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मावां-धीयां सत्कार योजना: अप्रैल से महिलाएं उठाएंगी लाभ, सरकार ने जारी की अधिसूचना, पंजीकरण निशुल्क

चंडीगढ़ 

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन बजट पेश करते समय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की थी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि योजना का लाभ महिलाओं को 2 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। पंजीकरण सेवा केंद्रों पर निःशुल्क होगा। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह आप सरकार की गारंटी थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं (सरकारी कर्मचारियों, पूर्व विधायकों, सांसदों तथा पेंशनभोगियों को छोड़कर) को इस योजना का लाभ मिलेगा।

योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,100 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

सीएम मान ने कहा कि यह एक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना है, इसलिए राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने अपील की कि जिन महिलाओं के बैंक खाते नहीं हैं, वे जल्द से जल्द खाता खुलवाएं। सीएम ने दावा किया कि प्रदेश की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं (लगभग 1.10 करोड़) इस योजना के दायरे में आएंगी।

क्या है यह योजना?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) की घोषणा की थी। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे।

इस महत्वकांक्षी योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है।

किन्हें नहीं मिलेगा इसका लाभ?
बता दें कि 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) में केवल वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी, पूर्व और वर्तमान सांसद/विधायक और आयकर दाताओं को इससे बाहर रखा गया है।

इसके अलावा, 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आएंगी।

कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को काफी सरल और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के लिए किन-किन माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं।

कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की पड़ेगी जरूरत?
'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' के लिए रजिस्ट्रेशन करने से पहले आपके पास पंजाब का निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, आयु प्रमाण पत्र, इनकम सर्टिफिकेट और राशन कार्ड जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है।

 

महिलाओं की आर्थिक भलाई पर जोर

सरकार ने 'मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना' को लागू करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। 2 अप्रैल के नोटिफिकेशन के अनुसार, मौजूदा सोशल सिक्योरिटी पेंशन पाने वाले भी इस स्कीम के तहत उन्हें पहले से मिल रही सोशल सिक्योरिटी पेंशन के अलावा पूरे फाइनेंशियल फायदे पाने के हकदार होंगे। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस स्कीम का मकसद पूरे राज्य में महिलाओं की फाइनेंशियल सिक्योरिटी और आजादी को मजबूत करना, घरेलू भलाई में सुधार करना, घरेलू फाइनेंशियल फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और पूरे पंजाब में जेंडर इक्विटी को बढ़ावा देना है। सभी पात्र महिलाओं की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और उनके पास वैलिड आधार और वोटर आईडी कार्ड होने चाहिए, साथ ही वे पंजाब के रजिस्टर्ड रेजिडेंट वोटर होने चाहिए।
इन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा

    पंजाब सरकार, या केंद्र सरकार, या देश के किसी दूसरे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की रेगुलर या रिटायर्ड कर्मचारी।
    राज्य या केंद्र सरकार के तहत बने किसी भी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्टैच्युटरी बोर्ड, कॉर्पोरेशन, कमीशन, कमेटी, डायरेक्टरेट, कोऑपरेटिव इंस्टीट्यूशन, या ट्रिब्यूनल से पेंशन पाने और पाने वाली रेगुलर या रिटायर्ड कर्मचारी।

    जिन महिलाओं ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में इनकम टैक्स दिया है, मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद या विधायक और मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक के पति/पत्नी को भी बाहर रखा जाएगा।

महिला बाल विकास विभाग लागू करेगा स्कीम

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि फाइनेंशियल फायदे लाभार्थियों को हाई-लेवल इम्प्लीमेंटेशन कमिटी द्वारा समय-समय पर तय किए गए शेड्यूल और फ्रीक्वेंसी के अनुसार जारी किए जाएंगे। फाइनेंशियल मदद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। इसमें कहा गया है कि पैसे बांटने के तरीके में अगर कोई बदलाव या मॉडिफिकेशन होता है, तो वह मुख्यमंत्री की मंजूरी से किया जा सकता है। स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन सभी तय सेंटर पर फ्री होगा, और किसी भी लाभार्थी से कोई फीस नहीं ली जाएगी। यह स्कीम सोशल सिक्योरिटी और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लागू की जाएगी।

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