samacharsecretary.com

अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा: ED ने चेयरमैन की करोड़ों की संपत्ति जब्त की, जांच तेज

नई दिल्ली 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अल फलाह ग्रुप के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 39.45 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। इस संपत्ति में दिल्ली के जामिया नगर का एक घर, फरीदाबाद में खेती की जमीन और कई बैंक खाते शामिल हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी यह जांच छात्रों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में की जा रही है। 61 वर्षीय सिद्दीकी फिलहाल जेल में हैं। उनकी यूनिवर्सिटी पहले भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रही है। इससे पहले ईडी इस मामले में यूनिवर्सिटी की 140 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है।

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी ने अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के दिल्ली के जामिया नगर में एक घर, फरीदाबाद में खेती की जमीन और कई बैंक खातों में जमा 39 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है। ईडी की ओर से पीएमएलए कानून के तहत इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है।

जब्त संपत्तियों में घर, जमीन और रकम शामिल

सूत्रों के अनुसार, ईडी की ओर से जब्त की गई संपत्तियों में दिल्ली के जामिया नगर का एक घर, फरीदाबाद के धौज में खेती की जमीन और बैंक खातों में जमा पैसे शामिल हैं। इन संपत्तियों की कुल कीमत 39.45 करोड़ रुपये है। बता दें कि 61 वर्षीय जवाद अहमद सिद्दीकी अभी जेल में हैं। जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के उस मामले में हुई है। यह मामला छात्रों के साथ धोखाधड़ी से जुड़ा है।

लाल किला ब्लास्ट से चर्चा में अल फलाह यूनिवर्सिटी

फरीदाबाद में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी जांच एजेंसियों की नजर में तब आई जब वे 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में एक बम धमाका हुआ था। इस धमाके में 15 लोगों की जान गई थी। एजेंसियों की जांच में एक ह्वाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल का पता चला था। इस मामले में सिद्दीकी को पिछले साल ईडी ने गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने पहले ही यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपये की जमीन और इमारत को जब्त कर लिया है।

क्या आरोप?

सिद्दीकी के अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से चलाए जा रहे संस्थानों पर छात्रों से धोखाधड़ी के आरोप थे। एजेंसी का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने 2018 से 2025 के बीच 415.10 करोड़ रुपये जुटाए और छात्रों के पैसे का निजी इस्तेमाल किया। 24 मार्च को ईडी ने सिद्दीकी को एक अन्य धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया जिसमें जांच से पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए गलत तरीके से जमीन हड़पी थी। सिद्दीकी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर इस जालसाजी को अंजाम दिया।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here