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नसरीन शेख मालेगांव की नई मेयर, बुर्के में दिखी और अब जनता जानना चाह रही है उनकी पावर

मालेगांव

मालेगांव नगर निगम (MMC) के मेयर चुनाव में इस्लाम पार्टी की नसरीन शेख (Nasreen Sheikh) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. उन्‍हें लेकर सोशल मीडिया पर बुर्के वाली मेयर के रूप में चर्चाएं इन दिनों आम हैं. नसरीन शेख ने शिवसेना (शिंदे गुट) की उम्मीदवार लता घोडके को हराकर यह पद हासिल किया है. नसरीन बानो शेख मालेगांव की सक्रिय राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से जमीनी स्तर पर जुड़ी रही हैं. वह मूल रूप से एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं लेकिन उनका परिवार राजनीति में काफी प्रभावशाली रहा है.

• पारिवारिक व्यवसाय और पृष्ठभूमि: नसरीन शेख का परिवार पारंपरिक रूप से पावरलूम (Powerloom) व्यवसाय से जुड़ा हुआ है. मालेगांव एक बुनकर बहुल शहर है जहां उनके परिवार का अच्छा-खासा व्यापारिक आधार है.

• शिक्षा: नसरीन शेख की शुरुआती और उच्च शिक्षा मालेगांव में ही हुई है. स्थानीय स्तर पर उन्हें एक शिक्षित और जागरूक महिला के रूप में पहचाना जाता है. नसरीन शेख स्नातक (Graduate) हैं. उन्होंने अपनी शिक्षा मालेगांव के ही शिक्षण संस्थानों से पूरी की है. वह उर्दू और मराठी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखती हैं.

• राजनीतिक करियर: नसरीन ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत नगरसेवक के रूप में की थी. वह ‘इस्लाम पार्टी’ के टिकट पर चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचीं. उनकी पार्टी ने इस बार मालेगांव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के साथ गठबंधन (मालेगांव सेक्युलर फ्रंट) कर सत्ता हासिल की है. नसरीन शेख दिवंगत पूर्व विधायक रशीद शेख की बहू हैं. उनके पति शेख खालिद भी राजनीति में सक्रिय हैं. उनके परिवार के सदस्य आसिफ शेख (पूर्व विधायक) ने ही ‘इस्लाम पार्टी’ (ISLAM Party) की स्थापना की है. उनकी सास ताहिरा शेख भी 2012 और 2022 के बीच मालेगांव की मेयर रह चुकी हैं. यानी मेयर का पद उनके परिवार के लिए नया नहीं है.

जीत का समीकरण: कैसे बनीं मेयर?
मालेगांव नगर निगम में कुल 84 सीटें हैं, जहां बहुमत के लिए 43 पार्षदों के समर्थन की जरूरत थी. नसरीन शेख को अपनी पार्टी के 35 पार्षदों के अलावा सपा और कांग्रेस का साथ मिला.

उम्मीदवार            पार्टी          मिले वोट
नसरीन शेख    इस्लाम पार्टी       43
लता घोडके    शिवसेना (शिंदे)    18

सैलरी और नगर निगम का बजट
मालेगांव नगर निगम का बजट शहर के बुनियादी ढांचे और बुनकर समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित रहता है.

• मेयर की सैलरी: महाराष्ट्र के नगर निगम नियमों के अनुसार, मेयर को सीधा ‘वेतन’ नहीं बल्कि मानदेय (Honorarium) और भत्ते मिलते हैं. यह राशि लगभग 20,000 से 25,000 रुपये प्रति माह के बीच होती है. इसके अलावा उन्हें सरकारी आवास, गाड़ी और अन्य प्रोटोकॉल सुविधाएं प्रदान की जाती हैं.

• नगर निगम बजट: मालेगांव नगर निगम का वार्षिक बजट लगभग 700 से 900 करोड़ रुपये के बीच रहता है. यह बजट मुख्य रूप से जलापूर्ति, सड़क निर्माण और सफाई व्यवस्था के लिए आवंटित किया जाता है.

नसरीन शेख के साथ नई टीम
नसरीन शेख के साथ शान-ए-हिंद निहाल अहमद (समाजवादी पार्टी) को डिप्टी मेयर चुना गया है. यह मालेगांव के इतिहास में पहली बार है जब मेयर और डिप्टी मेयर दोनों ही महिलाएं हैं. नसरीन शेख ने अपनी प्राथमिकता में शहर की सफाई व्यवस्था और हॉस्पिटल्स की स्थिति को सुधारना बताया है.

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