samacharsecretary.com

मंडला का नया कदम: शराब पीने पर भारी जुर्माना, शिकायतकर्ता को मिलेगा इनाम; नशा मुक्ति अभियान को मिली नई ताकत

मंडला

मंडला जिले में नशा मुक्ति अभियान (Nasha Mukti Abhiyan) अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। मोहगांव के ग्राम पंचायत कौआडोंगरी के पोषक ग्राम सकरी एवं खैरी रैयत में ग्रामीणों ने एकजुट होकर संपूर्ण ग्राम को नशा मुक्त बनाने की ठानी है। गांव में ग्रामवासियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव में शराब बनाने व पीने वालों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। शराब बनाने या पीने वालों की जानकारी देने वाले को 5 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में रैली भी निकाली।

महिलाओं की दिखी अधिक भागीदारी

ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा। इस दौरान महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी करते हुए स्पष्ट कहा कि नशे से परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए अब गांव में किसी भी कीमत पर शराब नहीं बनने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।

कहीं तोड़ रहे शराब भट्टी तो कहीं लगा रहे जुर्माना

ग्राम पंचायत सिंहपुर, नैनपुर, बीजाडांडी क्षेत्र के कई गांवों में भी इसी प्रकार ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक कर शराबबंदी का निर्णय लिया है। कुछ गांवों में तो महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए शराब की भट्टियों को तोड़कर नष्ट किया था। वहीं कई पंचायतों में यह नियम बनाया गया है कि अगर कोई शराब बेचते या बनाते पाया गया तो उस पर सामूहिक जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि नशा ही गरीबी, घरेलू हिंसा और बीमारियों की जड़ है। यदि इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए तो गांवों का विकास तेजी से हो सकता है। नशा मुक्ति के इस सामूहिक प्रयास से अब जिले के कई गांव आदर्श ग्राम की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शराबबंदी होने से जहां खुशहाली आएगी वहीं यहां बच्चे शिक्षा की ओर आगे बढ़ेंगे। 

शराब न बेचने को लेकर समाज से ली सहमति

जिला मुख्यालय से 15-20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम लफरा में विगत लंबे समय से कच्ची पक्की शराब बड़े पैमाने पर बेची जा रही थी। जिससे ग्रामीण महिलाओं ने विरोध शुरु किया तो समाज के लोग भी समर्थन में कर रहे हैं। गांव के नंदा समाज और केवट समाज ने अपनी सहमति से शराब न बेचने का निर्णय लिया है। यहां क्षेत्रीय जनपद सदस्य जानकी पुष्पकार, सरपंच विमला मरावी के साथ ही उपसरपंच, वाडाँ पंच भी शराब बंदी का समर्थन करते हुए समय समय पर जागरूकता रैली व पुलिस के सहयोग से कार्रवाई भी करा रहे हैं।

मोहगांव के ग्राम कुम्हरों में भी मई माह में बैठक कर ग्रामीणों ने शराबबंदी का निर्णय लिया है। शराब बनाने पर 20 हजार रुपए, उपयोग करने वालों पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है। ग्राम शोधन पिपरिया में भी शराब बनाने और पीने पर प्रतिबंधित करते हुए जुर्माना भी निर्धारित किया गया है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here