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मॉडल स्कूलों के छात्रों को नई ड्रेस, शिक्षकों के लिए जारी होंगे पहचान पत्र

भागलपुर.

राज्य भर के मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब अलग ड्रेस लागू की जाएगी। जिले के 16 मॉडल स्कूलों समेत पूरे बिहार के 534 मॉडल विद्यालयों के लिए यह ड्रेस बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा डिजाइन की जाएगी। इस संबंध में दो अप्रैल को हुई बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने राज्य परियोजना निदेशक को आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मॉडल विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए अलग पहचान पत्र बनाया जाएगा, जिससे विशिष्ट पहचान सुनिश्चित हो सके। यह सुझाव अररिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा दिया गया था, जिसे स्वीकार करते हुए इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बिहार शिक्षा परियोजना परिषद को सौंपी गई है। मॉडल स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा 10 अप्रैल को पुनः प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का भी आदेश दिया गया है। इसके अलावा जिन विद्यालयों में कम लागत में मरम्मत या आधारभूत संरचना सुधार की आवश्यकता है, वहां बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर मिली जानकारी के मुताबिक जिले के आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों में इस तरह के कार्य की जरूरत बताई गई है।

वहीं, शौचालय निर्माण को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि कक्षाओं के सामने निर्माण न कर एकांत स्थान, विशेषकर बालिका शौचालय सुरक्षित जगह पर बनाया जाए। जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी मॉडल स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक को सौंपने और उसकी सत्यता की पुष्टि करने का निर्देश दिया गया है।

मॉडल स्कूलों के संचालन के लिए प्रबंधन इकाई गठित
जिले के 16 सहित राज्य के 534 मॉडल स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए विभागीय स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया गया है। यह इकाई प्रत्येक बुधवार को बैठक कर सभी विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करेगी।
समीक्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या आने पर उसके समाधान के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सूचित किया जाएगा, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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