samacharsecretary.com

500 रुपए में घर पर बार खोलने का मौका, भोपाल में नए साल के लिए जारी होम बार लाइसेंस

भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बार नए साल का स्वागत बेहद खास और 'नशे' की कानूनी अड़चनों से मुक्त होने जा रहा है। आबकारी विभाग ने शौकीनों के लिए एक शानदार सौगात पेश की है। इसकी मदद से मात्र 500 रुपये की मामूली फीस चुकाकर अपने घर को ही एक दिन के लिए वैध 'बार' में तब्दील कर सकते हैं। न्यू ईयर से पहले आबकारी की यह गाइडलाइन आई है।

गाइडलाइन के बाद 31 दिसंबर की रात दोस्तों के साथ जाम छलकाने की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है। अब घर की छत या ड्राइंग रूम में होने वाली पार्टी पर पुलिस या आबकारी विभाग का छापा पड़ने का डर खत्म हो जाएगा। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ द्वारा जारी यह नई गाइडलाइन न केवल निजी पार्टियों को कानूनी कवच दे रही है, बल्कि बड़े आयोजनों के लिए भी इसमें स्पष्ट रास्ते खोले गए हैं।

इतनी आसान है लाइसेंस प्रक्रिया
विभाग ने लाइसेंस लेने की पूरी प्रक्रिया को इतना आधुनिक और सरल बना दिया है। इससे आपको सरकारी दफ्तरों की धूल फांकने की कतई जरूरत नहीं पड़ेगी। बस अपने मोबाइल से 'Eaabkari' पोर्टल या ऐप पर जाइए। ओटीपी के जरिए लॉग-इन कीजिए और पलक झपकते ही आपका 'वन-डे लाइसेंस' आपके हाथ में होगा।

इतनी कीमत पर मिलेगा लाइसेंस
दरअसल, घर की निजी महफिल के लिए महज 500 रुपये का शुल्क है। वहीं, मैरिज गार्डन या सामुदायिक भवनों में होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए यह फीस 5 हजार रुपये है। इसके अलावा लॉजिंग सुविधा वाले होटलों के लिए 10 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

पार्टी के लिए अलग है नियम
हालांकि, अगर आप इस जश्न को बड़े व्यावसायिक स्तर पर ले जाने की सोच रहे हैं, तो नियमों का दायरा थोड़ा बढ़ जाता है। यदि पार्टी में एंट्री टिकट के जरिए दी जा रही है, तो 500 लोगों की भीड़ तक आपको 25 हजार रुपये देने होंगे। वहीं, 5 हजार से ज्यादा की भीड़ होने पर 2 लाख रुपये तक का लाइसेंस शुल्क चुकाना होगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिस स्थान के लिए अनुमति ली गई है, शराब का सेवन केवल वहीं तक सीमित रहना चाहिए। सामान्य तौर पर परिवहन के लिए बोतलों की संख्या सीमित है, लेकिन इस ऑनलाइन आवेदन में आप अपनी डिमांड के अनुसार स्टॉक की जानकारी पहले ही दे सकते हैं। भोपाल में करीब 350 से अधिक होटल और ढाबा संचालकों के साथ-साथ हजारों आम नागरिकों के लिए यह व्यवस्था नए साल के जश्न को और भी बेखौफ और यादगार बनाने वाली है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here