samacharsecretary.com

‘राहुल गांधी को पढ़ाने’ की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने सावरकर मामले में दखल से किया इनकार

मुंबई 
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर “अपरिपक्व टिप्पणी” की है। मांग की कि अदालत द्वारा राहुल गांधी को याचिका पढ़ने का निर्देश दिया जाए।

यह याचिका डॉ. पंकज फडनीस द्वारा दायर की गई थी। वह अभिनव भारत कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी याचिका में मांग की थी कि अदालत राहुल गांधी को निर्देश दे कि वे याचिका को पढ़ें ताकि उनकी "सावरकर को लेकर अज्ञानता" दूर हो सके। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता का दावा था कि राहुल गांधी के बयान ने उनके उस मौलिक कर्तव्य के पालन के अधिकार का उल्लंघन किया है, जिसमें संविधान नागरिकों को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को संजोने और उनका पालन करने की बात कहता है।

कोर्ट ने खारिज की याचिका
मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति संदीप मरने की खंडपीठ ने स्पष्ट किया, “हम राहुल गांधी को कोई याचिका पढ़ने का निर्देश नहीं दे सकते। किसी नेता की सोच या विचारधारा को बदलने के लिए अदालत कोई बाध्यकारी आदेश नहीं दे सकती।” डॉ. पंकज द्वारा इसी विषय पर पहले सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने ने भी यह यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि अदालत इस तरह के मुद्दों पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here