samacharsecretary.com

पेसा एक्ट को दी हरी झंडी, रांची में आदिवासी समुदाय में उल्लास का माहौल

रांची

झारखंड में पेसा नियमावली लागू होने की खुशी में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आदिवासी-मूलवासी समाज की ओर से भव्य जश्न मनाया गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए उत्साहपूर्वक खुशी जाहिर की।

केंद्रीय सरना समिति के नेतृत्व में कार्यक्रम के दौरान पटाखे फोड़े गए, एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाइयां दी गईं और नारेबाजी के साथ उत्सव मनाया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस फैसले को आदिवासी समाज के अधिकारों की दिशा में मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय तिर्की ने कहा कि पेसा नियमावली आदिवासी स्वशासन, आत्मनिर्भरता और अधिकारों की मजबूत रीढ़ है। उन्होंने कहा कि इस नियमावली के तहत ग्रामसभा को सर्वोच्च निर्णयकारी संस्था का दर्जा दिया गया है, जिससे अब गांव से जुड़े विकास कार्य, योजनाएं और नियम ग्रामसभा की सहमति से ही लागू होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जल, जंगल, जमीन, खनिज एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और उपयोग का अधिकार ग्रामसभा को मिलना आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

इससे आदिवासी समुदाय को अपने संसाधनों और भविष्य पर अधिकार मिलेगा
लक्ष्मी नारायण मुंडा ने राज्य सरकार के इस फैसले को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे आदिवासी समुदाय को अपने संसाधनों और भविष्य पर अधिकार मिलेगा। इस अवसर पर विजय कच्छप, प्रकाश हंस, अनिल पुरती, कृष्णा लोहरा, संजय लोहरा, श्यामलाल, गौतम उरांव, अजय कच्छप, बाहा उरांव, कृष्णा मुंडा, डब्लू कच्छप, माना, अशोक कच्छप, पुष्पा कुमारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here