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नीतीश कुमार का चुनावी दांव: शिक्षा लोन होगा इंटरेस्ट फ्री, EMI चुकाने को मिलेगा ज्यादा समय

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से नीतीश सरकार ने छात्र-छात्राओं को बिना ब्याज के एजुकेशन लोन देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह घोषणा की। सीएम ने कहा कि अभी 12वीं कक्षा पास विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत एजुकेशन लोन दिया जाता है। इस पर 4 फीसदी ब्याज दर लागू थी, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। साथ ही, लोन को चुकाने के लिए EMI (किस्त) की मियाद भी बढ़ा दी गई है।

सीएम नीतीश ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “सात निश्चय योजना के तहत बिहार में 12वीं पास छात्र जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए 2 अक्टूबर 2016 से स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लागू है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत अधिकतम 4 लाख रुपए का शिक्षा ऋण सामान्य आवेदक को 4 प्रतिशत ब्याज दर पर तथा महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेन्डर आवेदक को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है। अब इस योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले एजुकेशन लोन की राशि सभी आवेदकों के लिए ब्याज रहित होगी।”

लोन चुकाने के लिए अब ज्यादा समय मिलेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 2 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन को 60 मासिक किस्तों (5 साल) में वापस करने का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर अधिकतम 84 मासिक किस्तों (7 साल) कर दिया गया है। वहीं, 2 लाख से ऊपर के लोन को चुकाने की अवधि अब तक 7 साल थी, जिसे बढ़ाकर अधिकतम 120 मासिक (10 साल) किस्तों में कर दिया गया है।

सीएम नीतीश ने कहा कि हम लोगों का उद्देश्य है कि राज्य के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उच्च शिक्षा के लिए दिए जाने वाले एजुकेशन लोन की सुविधा से छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक उत्साह एवं लगन से हायर एजुकेशन ले सकेंगे। इस तरह वे अपने भविष्य के साथ-साथ राज्य एवं देश का भविष्य भी संवार सकेंगे।

बता दें कि नीतीश की इस घोषणा को चुनावी दांव के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में अगले महीने विधानसभा चुनावों की घोषणा संभव है। इससे पहले नीतीश सरकार ने कई लोकलुभावन फैसले लिए हैं। ब्याज फ्री एजुकेशन लोन से पहले बिहार के लोगों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को रोजगार के लिए 10 हजार रुपये समेत अन्य कई घोषणाएं हो चुकी हैं।

 

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