भोपाल
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का शव कोहेफिजा क्षेत्र स्थित एक निजी छात्रावास में रह रही थी। उसकी लाश छात्रावास के बाथरूम में मिला। घटनास्थल के पास एसिड की खाली बोतल मिलने से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने बताया कि अलीराजपुर निवासी 19 वर्षीय रोशनी ने अक्तूबर माह में गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। वह कोहेफिजा इलाके में एक घर में पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी। बताया जा रहा है कि पढ़ाई ठीक से समझ में न आने के कारण वह लगातार तनाव में थी और सहपाठियों से भी अपनी परेशानी साझा करती रहती थी। मंगलवार सुबह जब रोशनी तय समय पर कॉलेज जाने के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ रहने वाली छात्राओं को चिंता हुई।
कई बार आवाज देने और फोन करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी गई। दरवाजा तोड़कर जब बाथरूम खोला गया, तो रोशनी वहां बेसुध पड़ी मिली। पास ही एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। घटना की जानकारी तत्काल कॉलेज प्रबंधन को दी गई। रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
हाल ही में घर से लौटी थी छात्रा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रोशनी एक सप्ताह पहले ही घर से लौटकर आई थी। वह शांत और गंभीर स्वभाव की थी। पुलिस को छात्रा के मोबाइल फोन से परिजनों को भेजे गए कुछ संदेश मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह पढ़ाई को लेकर मानसिक दबाव में थी और मेहनत के बावजूद विषय समझ नहीं पा रही थी। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मरच्यूरी भेज दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। कोहेफिजा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पढ़ाई के तनाव के चलते छात्रा ने यह कदम उठाया, हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।





