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मंत्री का सख्त संदेश: हरियाणा में 302 फेल खाद्य नमूने, त्योहारी सीजन में कोई ढील नहीं

चंडीगढ़
हरियाणा में आठ माह के भीतर खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग ने राज्य में खाद्य वस्तुओं के 1289 नमूने लिए हैं, जिनमें से 302 नमूने फेल निकले हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि त्योहारी सीजन में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि नकली एवं मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर दूध, दूध से बने उत्पादों तथा मिठाइयों की मांग में वृद्धि हो जाती है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व मिलावटखोरी करने से बाज नहीं आते, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में औचक निरीक्षण करने होंगे, लेकिन साथ ही यह भी हिदायत दी कि जांच के नाम पर व्यापारियों व दुकानदारों को अनावश्यक तंग न किया जाए।

आरती राव ने कहा कि मिठाई की दुकानों, डेयरियों, पैक्ड मिल्क प्रोडक्ट बनाने वाली फैक्ट्रियों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे नियमित अंतराल पर जांच करें, संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने भरें और रिपोर्ट आने पर दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री होती दिखाई दे तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दें।

खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग के आयुक्त ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में अब तक व्यापक स्तर पर निरीक्षण किए गए हैं। एक जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2025 तक कुल 1289 नमूने लिए गए, जिनमें से 987 नमूने सही पाए गए जबकि 302 नमूने फेल पाए गए। इन फेल नमूनों पर संबंधित दुकानदारों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। आयुक्त ने यह भी कहा कि नियमित रूप से चलाए जा रहे इस अभियान के चलते प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा जा रहा है।

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