइटर जेट और 6 KC ट्रैंकर नष्ट हो चुके हैं। इस बीच, अमेरिका ने ईरान युद्ध के खात्मे की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में तीन युद्धपोत भेजे हैं। इनमें उभयचर युद्धपोत ‘USS Tripoli' और USS Boxer भी शामिल है।

इस तरह अमेरिका 4000 नए सैनिकों की तैनाती खाड़ी देशों के करीब करने जा रहा है, जो ईरान से जंग लड़ेंगे। अमेरिका जिन युद्धपोतों को मिडिल-ईस्ट में भेज रहा है, वे आधुनिक मिसाइलों से लैस हैं। इनके अलावा उन पर F-35 फाइटर जेट भी तैनात हैं। माना जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास बढ़े तनाव को कम करने और उसे ईरानी कब्जे से उसे मुक्त कराने के लिए अमेरिका ने ये कदम बढ़ाया है। सैटेलाइट तस्वीरों में USS Tripoli को दक्षिण चीन सागर से गुजरते हुए देखा गया है। उसके साथ दो एस्कॉर्ट शिप भी देखे गए हैं। इस युद्धपोत के 22-23 मार्च के आस-पास युद्ध क्षेत्र में प्रवेश करने की उम्मीद है।

क्या है USS त्रिपोली?
यूएसएस त्रिपोली (USS Tripoli – LHA-7) अमेरिका-श्रेणी का दूसरा उभयचर हमलावर जहाज है, जिसे विशेष रूप से हवाई हमलों और मरीन सैनिकों को तैनात करने के लिए विकसित किया गया है। यह करीब 2500 सैनिक ले जाने में सक्षम है। फिलहाल इस पर 2000 नौसैनिक तैनात हैं। USS Tripoli की लंबाई करीब 844 फीट और वजन 45,000–50,000 टन के बीच है। इस पर F-35B लाइटनिंग II जैसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट, MV-22 Osprey (ऑस्प्)रे और विभिन्न प्रकार के अटैक हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं। इसका मुख्य काम समुद्री मार्गों की सुरक्षा करना और जरूरत पड़ने पर जमीनी हमले के लिए सैनिकों को तैयार रखना है। इसमें लैंडिंग क्राफ़्ट के लिए "वेल डेक" नहीं है। इस डिज़ाइन की वजह से इसमें एक बड़ा हैंगर, ज़्यादा एविएशन फ़्यूल और विमानों के रखरखाव के लिए अधिक जगह मिल पाती है।

अपने साथ MEU जवान ले जा रहा
USS Tripoli अपने साथ 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट (MEU) के जवानों को ले जा रहा है। यह एक रैपिड-रिस्पॉन्स फ़ोर्स है जिसमें जापान के ओकिनावा में तैनात लगभग 2,200 मरीन और नौसेना के नाविक शामिल हैं। MEU में जमीनी और हवाई, दोनों तरह की लड़ाकू इकाइयाँ शामिल हैं। Fox News की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन USS Tripoli ARG को 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट (MEU) के साथ तैनात कर रहा है, जो उसके अपने स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है।

ईरान के लिए सख्त संदेश
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय पश्चिम एशिया में 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। तीनों युद्धपोत खासकर USS त्रिपोली के आने से इस क्षेत्र में पहले से मौजूद अमेरिकी सेना की बड़ी टुकड़ी और बड़ी हो जाएगी और ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ने वाला है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में अमेरिका तेजी से जवाब देने की तैयारी कर रहा है क्योंकि हॉर्मुज़ जैसे अहम तेल मार्ग को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है। अमेरिका का हालिया कदम ईरान को सख्त संदेश भी माना जा रहा है। ऐसे में US ने तीन नए युद्धपोतों को भेजकर साफ संकेत दिए हैं कि वह ईरान के खिलाफ हर तरह के ऑप्शन (हवाई, समुद्री और जमीन पर) तैयार रखना चाहता है।

 

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