samacharsecretary.com

मेरठ: बारात का इंतजार और फिर पसरा सन्नाटा, प्रेमी दूल्हे ने ऐन वक्त पर दिया धोखा; सदमे में परिवार

मेरठ
मेहंदी से सजे हाथ, दुल्हन का जोड़ा, घर में सजी रोशनी और दरवाजे पर बारात के स्वागत की तैयारियां… सब कुछ वैसा ही था जैसा हर शादी में होता है. फर्क बस इतना था कि इस घर में बारात पहुंची ही नहीं. मेरठ के श्याम नगर में एक ऐसी ही शादी अधूरी रह गई, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया.

श्याम नगर की रहने वाली लड़की अपने निकाह के लिए पूरी तरह तैयार थी. हाथों में दूल्हे के नाम की मेहंदी सजी थी और आंखों में नए जीवन के सपने. घर में रिश्तेदार जुट चुके थे, मेहमानों के लिए इंतजाम किए जा चुके थे और हर कोई बारात के आने का इंतजार कर रहा था. रात को दूल्हे आरिफ को बारात लेकर पहुंचना था, लेकिन समय बीतता गया और बारात नहीं आई. पहले लोगों को लगा कि शायद रास्ते में देरी हो गई होगी, लेकिन धीरे-धीरे चिंता बढ़ने लगी. जब काफी देर तक बारात नहीं पहुंची, तो दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे को फोन करना शुरू किया. लेकिन फोन स्विच ऑफ.  घर में मौजूद लोग एक-दूसरे से सवाल पूछ रहे थे, लेकिन किसी के पास जवाब नहीं था. इंतजार का हर मिनट भारी होता जा रहा था.

दूल्हे के घर पहुंचा परिवार, मिला ताला
 दुल्हन पक्ष के कुछ लोग सीधे दूल्हे के घर पहुंच गए. लेकिन वहां का नजारा और भी चौंकाने वाला था. घर पर ताला लटका हुआ था. इससे साफ हो गया कि कुछ गड़बड़ है. दूल्हा और उसका परिवार बिना किसी सूचना के गायब हो चुका था. दुल्हन के परिजनों के मुताबिक, शादी के लिए 250 से 300 लोगों का इंतजाम किया गया था. खाने-पीने से लेकर सजावट तक हर चीज पर खास ध्यान दिया गया था. लेकिन बारात के न आने से सारी तैयारियां एक झटके में बेकार हो गईं. घर में खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया. मेहमान भी हैरान थे और परिवार के लोग सदमे में.

पिता की हालत बिगड़ी, परिवार पर टूटा दुख
इस घटना का सबसे ज्यादा असर दुल्हन के पिता पर पड़ा. बताया जा रहा है कि बारात न आने की खबर से उनकी तबीयत बिगड़ गई. परिवार के लोग उन्हें संभालने में लगे रहे, लेकिन हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे थे. घर में जहां कुछ घंटे पहले तक शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ था. जानकारी के मुताबिक, दुल्हन और दूल्हा आरिफ के बीच पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों के रिश्ते को परिवारों ने भी मंजूरी दे दी थी और बीच-बचाव के बाद निकाह की तारीख 2 अप्रैल 2026 तय की गई थी. हालांकि, बताया जा रहा है कि दूल्हे के कुछ परिजन इस निकाह के पक्ष में नहीं थे. बावजूद इसके, बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया था और शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं.

शादी के दिन ही बदली तस्वीर
सब कुछ तय होने के बाद भी शादी के दिन अचानक ऐसा मोड़ आएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था. जिस घर में खुशियों का माहौल था, वहां एक ही रात में सब कुछ बदल गया. दूल्हे के इस कदम ने न सिर्फ शादी को अधूरा छोड़ दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद दुल्हन का परिवार सीधे थाने पहुंचा. उन्होंने दूल्हा आरिफ और उसके परिजनों के खिलाफ तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का कहना है कि उन्हें बिना किसी सूचना के इस तरह छोड़ दिया गया, जिससे उनकी सामाजिक और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here