samacharsecretary.com

खेलों के नए केंद्र के रूप में दुनिया के सामने आएगा मेरठ

मेरठ

 मेरठ अब सिर्फ खेल प्रतिभाओं की धरती के रूप में नहीं, बल्कि खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण के उभरते केंद्र के तौर पर भी देश-दुनिया के सामने अपनी पहचान दर्ज कराने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-4.0 में प्रदेश के खेल क्षेत्र की बदलती तस्वीर पेश की जाएगी। इसके लिए पहली बार खेल विभाग का अलग पवेलियन तैयार किया जा रहा है। करीब 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस पवेलियन में मेरठ की खेल यूनिवर्सिटी प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी।
खेल विभाग के इस मंच पर प्रदेश की खेल उपलब्धियों, आधुनिक सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। खेल निदेशालय, प्रादेशिक विकास दल एवं युवा कल्याण विभाग, स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल यूनिवर्सिटी इसमें संयुक्त रूप से भाग लेंगे। डिजिटल डिस्प्ले से लेकर मॉडल और वीडियो प्रस्तुति तक, अलग-अलग माध्यमों से प्रदेश में खेल क्षेत्र में हुए बदलावों की जानकारी दी जाएगी।

खेल पढ़ाई से करियर तक, मेरठ की यूनिवर्सिटी पर नजर

ट्रेड शो में आने वाले लोगों को मेरठ की खेल यूनिवर्सिटी में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों की जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों, प्रवेश व्यवस्था, पात्रता और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण के नए विकल्पों की जानकारी मिलेगी।
प्रदेश की प्रमुख खेल परियोजनाओं को थ्री-डी मॉडल के जरिए भी समझाया जाएगा। मेरठ की खेल यूनिवर्सिटी के साथ अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर में विकसित हो रही खेल सुविधाओं के मॉडल पवेलियन में रखे जाएंगे। प्रदेश में तैयार हो रहे खेल ढांचे पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के जरिए भी आगंतुकों को विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां भी पवेलियन का हिस्सा होंगी। तस्वीरों, वीडियो और डिजिटल स्क्रीन पर खिलाड़ियों की सफलताओं को प्रदर्शित कर प्रदेश की खेल प्रतिभा की कहानी बताई जाएगी।

मैदान से डिजिटल दुनिया तक दिखेगा खेलों का नया अंदाज

युवाओं को सीधे खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए पवेलियन में इंटरएक्टिव गेमिंग जोन भी तैयार किया जा रहा है। फुटबॉल, हॉकी और टेबल टेनिस समेत चार खेलों पर आधारित डिजिटल गेम में आगंतुक खुद हिस्सा ले सकेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के तौर पर छोटे उपहार दिए जाएंगे।

पवेलियन में जेन-जी को ध्यान में रखते हुए फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश भी दिए जाएंगे। वहीं खेलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल और खिलाड़ियों के डिजिटल डेटा को व्यवस्थित करने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खेल प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उनके प्रदर्शन के विश्लेषण तक तकनीक की बढ़ती भूमिका को सामने लाना है।

युवा कल्याण विभाग की ओर से युवक मंगल दल और महिला मंगल दल की गतिविधियों, पुरस्कारों और उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। खेल विभाग के विशेष सचिव विनीत कुमार के अनुसार प्रदेश में खेल विद्यालयों, खेल विश्वविद्यालयों, स्पोर्ट्स हॉस्टल और उच्च उत्कृष्टता केंद्रों के जरिए खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को अवसर देने के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here